21/11/2025
झवेरचंद मेघाणी संग्रहालय, चोटीला का शैक्षणिक दौरा — रिपोर्ट
द सनशाइन स्कूल और आदित्य विद्यालय के विद्यार्थियों और शिक्षकों को महान गुजराती कवि और लोकसाहित्यकार श्री झवेरचंद मेघाणी के जन्मस्थान चोटीला में स्थित झवेरचंद मेघाणी संग्रहालय का अवलोकन करने का अद्भुत अवसर मिला। इस यात्रा का उद्देश्य विद्यार्थियों में गुजरात की समृद्ध साहित्यिक विरासत के प्रति समझ और रुचि को बढ़ाना था।
शिक्षकों की टीम — कृष्ण सर, सागर सर, हिमांशु सर, जयदीप सर और हितेश सर — उत्साहित विद्यार्थियों के समूह के साथ इस शैक्षणिक यात्रा में सम्मिलित हुई। संग्रहालय पहुँचने पर विद्यार्थियों ने विभिन्न प्रदर्शनों को देखा, जिनमें मेघाणी की साहित्यिक कृतियाँ, दुर्लभ तस्वीरें, पांडुलिपियाँ, लोकसंग्रह, व्यक्तिगत वस्तुएँ तथा उनके जीवन के प्रेरणादायी प्रसंग शामिल थे। इन प्रदर्शनों ने गुजराती साहित्य में उनके अमूल्य योगदान को सुंदर रूप से प्रस्तुत किया और यह भी बताया कि उन्हें ‘राष्ट्रीय शायर’ की उपाधि कैसे प्राप्त हुई।
इस यात्रा ने विद्यार्थियों को मेघाणी के लोकसंस्कृति से गहरे संबंध, उनके देशभक्ति से ओत-प्रोत लेखन और गुजरात की मौखिक परंपराओं को संरक्षित रखने के प्रयासों को समझने में मदद की। प्रत्येक गैलरी ने विद्यार्थियों में जिज्ञासा और प्रशंसा उत्पन्न की, और उन्हें सौराष्ट्र नी रसधार, लोकगीत तथा अन्य कई महत्वपूर्ण रचनाओं को पढ़ने के लिए प्रेरित किया।
इस शैक्षणिक भ्रमण का आयोजन संस्थान के मालिक और प्रबंध निदेशक, दरबारश्री महावीरभाई डी. खाचर द्वारा निःशुल्क किया गया था, जो विद्यार्थियों में ज्ञान और सांस्कृतिक जागरूकता को बढ़ावा देने के प्रति उनकी प्रतिबद्धता दर्शाता है। उनके इस सराहनीय प्रयास की सभी ने प्रशंसा की।
समग्र रूप से, यह यात्रा सूचनाप्रद, प्रेरणादायक और यादगार सिद्ध हुई। ऐसी पहलें विद्यार्थियों के सीखने के अनुभव को समृद्ध बनाती हैं और उन्हें गुजरात के साहित्यिक महानायकों से जोड़ती हैं। विद्यालय प्रबंधन का यह प्रयास वास्तव में प्रशंसनीय है।