14/09/2026
हिंदी पखवाड़ा समारोह – 2026
हिंदी विभाग द्वारा हिंदी पखवाड़ा समारोह के अंतर्गत 1 -14 सितंबर 2026 के दौरान विद्यार्थियों में हिंदी भाषा के प्रति रुचि, गौरव एवं रचनात्मकता विकसित करने के उद्देश्य से विभिन्न गतिविधियों एवं प्रतियोगिताओं का आयोजन किया गया। इस वर्ष की थीम “हिंदी : पारंपरिक ज्ञान से कृत्रिम बुद्धिमत्ता तक (From Traditional Knowledge to Artificial Intelligence)” रही। पिछले वर्ष की थीम “शुद्ध पढ़ो, शुद्ध लिखो” के माध्यम से भाषा की शुद्धता पर बल दिया गया था, जबकि इस वर्ष हिंदी को आधुनिक तकनीक एवं कृत्रिम बुद्धिमत्ता से जोड़ने पर विशेष ध्यान दिया गया।
कक्षा 3 एवं 4 – कार्टून पात्र अभिनय:
विद्यार्थियों ने अपने पसंदीदा कार्टून पात्रों का अभिनय प्रस्तुत किया।
उद्देश्य - विद्यार्थियों में कल्पनाशीलता, संवाद-कौशल, भाव-अभिव्यक्ति एवं आत्मविश्वास का विकास करना था। गतिविधि के माध्यम से विद्यार्थियों ने हिंदी में प्रभावी ढंग से संवाद प्रस्तुत करना तथा अच्छे मूल्यों एवं संदेशों को अभिव्यक्त करना सीखा।
कक्षा 5 एवं 6 – कॉमिक स्ट्रिप:
विद्यार्थियों ने चित्रों एवं संवादों के माध्यम से रचनात्मक कॉमिक स्ट्रिप तैयार की।
उद्देश्य -उनकी सृजनात्मकता, कल्पनाशक्ति, लेखन-कौशल एवं भाषा-अभिव्यक्ति को बढ़ावा देना था। इससे विद्यार्थियों ने कम शब्दों में प्रभावी एवं रोचक ढंग से विचार प्रस्तुत करना सीखा।
कक्षा 7 एवं 8 – समाचार वाचन:
विद्यार्थियों ने समाचारों का प्रभावी वाचन प्रस्तुत किया। *
उद्देश्य* - शुद्ध उच्चारण, स्पष्ट वाचन, स्वर-उतार-चढ़ाव, आत्मविश्वास एवं प्रभावी संप्रेषण-कौशल का विकास करना था। विद्यार्थियों ने समाचार प्रस्तुति के माध्यम से भाषा के व्यावहारिक प्रयोग को समझा।
इसके अतिरिक्त विद्यार्थियों के लिए कविता पाठ, दोहा गायन, स्लोगन प्रस्तुति एवं त्वरित प्रश्नोत्तरी जैसी गतिविधियाँ भी आयोजित की गईं। इनका उद्देश्य विद्यार्थियों में साहित्यिक रुचि, शब्द-भंडार, त्वरित चिंतन, रचनात्मक अभिव्यक्ति तथा हिंदी भाषा के प्रति आत्मीयता विकसित करना था।
हिंदी पखवाड़ा समारोह के अंतर्गत 11 सितंबर को मुख्य समारोह का शुभारंभ दीप प्रज्वलन एवं पुष्पगुच्छ अर्पण से हुआ। इसके पश्चात स्वागत संगीत, कविता पाठ, विद्यार्थी द्वारा भाषण, शिक्षिका द्वारा काव्य-पाठ, प्रधानाचार्या एवं शिक्षक के संबोधन, दोहा गायन, त्वरित प्रश्नोत्तरी एवं स्लोगन प्रस्तुति ने कार्यक्रम को गरिमापूर्ण एवं आकर्षक बनाया। विभिन्न प्रतियोगिताओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों को पुरस्कार प्रदान कर प्रोत्साहित किया गया।
अपने संबोधन में प्रधानाचार्या जी ने विद्यार्थियों को निरंतर हिंदी के प्रति रुचि जाग्रत रखने तथा हिंदी से जुड़ी भविष्य की संभावनाओं के प्रति जागरूक रहने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने न केवल हिंदी को शुद्ध पढ़ने, बोलने और समझने पर विशेष बल दिया बल्कि इस वर्ष की थीम “हिंदी : पारंपरिक ज्ञान से कृत्रिम बुद्धिमत्ता तक” का उल्लेख करते हुए बताया कि हिंदी हमारी समृद्ध परंपरा और पारंपरिक ज्ञान को आधुनिक तकनीक एवं कृत्रिम बुद्धिमत्ता से जोड़ने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है। उन्होंने विद्यार्थियों को हिंदी के साथ तकनीकी एवं डिजिटल क्षेत्र में आगे बढ़ने के लिए प्रोत्साहित किया। उनके प्रेरणादायी संदेश से विद्यार्थी अत्यंत प्रभावित एवं उत्साहित हुए।
कार्यक्रम के माध्यम से विद्यार्थियों में शुद्ध उच्चारण, प्रभावी अभिव्यक्ति, रचनात्मक सोच, आत्मविश्वास, त्वरित चिंतन एवं स्वस्थ प्रतिस्पर्धा जैसे कौशल विकसित हुए। साथ ही, उन्हें हिंदी की समृद्ध परंपरा, संस्कृति तथा आधुनिक तकनीक के साथ उसके संबंध को समझने का अवसर मिला।
कार्यक्रम के समापन पर विद्यार्थियों ने संकल्प लिया कि वे हिंदी का शुद्ध उच्चारण एवं शुद्ध प्रयोग करेंगे, अपने हिंदी भाषा-कौशल को निरंतर बेहतर बनाएँगे तथा हिंदी के प्रचार-प्रसार में सक्रिय रूप से सहभागिता करेंगे। इस प्रकार हिंदी पखवाड़ा समारोह विद्यार्थियों के लिए एक ज्ञानवर्धक, रचनात्मक एवं प्रेरणादायक अनुभव रहा।
“हिंदी केवल हमारी भाषा नहीं, बल्कि हमारी संस्कृति, पहचान और भविष्य की संभावनाओं से जुड़ा सशक्त माध्यम है।”
हिंदी विभाग