dhirendra_vishwakarma_

dhirendra_vishwakarma_ Contact information, map and directions, contact form, opening hours, services, ratings, photos, videos and announcements from dhirendra_vishwakarma_, Education, Dahej.

20/02/2023

Bhartiya mahila team ko semifinal me pahuchane ke liye Hardik subhkamnaye

14/02/2023
02/02/2023

भारत का कौन सा राज्य सबसे ज्यादा गदर 2 का इंतजार कर रहा है

हमने खुद में ही तरासा है खुद कोवरनाजिंदगी बीत जाती जौहरी को ढूँढते-ढूँढते___!!
01/08/2022

हमने खुद में ही तरासा है खुद को

वरना
जिंदगी बीत जाती जौहरी को ढूँढते-ढूँढते___!!

02/07/2022



आत्महत्या कभी अंतिम विकल्प नहीं होती
छिछोरे और महेंद्र सिंह धोनी जैसी फिल्मों में अभिनय कर संघर्ष से उठकर जिंदादिली का पाठ सिखाने वाले सुशांत सिंह राजपूत ने फांसी लगा कर आत्महत्या कर ली ।

पिछ्ले कुछ सालों में IAS और फिल्मी दुनिया के बहुत से लोगों की आत्महत्या इस बात की ओर इशारा कर रही है कि सफलता की परिभाषा जो हमें समाज में दिखाई जा रही है, वह पूर्णतः सत्य नहीं है ।

मैं रोज बहुत से युवाओं का Status सोशल-मीडिया पर देखता हूँ,
Feeling alone, feeling sad, जैसे Status से सोशल-मीडिया भरा पड़ा है,,,
अधिकतर युवा आकर्षण वाले प्रेम के दलदल से खुद को बाहर निकाल ही नहीं पा रहे हैं,
नौकरी, परिवार और भी पता नहीं कौन-कौन से दर्द, युवा अपने मन में लिये घूम रहे हैं,,

सोशल-मीडिया पर भले ही आपके दोस्तों की लिस्ट बहुत लंबी हो पर वास्तविकता यह है, की वर्तमान में अधिकतर युवा अकेलेपन का शिकार हो रहे हैं,
ऐसे सभी युवाओं से मेरी अपील है कि ,आभासी दुनिया (सोशल-मीडिया) पर नहीं वास्तविक दुनिया में दोस्त बनायें,
ऐसे दोस्त जिनको आप अपने मन की बातें बता सकें, और जो आपको अच्छी सलाह दे सकें,
ऐसे दोस्त जिनके साथ आप खुल के हँस सकें,

और इतनी सी उम्र में ये चिंता लेना छोड़ दीजिए,
खुल के जीना सीखिये,
अपना कर्तव्य पूरा करते रहिए बस और सब कुछ उस ईश्वर पर छोड़ दीजिए ।
अपनी खुशियों पर बंदिश मत लगाइये कि कुछ हो जायेगा फिर खूब खुश होंगे,
अभी हँसना सीखिये,
बिन बात के हँसना सीखिये, वो गाना तो सुना ही होगा, "Love you Zindgi" बस अब यही करना है,

याद रखिये ये समय अगर निकल गया,waps कभी भी नहीं aayega....
क्या आप किसी Person या Problem ,की वजह से अपनी ज़िंदगी ही जीना ही छोड़ देंगे क्या,,,
कल सुबह जल्दी जागिये, छत पर जाइये, प्रकृति को चारों तरफ देखिये,बस अब और नहीं अब से मुझे बस खुश रहना है, में सब कुछ कर सकता/सकती हूँ ।'

╭─❀⊰ 𝐉𝐨𝐢𝐧
🔺

एक स्त्री की वेदना....बचपन में खाना मनपसंद न हो तो मां दस और ऑप्‍शन देती।अच्‍छा घी-गुड़ रोटी खा लो, अच्‍छा आलू की भुजिया...
03/06/2022

एक स्त्री की वेदना....

बचपन में खाना मनपसंद न हो तो मां दस और ऑप्‍शन देती।

अच्‍छा घी-गुड़ रोटी खा लो, अच्‍छा आलू की भुजिया बना देती हूं। मां नखरे सहती थी, इसलिए उनसे लडियाते भी थे। लेकिन बाद में किसी ने इस तरह लाड़ नहीं दिखाया। मैं भी अपने आप सारी सब्जियां खाने लगीं।

मेरी जिंदगी में मां सिर्फ एक ही है। दोबारा कभी कोई मां नहीं आई, हालांकि बड़ी होकर मैं जरूर मां बन गई।

पति कब छोटा बच्‍चा हो जाता है, कब उस पर मुहब्‍बत से ज्‍यादा दुलार बरसने लगता है, पता ही नहीं चलता। उनके सिर में तेल भी लग जाता है, ये परवाह भी होने लगती है कि उसका पसंदीदा (फेवरेट ) खाना बनाऊं, उसके नखरे भी उठाए जाने लगते हैं।

लड़कों की जिंदगी में कई माएं आती हैं। बहन भी मां हो जाती है, पत्‍नी तो होती ही है, बेटियां भी एक उम्र के बाद बूढ़े पिता की मां ही बन जाती हैं, लेकिन लड़कियों के पास सिर्फ एक ही मां है।

बड़े होने के बाद उसे दोबारा कोई मां नहीं मिलती। वो लाड़- दुलार, नखरे, दोबारा कभी नहीं आते।

लड़कियों को जिंदगी में सिर्फ एक ही बार मिलती है

मां….!

Education

Address

Dahej

Website

Alerts

Be the first to know and let us send you an email when dhirendra_vishwakarma_ posts news and promotions. Your email address will not be used for any other purpose, and you can unsubscribe at any time.

Shortcuts

Share

Category