Nisar Indian

Nisar Indian Name – Mr. Nisar Indian
Qualification : B.sc, M.A., Bed, Animal Diploma
CEO : Nisar Indian YouTube Channel
Director : Bharat Agro Foundation

1.

Training : Goat, Sheep, Dairy, Poultry , Piggry , ।। Whatsapp : 8079043733 (Human)
(Call 9 Am to 5 PM)
https://youtube.com/
वेबसाइड : https://nisarindia.com
🫵Follow Now👇✅ फ्री ट्रेनिंग के लिए YouTube Channel : NISAR INDIAN – किसान साथी
अवार्ड : सिल्वर प्ले बटन , Subscriber : लगभग 2 लाख , विडियो : 500+ ,
अबतक दर्शक : 9 मिलियन दर्शक लोकेशन : 26 देश , कार्यक

ाल : 9 वर्ष

2. MOA ( एग्रीमेंट)
ICAR- CIRG ( केन्द्रीय बकरी अनुसंधान केंद्र – मथुरा (UP)
IITM मद्रास ( भारत सरकार ) ( RSETI- के लिए विडियो कोर्स निर्माण ) –
- (बकरी पालन , भेड़ पालन , मुर्गी पालन , डेरी फार्म , वरमीकोंपोस्ट निर्माण )
कृषि विज्ञान केंद्र चांदगोठी द्वारा तकनीकी सहयोग

3. सम्मान पत्र :
श्रीमान राज्यपाल महोदय – राजस्थान सरकार द्वारा बधाई पत्र संदेश
पुर्व चिकित्सा मंत्री व पूर्व नेता प्रतिपक्ष – श्रीमान राजेंद्र सिंह राठोड द्वारा बधाई पत्र संदेश
सरपंच – ग्राम पंचायत मोडावासी द्वारा बधाई संदेश

4. रिसर्च प्रोजेक्ट : जो चल रहे है बकरी नस्ल सुधार : सिरोही , बरबरी बकरी नस्ल सुधार कार्यक्रम नई नस्ल : सिरोही + जखराना नस्ल से नई नस्ल प्राप्त करना ( मीट + दूध एक ही नस्ल मे ) हरा चारा : 1200 TDS पानी व 0 से 55 डिग्री तापमान मे ताईवानी हाइब्रीड नेपियर घास को सफलतापूर्क लगाया शेड निर्माण : तापमान रोधी व सस्ता पशु शेड निर्माण उत्पाद : बकरी के दूध से साबुन निर्माण वर्षा जल संग्रहण : पशु शेड से वर्षा जल संग्रहण के डिजाइन का सफलतापूर्क सम्पादन

5. पशुपालन प्रशिक्षण :
ऑनलाइन माध्यम से : 96 लाख लोगो को पशुपालन प्रशिक्षण ( यूट्यूब , प्ले स्टोर एप्लिकेशन)
ऑफलाइन प्रशिक्षण : 5000 लोगो को पशुपालन प्रशिक्षण
( प्रशिक्षण स्थल : निसार इंडियन गोट ब्रीडिंग फ्राम मोड़ावासी , KVK चांदगोठी , RSETI झुञ्झुणु व लोहारु )

19/08/2026

Next Goat and Sheep Offline Training 11 to 15 Sept 2026 at Nisar Indian Training Center Modawasi Churu Rajasthan WhatsApp: 8079043733

18/08/2026

अगला व्यावसायिक भेड़ बकरी पालन प्रशिक्षण
11 से 15 सितंबर 2026
Whatsapp : 080790 43733

WhatsApp: 8079043733
18/08/2026

WhatsApp: 8079043733

व्यावसायिक भेड़-बकरी पालन में प्रशिक्षण क्यों जरूरी है?निसार इंडियन के व्यावहारिक अनुभवों पर आधारित विशेष लेखआज के समय म...
18/08/2026

व्यावसायिक भेड़-बकरी पालन में प्रशिक्षण क्यों जरूरी है?

निसार इंडियन के व्यावहारिक अनुभवों पर आधारित विशेष लेख

आज के समय में भेड़-बकरी पालन ग्रामीण युवाओं, किसानों और नए उद्यमियों के लिए एक आकर्षक व्यवसाय बनकर उभर रहा है। इसमें सही नस्ल, उचित प्रबंधन, संतुलित पोषण, स्वास्थ्य देखभाल और बाजार की समझ के साथ अच्छी आय की संभावनाएँ हो सकती हैं।

लेकिन केवल पशु खरीद लेना और फार्म शुरू कर देना सफलता की गारंटी नहीं है। व्यावसायिक भेड़-बकरी पालन में व्यावहारिक प्रशिक्षण, सही प्रबंधन और वैज्ञानिक जानकारी बहुत महत्वपूर्ण हैं।

निसार इंडियन के प्रशिक्षण कार्यक्रमों का उद्देश्य केवल प्रमाणपत्र देना नहीं, बल्कि पशुपालकों को फार्म पर आने वाली वास्तविक परिस्थितियों के लिए तैयार करना है।

1. बीमारियों और बच्चों की मृत्यु से होने वाले नुकसान को कम करना

भेड़-बकरी पालन में नवजात बच्चों की उचित देखभाल सबसे महत्वपूर्ण कार्यों में से एक है। दस्त, निमोनिया, कमजोरी, संक्रमण और पोषण संबंधी समस्याओं की पहचान समय पर न होने पर बड़ा आर्थिक नुकसान हो सकता है।

प्रशिक्षण में पशुपालकों को सिखाया जाता है:

* बीमार पशु के शुरुआती लक्षणों की पहचान।
* नवजात मेमनों और बच्चों की उचित देखभाल।
* दस्त और डिहाइड्रेशन जैसी समस्याओं में प्राथमिक प्रबंधन।
* कब पशु चिकित्सक की सहायता लेना आवश्यक है।
* दवाइयों का उपयोग केवल उचित सलाह और निर्धारित मात्रा के अनुसार कैसे करें।

सही समय पर सही निर्णय लेना ही पशुपालन में नुकसान कम करने की सबसे बड़ी कुंजी है।

2. टीकाकरण और डीवार्मिंग का सही प्रबंधन

PPR, FMD और Enterotoxaemia (ET) जैसी बीमारियाँ भेड़-बकरियों के लिए गंभीर समस्या बन सकती हैं। इसलिए फार्म पर टीकाकरण और रोग-निवारण की योजना बनाना आवश्यक है।

व्यावहारिक प्रशिक्षण में पशुपालकों को समझाया जाता है:

* टीकाकरण का महत्व।
* वैक्सीन के भंडारण और उपयोग में सावधानियाँ।
* फार्म की स्थिति के अनुसार स्वास्थ्य कैलेंडर तैयार करना।
* डीवार्मिंग का उचित प्रबंधन।
* पशुओं की पहचान और रिकॉर्ड रखना।

ध्यान रखें कि किसी भी वैक्सीन या दवा का उपयोग स्थानीय पशु चिकित्सक/पशु स्वास्थ्य विशेषज्ञ की सलाह और संबंधित उत्पाद के निर्देशों के अनुसार करना चाहिए।

3. कम लागत में बेहतर शेड निर्माण

नए पशुपालक अक्सर फार्म शुरू करते समय शेड पर जरूरत से ज्यादा पैसा खर्च कर देते हैं। दूसरी ओर, बहुत कम लागत के चक्कर में ऐसा शेड बना देते हैं जिसमें हवा, रोशनी, सफाई और जल निकासी की उचित व्यवस्था नहीं होती।

प्रशिक्षण में बताया जाता है कि:

* शेड का स्थान कैसे चुनें।
* पर्याप्त वेंटिलेशन क्यों जरूरी है।
* बारिश के पानी की निकासी कैसे रखें।
* गर्मी और सर्दी के अनुसार व्यवस्था कैसे बदलें।
* जमीन से उचित ऊँचाई और सूखा फर्श क्यों महत्वपूर्ण है।
* उपलब्ध स्थानीय सामग्री से लागत को नियंत्रित कैसे किया जा सकता है।

उद्देश्य महंगा शेड बनाना नहीं, बल्कि पशुओं के लिए सुरक्षित और व्यावहारिक शेड बनाना होना चाहिए।

4. सही नस्ल और सही पशु का चयन

व्यावसायिक फार्म की सफलता में पशु खरीद का निर्णय बहुत महत्वपूर्ण होता है। केवल किसी प्रसिद्ध नस्ल का नाम सुनकर पशु खरीद लेना पर्याप्त नहीं है।

प्रशिक्षण में पशुपालकों को सिखाया जाता है:

* अपने क्षेत्र की जलवायु के अनुसार नस्ल का चयन।
* स्वस्थ और उत्पादक पशु की पहचान।
* पशु की शारीरिक संरचना और बॉडी कंडीशन का मूल्यांकन।
* दाँत देखकर उम्र का अनुमान लगाना।
* गर्भावस्था और प्रजनन इतिहास की जानकारी लेना।
* खरीदते समय किन बातों की जांच करनी चाहिए।

सिरोही, बीटल, बरबरी, ब्लैक बंगाल तथा विभिन्न भेड़ नस्लों की उपयोगिता क्षेत्र, बाजार, जलवायु और आपके व्यवसाय के उद्देश्य के अनुसार अलग-अलग हो सकती है।

5. केवल वीडियो नहीं—लाइव प्रैक्टिकल प्रशिक्षण

पशुपालन ऐसा व्यवसाय है जिसमें देखकर और स्वयं करके सीखने का महत्व बहुत अधिक है।

निसार इंडियन के व्यावहारिक प्रशिक्षण में फार्म मैनेजमेंट से जुड़े विभिन्न कार्यों को प्रत्यक्ष रूप से समझाने पर जोर दिया जाता है, जैसे:

* पशु की शारीरिक जांच।
* दवा एवं स्वास्थ्य प्रबंधन की मूल बातें।
* खुर की देखभाल और Hoof Trimming।
* पशु की पहचान और रिकॉर्डिंग।
* फार्म की स्वच्छता एवं बायोसिक्योरिटी।
* प्रजनन प्रबंधन की मूल बातें।
* बड़े व्यावसायिक फार्म के लिए उन्नत प्रजनन तकनीकों की जानकारी।

जहाँ आवश्यक हो, विशेष तकनीकों का प्रदर्शन प्रशिक्षित विशेषज्ञों/पशु चिकित्सकों की देखरेख में कराया जाना चाहिए।

6. प्रजनन प्रबंधन की समझ

भेड़-बकरी पालन में केवल पशुओं की संख्या बढ़ाना लक्ष्य नहीं होना चाहिए। लक्ष्य होना चाहिए—स्वस्थ, उत्पादक और आर्थिक रूप से उपयोगी पशुओं का बेहतर प्रबंधन।

इसके लिए पशुपालक को Heat Detection, Breeding Management, गर्भावस्था की देखभाल, प्रसव पूर्व एवं प्रसव बाद प्रबंधन और बच्चों की उचित देखभाल की जानकारी होनी चाहिए।

बड़े फार्मों के लिए Sponge Technique और Artificial Insemination (AI) जैसी उन्नत प्रजनन तकनीकों की जानकारी भी उपयोगी हो सकती है। इन तकनीकों को प्रशिक्षित विशेषज्ञों की देखरेख में ही अपनाना चाहिए।

7. सरकारी योजनाओं और प्रोजेक्ट रिपोर्ट की जानकारी

जब कोई पशुपालक छोटे फार्म से बड़े व्यावसायिक फार्म की ओर बढ़ना चाहता है, तो पूंजी और वित्तीय योजना महत्वपूर्ण हो जाती है।

सरकारी योजनाओं में समय-समय पर पात्रता, परियोजना आकार, सहायता राशि और नियम बदल सकते हैं। इसलिए केवल सोशल मीडिया की जानकारी पर निर्भर रहने के बजाय आधिकारिक सरकारी दिशा-निर्देशों के आधार पर योजना समझना जरूरी है।

प्रशिक्षण में पशुपालकों को निम्न विषयों की व्यावहारिक समझ दी जा सकती है:

* फार्म की बिजनेस प्लानिंग।
* Project Report/DPR की मूल संरचना।
* लागत और संभावित आय का अनुमान।
* बैंकिंग प्रक्रिया की समझ।
* आवश्यक दस्तावेजों की जानकारी।
* सरकारी योजनाओं की जानकारी प्राप्त करने का सही तरीका।

8. फार्म रिकॉर्ड और खर्च का हिसाब

एक सफल फार्मर को केवल पशुओं की संख्या नहीं, बल्कि हर पशु और हर खर्च का रिकॉर्ड रखना चाहिए।

रिकॉर्ड में शामिल किए जा सकते हैं:

* पशु खरीद की कीमत।
* दाना और चारा खर्च।
* दवा एवं वैक्सीनेशन खर्च।
* प्रजनन रिकॉर्ड।
* बच्चों का जन्म और मृत्यु रिकॉर्ड।
* वजन और वृद्धि का रिकॉर्ड।
* बिक्री मूल्य।
* मासिक एवं वार्षिक लाभ-हानि।

यही रिकॉर्ड आपको यह समझने में मदद करता है कि आपका फार्म वास्तव में लाभ में है या केवल पशुओं की संख्या बढ़ रही है।

प्रशिक्षण का असली उद्देश्य क्या है?

प्रशिक्षण का उद्देश्य केवल प्रमाणपत्र प्राप्त करना नहीं, बल्कि फार्म पर सही निर्णय लेने की क्षमता विकसित करना है।

एक अच्छा प्रशिक्षण आपको यह समझने में मदद करता है कि:

कौन सा पशु खरीदना है → कैसे रखना है → क्या खिलाना है → कब टीका लगाना है → बीमारी को कैसे पहचानना है → प्रजनन कैसे मैनेज करना है → खर्च कैसे नियंत्रित करना है → और बाजार में सही समय पर बिक्री कैसे करनी है।

निष्कर्ष

व्यावसायिक भेड़-बकरी पालन एक गंभीर व्यवसाय है। इसमें सफलता के लिए केवल पशुओं की संख्या बढ़ाना पर्याप्त नहीं है। सही नस्ल + सही शेड + पोषण + स्वास्थ्य प्रबंधन + प्रजनन प्रबंधन + रिकॉर्ड कीपिंग + बाजार की समझ = बेहतर व्यवसाय प्रबंधन।

इसलिए यदि आप पहली बार व्यावसायिक भेड़-बकरी पालन शुरू करने जा रहे हैं, तो पशु खरीदने से पहले व्यावहारिक प्रशिक्षण लेना एक समझदारी भरा कदम हो सकता है।

निसार इंडियन का संदेश

“सिर्फ सर्टिफिकेट लेने के लिए प्रशिक्षण न करें, बल्कि काम को सही तरीके से सीखने के लिए प्रशिक्षण लें।”

व्यावहारिक ज्ञान आपको गलत निर्णयों से बचाने, लागत को नियंत्रित करने और अपने फार्म को अधिक व्यवस्थित तरीके से आगे बढ़ाने में मदद कर सकता है।

NISAR INDIAN – पशुपालन में ज्ञान, प्रशिक्षण और व्यावहारिक मार्गदर्शन

भारत एग्रो फाउंडेशन एवं निसार इंडियन एनिमल फार्मिंग ट्रेनिंग सेंटर
मोडावासी, राजगढ़, चूरू, राजस्थान

WhatsApp: 080790 43733

18/08/2026

Goat & Sheep Offline Training Next Batch 11 to 15 Sept 2026 📲 8079043733

भारत एग्रो फाउंडेशन , मोड़ावासी, राजगढ़ , चूरू राजस्थान द्वारा निशुल्क वैक्सीनेशन कैंप का आयोजन किया जाएगा        fans
15/08/2026

भारत एग्रो फाउंडेशन , मोड़ावासी, राजगढ़ , चूरू राजस्थान द्वारा निशुल्क वैक्सीनेशन कैंप का आयोजन किया जाएगा fans

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