Pradeep Kumar Mishra

Pradeep Kumar Mishra Itz me...................... Only me

29/09/2022

ईश्वर क्या देता है?
ईश्वर क्या दे सकता है?
प्रश्न गहरा है...
सतह पर तैरते हुए समुद्र की गहराई का अंदाज़ा कैसे लगाया जा सकता है?

23/06/2022

मौन रहने वाला इंसान भले ही बाहर से देखने में आपको कमज़ोर लगता है, लेकिन आप अंदाजा नही लगा सकते है कि वह अंदर से कितना बलवान है।

02/01/2022
25/11/2018

अगर दलित के पास दलित होने का सरकारी प्रमाण पत्र, OBC के पास भी पिछड़ी जाति का प्रमाण पत्र, तो "सवर्णो" को भी ऊंची जाति का प्रमाण चाहिए कि हम किससे ऊँचे है कितने ऊँचे है क्यों ऊँचे है और कब तक ऊँचे रहेंगे ?

30/10/2018

टैक्स देते समय हम हिदुस्तानी होते हैं,

वोट देते समय हिन्दू,

और योजनाओं का लाभ लेते समय हम सवर्ण हो जाते हैं।

वाह रे व्यवस्था।

16/10/2018

हर शादीशुदा मर्द उदास हो कर दोस्तों से, "कुछ नहीं यार तेरी भाभी से कहा सुनी हो गयी।"


जबकि उसने सिर्फ सुनी होती है कहा कुछ नहीं होता। 😂😂😂

02/10/2018

इस राष्ट्र में जन्मा कोई भी व्यक्ति राष्ट्र का पुत्र ही हो सकता है, "पिता"नहीं l
अथर्ववेद लिखने वालों ने इस भूमि को माँ और स्वयं को इसका पुत्र कहा, स्वयं "प्रभु श्रीराम" ने इस जन्मभूमि को जननी और स्वयं को इसका पुत्र कहा!

11/08/2018

Copied message

जब भी मैं भगवान शिव की यह तस्वीर देखता हूं तो मुझे बहुत दुख होता है। दिल रोता है। अपने खुद के नशे की लत के लिए हम और कितना महादेव जी को बदनाम करेंगे ?? भगवान शिव की कृपा से मैंने कुछ समय पहले शिव पुराण पढ़ा था ओर कहीं भी यह वर्णन नहीं आया कि भगवान शिव ने गांजा या चरस फूंकी हो, विपरीत इसके महादेव जी ने संसार की रक्षा के लिए हलाहल विष पिया था, लेकिन इसके बारे में कोई बात तक भी नहीं करता , परंतु हां 80% गंजेडी-चरसी जब गांजा चरस फूंकते है तो वे यही कहते हैं कि फिर क्या हुआ यह तो भोले का प्रसाद है। इन जैसे लोगों ने ना तो कभी भगवान शिव को जाना होता है ना कभी पढ़ा होता है ओर ना कभी जानने की कोशिश करते हैं परन्तु हां फूंकने के समय इनको शिव जी की याद आ जाती है। ऐसे लोगों को मैं कहना चाहूंगा कि ज़रा सोचो जो शिव ब्रह्मांड पिता है ब्रह्मांड रचियता है ब्रह्मांड आत्मा है ,जो कण कण में समाया हुआ है , जो निराकार होके भी साकार है , जो निर्गुण होके भी सगुण है , जिनके आंखे मूंदते ही यह ब्रह्मांड अंधकारमय हो जाता है , क्या ऐसे शिव को किसी भी तरह के नशे की जरूरत है ?? वे भगवान है ना कि हम जैसे तुच्छ इंसान । उनको किसी सहारे की जरूरत नहीं है ,अपने आप में ही संपूर्ण हैं शिव। हां उन्हें भांग के पत्ते अवश्य चढ़ते हैं क्योंकि आयुर्वेद में भांग को एक बहुत ही उपयोगी औषधि माना जाता है और इसे अब पूरा विश्व भी स्वीकार कर रहा है। शिव पुराण के अनुसार समुद्र मंथन सावन के महीने में हुआ था तो जब मंथन में से अमृत निकला था तो उस अमृत को पाने के लिए तो देवता दैत्यों में भगदड़ मच गई थी परंतु ठीक जब अमृत के बाद पृथ्वी को नष्ट कर देने वाला हलाहल विष निकला तो कोई आगे ना आया,तब भगवान शिव आए और उन्होंने उस भयानक विष को अपने कंठ में धारण किया, जिसके कारण वे नीलकंठ व देवों के देव महादेव कहलाए। भगवान शिव के सहस्त्रो नाम में एक नाम है कर्पूरगौरम , जिसका अर्थ है पूर्णतः सफेद । लेकिन उस हलाहल विष के सेवन के बाद उनका शरीर नीला पड़ना शुरू हो गया था , भगवान शिव का शरीर तपने लगा लेकिन शिव फिर भी पूर्णतः शांत थे लेकिन देवताओं ने सेवा भावना से भगवान शिव की तपण शांत करने के लिए उन्हें जल चढ़ाया और विष के प्रभाव कम करने के लिए विजया ( भांग का पौधा )को दूध में मिला कर भगवान शिव को औषधि रूप में पिलाया। बस यही एक प्रमाण है भगवान शिव के भांग सेवन का,ओर हमने उन्हें चरस गांजा फूंकने वाला एक साधारण बना दिया,अब आप ही बताइए कि क्या हम सही न्याय कर रहे हैं उस ब्रह्मांड पिता की छवि के साथ ?? क्या हम उनका नाम बदनाम नहीं कर रहे ??

क्या हम एक उनकी एक अच्छी संतान होने का कर्तव्य निभा रहे हैं..?? क्या हम उनका नाम बदनाम नहीं कर रहे हैं..?? चलिए अब मैं अब आप सब फूंकने वालों की सोच/मानसिकता के अनुसार बात करता हूं.. चलिए मान लिजिए कि आपको वास्तव में यह लगता है कि शिव चरस गांजा फूंकते थे तो क्या आप इस बात का ढिंढोरा पीटने फिरोगे अपने स्वार्थ के लिए..?? अगर आपके घर में आपके पिता शराब पीते हैं तो क्या आप ढिंढोरा पीटने फिरोगे कि मैं तो शराब इसलिए पी रहा हूं क्योंकि मेरे पिता जी भी पीते हैं और उन्हीं की देन है मुझे यह..?? नहीं ना..?? तो उस ब्रह्मांड पिता को क्यूं बदनाम कर रहे हैं हम..?? बड़े दुर्भाग्य की बात है कि आज हमने महादेव जी की छवि एक चरस गांजा फूंकने वाले नशेड़ी की बना दी है। अगर हमने महादेव की इतनी ही नकल करनी है तो हमें फिर ब्रांडेड कंपनियों के कपड़े नहीं पहने चाहिए .. बस एक साफा पहन के घूमा कीजिए। जूतें ना पहन कर नंगे पांव चला कीजिए । हमें सोने चांदी के आभूषण नहीं धारण करने चाहिए.. रूद्राक्ष धारण करने चाहिए गले बाजुओं में। हमें सेंट-परफ्यूम इत्र नहीं लगाना चाहिए .. हमें अपने शरीर पर भस्म लगानी चाहिए। हमें अपने बालों को ब्रांडेड कंपनियों के तेल-जैल नहीं लगाने चाहिए.. जटाएं रख लेनी चाहिए। फास्ट फूड , शराब दारू, मांसाहार सब कुछ त्याग कर हमेशा सादा भोजन अन्न जल ही ग्रहण करना चाहिए। सब सांसारिक वस्तुएं जैसे कि मोबाइल,कार आदि का त्याग करके तपस्या में लीन हो जाना चाहिए। अपने सम्मान की चिंता नहीं करनी चाहिए। किसी की निंदा चुगली नहीं करनी चाहिए। बताइए क्या कर सकते हैं हम यह सब..?? अगर कर सकते हैं तो फिर जितनी मर्जी भोले नाथ के नाम की फूंकीए। परंतु सिर्फ एक उदाहरण देकर ना तो अपने आप को भोले बाबा का भक्त कहिए ओर ना ही उनका नाम बदनाम करिऐ।

मैं 4 बार कांवड़ यात्रा पर गया हूं। ओर जब भी जाता हूं तो बड़े श्रृद्धा भाव से जाता हूं । परंतु अब बड़े दुखी मन से कह रहा हूं कि कई कांवड़ियों का उद्देश्य कांवड़ लेकर आना नहीं बल्कि सिर्फ मोज मस्ती करना.. धूम्रपान नशा करना या हुड़दंगबाजी करना ही होता है। ऐसे कांवड़िये पूरा साल मंदिर तक जाते नहीं ओर ना इन्हें सही अर्थों में यह पता होता कि वास्तव में भगवान शिव हैं क्या ओर कांवड़ लाने का उद्देश्य है क्या..?? इन जैसे कांवड़ियों की वजह से जो कांवड़िये पूरी श्रद्धा भक्ति से कांवड़ लेने जाते हैं उनकी भी छवि खराब होती है।
और अब मेरा कांवड़ यात्रा पर जाने का मन इसलिए नहीं होता क्योंकि पूरे रास्ते में भगवान शिव की यह गांजा फूंकने वाली तस्वीरें काफी संख्या में दिखाई देती है और मेरे महादेव जी की यह छवि मुझ से देखी नहीं जाती। कुछ साल पहले तो सिर्फ तस्वीरें ही थी लेकिन अब तो मूर्तियां तक बनने लगी हैं। और तो और ऐसे ऐसे गाने चलाएं जाते हैं जिसमें दुनिया वालों को अच्छी तरह से यह बताने की कोशिश की जाती है कि भगवान शिव कितने बड़े भांग गांजा फूंकने वाले देवता हैं। शर्म आनी चाहिए ऐसे लोगों को ऐसे कांवड़ियों को , पता नहीं आपकी आत्मा आपको ऐसा करने से रोकती क्यूं नहीं..?? हम खुद ही अपने धर्म के सबसे बड़े दुश्मन है बाकी तो बाद की बात है। मेरा यह इतना बड़ा संदेश लिखने का उद्देश्य यही है कि अगर आप चरस गांजा फूंकना चाहते है तो जम कर फूंकिए..आपकी खुद की स्वतंत्रता है परन्तु हमारे देवाधिदेव महादेव जी का बहाना मत लिआ कीजिए..हाथ जोड़कर विनती है यह। हालांकि आपके एक शुभचिंतक के नाते मैं आपसे विनती करूंगा कि हो सके तो इस धूम्रपान चरस गांजा शराब मांसाहार को त्याग दीजिए , ये सब आपके लिए सर्वथा भी उचित नहीं है । और अगर आपको कभी भी कहीं पर भी भगवान शिव की यह या इस तरह की अनुचित तस्वीरें दिखाई दे तो उसका विरोध जरुर करे ओर भगवान शिव की अच्छी संतान होने का कर्तव्य निभाएं । 2011 में मैंने सिर्फ ऐसी 2-3 तस्वीरें ही देखी थी .. ओर तब मैंने ओर मुझ जैसे बहुत शिव भक्तों ने इस तरह की तस्वीरों व गानों का विरोध नहीं किया और आज परिणाम यह है कि यह तस्वीर बहुत ही आम हो चुकी है । जब हम किसी गलत चीज का विरोध नहीं करते तो हम भी उन गलत चीजों को फ़ैलाने में गलत तत्वों की सहायता कर रहे होते हैं। और हां एक बात ओर यह तस्वीर एक गंजेडी चरसी की सिर्फ कल्पना मात्र ही है.. अतः कभी भी इस व इस जैसी अन्य तस्वीरों को समर्थ ना दें और खुल कर विरोध कीजिए।

08/07/2018

*Super excellent article on Indian Economy with with solid statistics in public domain*.

Nilesh shah- MD - Kotak AMC on the Indian economy:

I will take liberty to point out certain factors. a) *The movie Sanju had a bigger opening collection than Bahubali 2 which was a far grander movie. It shows that urban consumption is growing at a reasonable pace.*
* Sonali Contractor sold 100,000 tractors last year. Mahindra & Mahindra, Escorts are also showing all-time high levels of tractor sales*.
*Clearly, that shows that rural economy is doing well.*

*Maruti Baleno has a four months’ waiting period. If consumers do not have money, then how come they are waiting for four months to get the car?*
*Tata Motors’ commercial vehicle production is at an all-time high record level. Generally commercial vehicles are pulse of the market, pulse of the economy*.
*If commercial vehicle sales are happening, certainly economy is rebounding.*

*Cement volume are showing double digit growth*. The cement numbers for this quarter has come ahead of expectation. If we see a variety of other FMCG companies like Dabur, Lever and ITC, their commentary is also positive in terms of rural FMCG growth.

*Put all these numbers together and you realise that the economy seems to have now rebounded, the momentum is picking up, it is reflected in last four months of IIP numbers which was above 7%.*
*It is reflected in GST collections which have crossed Rs 1 lakh crore for the first time*.

*It has taken 70 years for India to Reach 2.5 Trillion Dollar Economy*, though India will take only 7-8 more years to reach 5 Trillion i.e. the *Total amount of Money that was made in Last 70 years would be made again in the next 7-8 Years.* The Question is how much will you make? I have absolutely no doubt that the ones who can catch a few right trends in next 7-8 years are going to be very very rich.
*China took 5 years to double, US took 10 years to double from 2.4 to 5 trillion$, it is estimated that India will take 7 years* to get there.

The Idea is simple, there will be 100’s of entrepreneurs out there who will increase their profit 10-15x from current levels, they will grow at 30-40% and we need to back them. The Biggest Trend is India.

Within India there will be Sector Trends that will change every 3-4 years like.

Automobiles – *India Sold a whooping 2 Crore Two Wheelers India V/S 1.7 Crore Two Wheelers sold by China.* Interestingly India Sold 33 Lakh Passenger Cars in FY2018 V/S 2.4 Crore in China . Slowly but Surely in the next 10 years we are confident that India will sell 1 Crore+ Cars and the average ticket size of a car would also Increase rapidly. Out of these 33 Lakh Cars, more than 50% i.e. 18 Lakh Cars were sold by Maruti alone. *Maruti has a Market cap of 2.6 Lakh Crores and did Profit of about 8000 Crores in FY2018.*

*Financials – This is one space where the Opportunity is Largest into all Three Spaces i.e. Lending, Protection and Wealth Management.*

Lending – *The Top 45 Business houses in India are 50% of Nation’s banking debt even after nationalization of banks.*
The Top 20% of India is well banked and Opportunities are now on the lower ticket size retail lending (80% of Population).
*With Upsurge of MFI, SME Lending, consumer finance, affordable home loans, Retail Credit is a big trend which are typically small ticket size loans with higher NIM spreads. India’s Credit needs will grow at 15-16%, whereas Smart private Bankers/NBFC can grow faster at 20-30% easy for next 7-8 years.* Their is an Opportunity to grow look book by 3-5x easily.

Protection – This Again is a multiyear theme, from Life to Auto insurance to Health to crop to even your cellphone. Here not only there will be Growth of 15-17% in the general Market but there will be large Market share shift from PSU Insurers to Private companies, we believe Private Insurers can grow 20%+ for a long long time
*Conclusion – I repeat “MORE MONEY WILL BE CREATED IN THE NEXT 7-8 YEARS THAN INDIANS CREATED IN LAST 70 YEARS” There are opportunities to make it large. There will be cyclical ups and downs. *Don’t Miss this BIGGEST TREND EVER*

31/05/2018

एक शमशान में लिखा था
मृत्यु अटल है

एक कांग्रेसी को बड़ा गुस्सा आया
उसने नीचे लिख दिया

मृत्यु ना अटल है
ना आडवाणी है
ना मोदी है

हमारी मृत्यु तो RAHUL GANDHI है 😂😂😂

18/02/2018

ये जनाब रोटोमैक कंपनी के मालिक हैं.

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