MCBU CHHATARPUR

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MCBU is the state University located at Chhatarpur (M.P.)

Maharaja Chhatarsal Bundelkhand University (MCBU) is the largest state University in respect of students' enrolment and area of land in Madhya Pradesh, India. The University aims to nurture excellence in education and research in the catchment area of Bundelkhand. The University lays its emphasis on fostering quality human resource and promoting productive research that benefit both local communities and humanity at large. The University was established on 09/07/ 2014 by the Act of the State Legislature of Madhya Pradesh. The eponymous university is named after Maharaja ChhatrasalBundela who established the kingdom and the town.The motto of the university is ‘savidhyayavimuktaye’(knowledge is the one that liberates) and it is steadily stepping towards it, vitalizing all the stakeholders with the process of gaining the best knowledge and its practices. A new dimension was added to the University on September 29, 2021 when the University started functioning after the merger of Govt. Maharaja Postgraduate Autonomous College, Chhatarpur into it in compliance of the order of the Department of Higher Education, issued vide its letter no: f-73-4/2021/38-3, dated 24/09/2021 and as such all the infrastructure and assets of the college were transferred to the University. At present, it has 22 University Teaching Departments: Botany, Chemistry, Commerce and Management Studies, Computer Science, English, Hindi, History, Political Science, Mathematics, Philosophy, Physics, Physical Education, Sanskrit, Zoology, Geology, Sociology, Economics, Fine Art, Geography, Music, Industrial Microbiology and Urdu; 3 faculties and 21 research centers. It offers Post-graduate courses in 21 subjects along with certificate, diploma and graduate courses; it has become a beacon of hope and enlightenment for thousands of young men and women in the region of Bundelkhand, Madhya Pradesh. The University is privileged to affiliate 196 collegesout of which 55 are located in Chhatarpur, 25 in District, 28 in Panna, 65 in Sagar, 17 in Damohand 6 in Niwari. The campus of the University covers an area of 24.11 acre and itis located at the centre of Chhatarpur city on the NH-75. Keeping in view of the expansion of the University, a land of 400 acre was allotted by the government that will house all the amenities in the times to come. To meet the challenges of the emerging fields of knowledge, the University is offering both conventional and advanced programmes of studies and research opportunities under the same umbrella. It houses administration through e-Governance, computerization of examinations, establishment of smart class rooms and well-equipped laboratories. Extension lectures by renowned scholars and scientists are some of the innovative activities that are executed after a regular interval. Inclusive growth towards excellence and ensuring opportunities to the underprivileged and marginalized section of the society is our primary objective and we are leaving no stone unturned to translate it into reality.

*हिन्दी अध्ययन शाला और शोध केंद्र पर दो शोध पूर्व प्रस्तुतिकरण संपन्न*छतरपुर । शासकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय टीकमगढ़ शो...
28/09/2026

*हिन्दी अध्ययन शाला और शोध केंद्र पर दो शोध पूर्व प्रस्तुतिकरण संपन्न*

छतरपुर । शासकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय टीकमगढ़ शोध केंद्र पर डॉ केसी जैन के निर्देशन में शोध कर रहे शोधार्थी प्रताप सिंह खंगार तथा प्रेमलता भारती ने अपने शोध के पूर्व प्रस्तुतिकरण आलेख भवन में पॉवर पॉइंट के माध्यम से प्रस्तुत किया । शोधार्थी प्रताप सिंह ने “ नरेश मेहता के साहित्य का अनुशीलन “ को सात अध्यायों में विभक्त किया गया है । उन्होंने नरेश मेहता के व्यक्तित्व एवं कृतित्व के साथ उपन्यासों तथा कहानियों का तात्विक विवेचन के साथ सांस्कृतिक पक्ष पर भी प्रकाश डाला है । शोधार्थी प्रेमलता ने समकालीन महिला कथाकारों की कहानियों पर केंद्रित 'इक्कीसवीं सदी का स्त्री कहानी लेखन और बदलता ग्रामीण यथार्थ' विषय पर शोध प्रबंध को छह अध्यायों में प्रस्तुत किया है । उन्होंने भी स्लाइड्स के माध्यम से अपनी प्रस्तुति दी । इस अवसर पर हिंदी विभागाध्यक्ष प्रो बहादुर सिंह परमार, वरिष्ठ प्राध्यापक प्रो गायत्री वाजपेयी, सहायक प्राध्यापक श्री नंद किशोर पटेल, साहित्यकार सुश्री आभा श्रीवास्तव विषय विशेषज्ञ स्वेच्छा पाठक, दिनकर साकेत, विवेक तिवारी, समस्त जेआरएफ शोधार्थी अन्य शोधार्थी एवं छात्र उपस्थित रहे । समस्त लोगों ने अपने अपने विचार व्यक्त किए । डॉ केसी जैन ने भी शोधार्थियों को संबोधित किया ।

*परंपरागत औषधि कार्यशाला आयोजित* छतरपुर । सेवा संकल्प अभियान के अंतर्गत दिनांक 28 सितंबर 2026 को वनस्पति शास्त्र अध्ययनश...
28/09/2026

*परंपरागत औषधि कार्यशाला आयोजित*

छतरपुर । सेवा संकल्प अभियान के अंतर्गत दिनांक 28 सितंबर 2026 को वनस्पति शास्त्र अध्ययनशाला एवं शोध केंद्र द्वारा परंपरागत औषधि कार्यशाला का आयोजन कुलगुरु प्रो. राकेश सिंह कुशवाह के संरक्षण एवं कुलसचिव श्री यशवंत सिंह पटेल के मार्गदर्शन तथा विभागाध्यक्ष प्रो. अमिता अरजरिया के निर्देशन में किया गया।
कार्यशाला का मुख्य उद्देश्य विद्यार्थियों को आमजन के जीवन में परंपरागत औषधीय पौधों के महत्व, उनके पारंपरिक उपयोग एवं औषधीय गुणों की वैज्ञानिक एवं व्यावहारिक जानकारी प्रदान करना था। इस दौरान औषधीय पौधों की उचित पहचान, मात्रा एवं सावधानियों के महत्व पर भी चर्चा की गई। विद्यार्थियों को बताया गया कि किसी भी प्राकृतिक अथवा परंपरागत औषधि को पूर्णतः दुष्प्रभाव रहित मानने के बजाय उसके उचित उपयोग एवं वैज्ञानिक प्रमाणों को ध्यान में रखना आवश्यक है।
कार्यशाला में एम.एससी. फाइनल एवं प्रीवियस वनस्पति शास्त्र तथा बी.एससी. प्रथम सेमेस्टर, तृतीय सेमेस्टर एवं तृतीय वर्ष के छात्र-छात्राओं ने उत्साहपूर्वक सहभागिता की।
एम.एससी. फाइनल के विद्यार्थियों अभिषेक मिश्रा, अजय अहिरवार, नेहा अहिरवार, वंदना गुप्ता, अंकिता सेन, अंजली पांडे, खुश्बू रैकवार एवं विनोद रैकवार ने क्षेत्र में पाए जाने वाले विभिन्न परंपरागत औषधीय पौधों की पहचान कराते हुए उनके पारंपरिक उपयोग एवं औषधीय महत्व की जानकारी साझा की। विद्यार्थियों ने स्थानीय स्तर पर उपलब्ध औषधीय वनस्पतियों के संरक्षण तथा उनके विवेकपूर्ण उपयोग की आवश्यकता पर भी प्रकाश डाला।
कार्यशाला की विशेषता रही कि विद्यार्थियों ने सक्रिय भूमिका निभाते हुए अपने अध्ययन एवं क्षेत्रीय अनुभवों को अन्य विद्यार्थियों के साथ साझा किया। इस दौरान विद्यार्थियों को परंपरागत औषधीय ज्ञान को वैज्ञानिक दृष्टिकोण से समझने तथा औषधीय वनस्पतियों के संरक्षण एवं उचित उपयोग के प्रति जागरूक होने का अवसर मिला।

*महाराजा छत्रसाल बुंदेलखंड वि.वि. में 14 दिवसीय हिंदी पखवाड़े का हुआ समापन**हिन्दी : भारतीय भाषाओं की सशक्त अभिव्यक्ति**...
28/09/2026

*महाराजा छत्रसाल बुंदेलखंड वि.वि. में 14 दिवसीय हिंदी पखवाड़े का हुआ समापन*

*हिन्दी : भारतीय भाषाओं की सशक्त अभिव्यक्ति*

*वैश्विक फलक तक हो रहा हिंदी का विस्तार*

छतरपुर। महाराजा छत्रसाल बुंदेलखंड विश्वविद्यालय के हिन्दी अध्ययनशाला एवं शोध केन्द्र में मध्य प्रदेश उच्च शिक्षा विभाग द्वारा राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के अंतर्गत विद्यार्थियों को 'भारतीय ज्ञान परंपरा' से अवगत कराए जाने हेतु आयोजित 14 दिवसीय 'हिंदी पखवाड़ा-2026' का सोमवार को भव्य समापन हुआ। कार्यक्रम की अध्यक्षता बुंदेली साहित्य के मूर्धन्य विद्वान प्रेमनारायण मिश्र ने की। मुख्य अतिथि के रूप में लोकप्रिय कथाकार सुश्री आभा श्रीवास्तव उपस्थित रहीं।
मंच पर कला संकाय अध्यक्ष प्रो. उषा शुक्ला, हिंदी विभाग की वरिष्ठ प्राध्यापक प्रो. गायत्री बाजपेई, विभागाध्यक्ष प्रो. बहादुर सिंह परमार तथा सहायक प्राध्यापक नंदकिशोर पटेल उपस्थित रहे।
कार्यक्रम का आरंभ ज्ञान की देवी मां सरस्वती के समक्ष पूजा अर्चना करने के साथ हुआ। तत्पश्चात सभी मंचासीन अतिथियों का पुष्प गुच्छ शॉल श्रीफल से स्वागत किया गया।विषय विशेषज्ञ स्वेच्छा पाठक ने स्वागत भाषण प्रस्तुत करते हुए कहा कि "हिन्दी भारतीय भाषाओं की सशक्त अभिव्यक्ति है।" उन्होंने 14 सितंबर से 28 सितंबर तक चले पखवाड़े का प्रतिवेदन प्रस्तुत करते हुए बताया कि इस दौरान निबंध, भाषण और स्वरचित कविता पाठ जैसी प्रतियोगिताओं का सफल आयोजन किया गया।
वर्णमाला के संरक्षण पर बल दिए जाने की आवश्यकता: बतलाते हुए प्रेमनारायण मिश्र ने
अध्यक्षीय उद्बोधन में कहा कि हिन्दी अन्य सभी भारतीय भाषाओं की जननी है। संस्कृत से हिन्दी और हिन्दी से अन्य भाषाओं का विकास हुआ है। उन्होंने चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि वर्तमान में हिन्दी वर्णमाला का लोप हो रहा है, जिससे भाषा की नींव कमजोर हो रही है। हमें इसे सहेजने का संकल्प लेना होगा।
राजभाषा से राष्ट्रभाषा बनने की दिशा में अग्रसर है हिन्दी: नंदकिशोर पटेल
सहायक प्राध्यापक नंदकिशोर पटेल ने संवैधानिक संदर्भों पर प्रकाश डालते हुए बताया कि संविधान के भाग-17 (अनुच्छेद 343 से 351) के तहत हिन्दी के प्रचार-प्रसार के विशेष प्रावधान हैं। उन्होंने कहा, "200 वर्षों के अंग्रेजी शासन के प्रभाव को एकाएक समाप्त नहीं किया जा सकता, लेकिन स्वतंत्रता के बाद हिन्दी लगातार आत्मनिर्भरता की ओर बढ़ रही है। भारत विश्व का बड़ा बाजार है, इसलिए वैश्विक स्तर पर भी हिन्दी की स्वीकार्यता बढ़ी है। भविष्य में हिन्दी राजभाषा से राष्ट्रभाषा का दर्जा अवश्य प्राप्त करेगी।"

मुख्य अतिथि कथाकार सुश्री आभा श्रीवास्तव ने कहा कि मानसिक गुलामी से मुक्ति दिलाती है अपनी भाषा। उन्होंने महादेवी वर्मा की पंक्तियों का स्मरण करते हुए कहा कि भाषा अभिव्यक्ति का सबसे सशक्त माध्यम है और यही व्यक्ति को संस्कृति से जोड़ती है। उन्होंने कहा, "अंग्रेजी के प्रभाव से हिन्दी को बचाना अनिवार्य है। जब राजभाषा व्यापक रूप लेकर साहित्य सृजन करती है, तब वह राष्ट्रभाषा बनती है। हमें दैनिक जीवन में हिन्दी का अधिक से अधिक उपयोग करना चाहिए।"

प्रो. बहादुर सिंह परमार
विभागध्यक्ष प्रो. बहादुर सिंह परमार ने कहा कि पुस्तकें मनुष्य की सच्ची मित्र हैं और समाज को समझना ही सबसे बेहतर शिक्षा नीति है। यदि व्यक्ति अपने समाज की भाषा का आदर नहीं करेगा तो वह कभी सफल व्यक्तित्व नहीं बन पाएगा। उन्होंने सभी से हिन्दी के सम्मान और संस्कृति के संरक्षण का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि हिंदी भाषी समाज की नींव है। हिन्दी पखवाड़े के अंतर्गत आयोजित
प्रतियोगिताओं के विजेता हुए पुरस्कृत हुए।
निबंध प्रतियोगिता में प्रथम रौनक रैकवार ने, द्वितीय अनुशिका विश्वकर्मा ने तथा तृतीय रामसखी अनुरागी ने प्राप्त किया।
भाषण प्रतियोगिता में
प्रथम स्थान एकता पाठक ने,
द्वितीय अनुशिका विश्वकर्मा ने तथा तृतीय रोशनी निषाद ने प्राप्त किया। स्वरचित कविता पाठ प्रतियोगिता में प्रथम स्थान अनुशिका विश्वकर्मा ने,
द्वितीय एकता पाठक ने तथा
तृतीय स्थान दीप्ती शिवहरे ने प्राप्त किया।
कार्यक्रम का सफल संचालन कु. साधना जैन ने किया तथा शोधार्थी हरिओम सिंह ने सभी के प्रति हार्दिक आभार व्यक्त किया।

विश्वविद्यालय के कृषि विभाग मे आज दिनांक 28.9.2026 को नेवी हाल में माननीय कुलगुरु प्रो राकेश कुशवाहा जी के संरक्षण में त...
28/09/2026

विश्वविद्यालय के कृषि विभाग मे आज दिनांक 28.9.2026 को नेवी हाल में माननीय कुलगुरु प्रो राकेश कुशवाहा जी के संरक्षण में तथा कुल सचिव श्री यशवंत पटेल जी के मार्गदर्शन में आई .सी ए .आर. के छठवीं डीन पाठ्यक्रम के निर्देशानुसार दीक्षारंभ कार्यक्रम की श्रृंखला के अंतर्गत व्याख्यान का आयोजन किया गयाl कार्यक्रम की शुरुआत सरस्वती पूजन तथा सरस्वती वंदना के साथ हुई इसके पश्चात बी.एससी. प्रथम सेमेस्टर की छात्राओं ने स्वागत गीत प्रस्तुत कियाl इसके पश्चात डॉ. पी. एल. प्रजापति ने कृषि वैज्ञानिक डॉ .कमलेश अहिरवार जी का पुष्प माला तथा साल श्रीफल से स्वागत किया l कार्यक्रम की मुख्य अतिथि विज्ञान संकाय की डीन एवं प्राणी शास्त्र की विभागाध्यक्ष डॉ. गौरी सनागो का स्वागत श्री रोहित यादव ने किया ।डॉ.आर .एस. सिसोदिया जी का स्वागत नईम अहमद सिद्दीकी जी ने किया ।डॉ. पी .एल. प्रजापति जी का स्वागत सिविल अनुरागी जी ने किया। इसके पश्चात नौगांव कृषि विज्ञान केंद्र के वैज्ञानिक डॉ .कमलेश अहिरवार जी ने अपना सारगर्भित व्याख्यान दिया। डॉअहिरवार जी ने कृषि विज्ञान की असीम संभावनाएं तथा विभिन्न क्षेत्र में रोजगार के अवसर के बारे में विस्तार से बताया ।तथा छात्रों को प्रतियोगी परीक्षा में सफल होने के महत्वपूर्ण टिप्स दिए। डॉ. अहिरवार जी ने बीएससी प्रथम पंचम एवं तृतीय सेमेस्टर के छात्रों के द्वारा पूछे गए विभिन्न जिज्ञासाओं का समाधान किया। इसके पश्चात छात्र कल्याण अधिष्ठाता डा .आर .एस. सिसोदिया जी ने छात्रों को संबोधित किया। अध्यक्षीय उद्बोधन डॉ .गौरी सनागो मैडम ने दिया ।कार्यक्रम के अंत में आभार प्रदर्शन कृषि विभाग के श्री नईम सिद्दीकी जी ने व्यक्त किया ।

महाराजा छत्रसाल बुंदेलखंड विश्वविद्यालय, छतरपुर (म.प्र.)*संस्कृत अध्ययनशाला एवं शोध केंद्र द्वारा 138वीं 'मन की बात' का ...
27/09/2026

महाराजा छत्रसाल बुंदेलखंड विश्वविद्यालय, छतरपुर (म.प्र.)
*संस्कृत अध्ययनशाला एवं शोध केंद्र द्वारा 138वीं 'मन की बात' का विशेष आयोजन
दिनांक: 27 सितंबर 2026

_या विद्या सा विमुक्तये। विद्या ददाति विनयम्।_

दिनांक 27 सितंबर 2026 को महाराजा छत्रसाल बुंदेलखंड विश्वविद्यालय, छतरपुर की संस्कृत अध्ययनशाला एवं शोध केंद्र द्वारा माननीय प्रधानमंत्री *श्री नरेन्द्र मोदी जी* के लोकप्रिय कार्यक्रम 'मन की बात' के 138वें एपिसोड के प्रसारण का विशेष कार्यक्रम विश्वविद्यालय के नेवी हॉल में आयोजित किया गया।

यह कार्यक्रम *माननीय कुलगुरु प्रो. डॉ. राकेश सिंह कुशवाहा जी* एवं *माननीय कुलसचिव श्री यशवंत पटेल जी* के कुशल मार्गदर्शन में सफलतापूर्वक संपन्न हुआ।

कार्यक्रम का संचालन एवं संयोजन संस्कृत अध्ययनशाला एवं शोध केंद्र की विभागाध्यक्षा *प्रो. शीला नायक जी* के नेतृत्व में किया गया।

इस अवसर पर जल संसाधन विभाग के सेवानिवृत्त अधीक्षण यंत्री *इंजी. इंद्रभूषण नायक जी* मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। कार्यक्रम को सफल बनाने में विषय विशेषज्ञ *कु. अंकिता द्विवेदी जी* एवं विषय विशेषज्ञ *श्री राहुल पटेल जी* का विशेष योगदान रहा। साथ ही इस अवसर पर संस्कृत विषय के समस्त विद्यार्थियों ने उपस्थित रह कर कार्यक्रम को गरिमा प्रदान की।

*इस प्रेरणादायी एपिसोड में माननीय प्रधानमंत्री जी के द्वारा निम्न मुख्य बिंदुओं पर चर्चा की गई। :*
1. *राष्ट्रीय जनगणना (Census) पर अपील*
2. *अशोक सिंहल जी को श्रद्धांजलि - जन्मशती अवसर पर*
3. *पहलगाम आतंकी हमला और आतंकवाद पर जीरो-टॉलरेंस की नीति*
4. *आपदा प्रबंधन हेतु 'सचेत' (Sachet) ऐप*
5. *मोढेरा (गुजरात) - सौर ऊर्जा से चलने वाला प्रथम गाँव*
6. *नशामुक्त भारत अभियान और युवा*
7. *आँवला (अमला) की खेती और महिला सशक्तिकरण - प्रतापगढ़ मॉडल*
8. *खेलों को बढ़ावा - राजिंदर सिंह सीनियर जी का योगदान*
9. *सुंदरवन में मैंग्रोव संरक्षण - महिला समूहों की पहल*
10. *वैश्विक स्तर पर गणेश उत्सव*
11. *2 अक्टूबर गांधी जयंती और स्वच्छता अभियान*

सभी विद्यार्थियों ने कार्यक्रम को पूर्ण मनोयोग से सुना। कार्यक्रम का समापन राष्ट्रहित एवं राष्ट्र निर्माण में युवाओं की सक्रिय सहभागिता के संकल्प के साथ हुआ।

संभाग स्तरीय बैडमिंटन महिला प्रतियोगिता जो 26/09/2026 को टीकमगढ़ शासकीय महा विद्यालय में आयोजित की गई थी जिसमें महाराजा ...
27/09/2026

संभाग स्तरीय बैडमिंटन महिला प्रतियोगिता जो 26/09/2026 को टीकमगढ़ शासकीय महा विद्यालय में आयोजित की गई थी जिसमें महाराजा छत्रसाल बुंदेलखंड विश्वविद्यालय छतरपुर की छात्राओं ने उत्कृष्ट खेल प्रदर्शन कर ते हुए विजेता का ख़िताब जीता और मेजबान टीम टीकमगढ़ टीम उपविजेता रही।

*अर्थशास्त्र  अध्ययनशाला एवं शोध केन्द्र**महाराजा छत्रसाल बुन्देलखण्ड विश्वविद्यालय, छतरपुर (म.प्र.)**सेवा संकल्प अभियान...
27/09/2026

*अर्थशास्त्र अध्ययनशाला एवं शोध केन्द्र*
*महाराजा छत्रसाल बुन्देलखण्ड विश्वविद्यालय, छतरपुर (म.प्र.)*

*सेवा संकल्प अभियान के तहत "मेरे सपनों का भारत श्रमदान कार्यक्रम का आयोजन*

अर्थशास्त्र विभाग द्वारा विश्वविद्यालय के माननीय कुलगुरु *_प्रो. राकेश कुशवाह_ जी* के संरक्षण एवं माननीय कुलसचिव *_श्री यशवंत सिंह पटेल_ जी* के मार्गदर्शन में _सेवा संकल्प अभियान के तहत_ कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता विभागाध्यक्ष *_डॉ. विभा वासुदेव_* ने की।

*कार्यक्रम का विवरण:*
सेवा संकल्प अभियान के अंतर्गत विद्यार्थियों में सेवा-भाव, सामाजिक दायित्व एवं राष्ट्र निर्माण में अपनी सहभागिता के प्रति जागरूकता विकसित करने के उद्देश्य से _दिनांक 26 सितम्बर 2026, सुबह 10:00 बजे से विश्वविद्यालय परिसर और हास्टल भवन, अर्थशास्त्र विभाग में _"मेरे सपनों का भारत श्रमदान कार्यक्रम सम्पन्न कराया गया। कार्यक्रम में *कुल 50 छात्र-छात्राओं ने सहभागिता की* तथा विद्यार्थियों ने सेवा के माध्यम से विकसित भारत के अपने सपनों को श्रमदान के माध्यम से अभिव्यक्त किया और सभी ने परिसर को स्वच्छ रखने की शपथ ली।

25/09/2026

चित्रकला विभाग,अध्ययनशाला एवं शोध केन्द्र
महाराजा छत्रसाल बुन्देलखण्ड विश्वविद्यालय, छतरपुर (म.प्र.)

सेवा संकल्प अभियान के तहत चित्रकला प्रदर्शनी का आयोजन

चित्रकला विभाग द्वारा विश्वविद्यालय के माननीय कुलगुरु प्रो. राकेश कुशवाह जी के संरक्षण एवं माननीय कुलसचिव श्री यशवंत सिंह पटेल जी के मार्गदर्शन में सेवा संकल्प अभियान के तहत चित्रकला प्रदर्शनी का आयोजन किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता विभागाध्यक्ष, चित्रकला विभाग,डॉ. ममता बाजपेयी, द्वारा की गई।

कार्यक्रम का विवरण:
सेवा संकल्प अभियान के अंतर्गत विद्यार्थियों में _सेवा-भाव,सामाजिक दायित्व एवं राष्ट्र निर्माण में अपनी सहभागिता के प्रति जागरूकता विकसित करने के उद्देश्य से दिनांक 25 सितम्बर 2026 को कर्मशिला भवन, चित्रकला विभाग में चित्रकला प्रदर्शनी का आयोजन सम्पन्न कराया गया। प्रदर्शनी में छात्र-छात्राओं द्वारा सेवा, समर्पण एवं विकसित भारत की संकल्पना पर आधारित चित्रों का प्रदर्शन किया गया, जिसमें लगभग डेढ़ सौ से अधिक छात्र-छात्राओं ने प्रदर्शनी का लाभ लिया।

उपस्थित गणमान्य:
कार्यक्रम में विभागाध्यक,डॉ. ममता बाजपेयी,एवं अतिथि विद्वान,श्रीमती गरिमा मिश्रा,श्री रमेश प्रभाकर,ख्याति अग्रवाल,मेघा निरंजन, वंशिका जैन, नीना चौरसिया ,राकेश कुडेरिया,शश्वेता ,काजल साहू एवं अभिषेक सिंह उपस्थित रहे।

*"सेवा संकल्प अभियान "के अंतर्गत निबंध प्रतियोगिता का आयोजन विद्यार्थियों ने दिखाई लेखन प्रतिभा* छतरपुर। महाराजा छत्रसाल...
25/09/2026

*"सेवा संकल्प अभियान "के अंतर्गत निबंध प्रतियोगिता का आयोजन विद्यार्थियों ने दिखाई लेखन प्रतिभा*

छतरपुर। महाराजा छत्रसाल बुंदेलखंड विश्वविद्यालय, छतरपुर में संचालित “ *सेवा संकल्प अभियान* ” के अंतर्गत सूक्ष्म जीव विज्ञान विभाग द्वारा *“Good and Harmful Microorganisms* ” विषय पर निबंध प्रतियोगिता का आयोजन किया गया।

कार्यक्रम विश्वविद्यालय के माननीय कुलगुरु प्रो. राकेश कुशवाह के संरक्षण, माननीय कुलसचिव श्री यशवंत सिंह पटेल के मार्गदर्शन एवं सूक्ष्म जीव विज्ञान विभाग की विभागाध्यक्ष प्रो. अमिता अरजरिया के निर्देशन में संपन्न हुआ। प्रतियोगिता 25 सितंबर 2026 को दोपहर 12:30 बजे से 2:00 बजे तक आयोजित हुई।
कार्यक्रम के प्रारंभ में विभागाध्यक्ष प्रो. अमिता अरजरिया ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए दैनिक जीवन, मानव स्वास्थ्य, कृषि, पर्यावरण एवं विभिन्न औद्योगिक क्षेत्रों में सूक्ष्मजीवों की महत्वपूर्ण भूमिका पर प्रकाश डाला एवं विद्यार्थियों को विषय की वैज्ञानिक एवं व्यावहारिक उपयोगिता से अवगत कराया कि कैसे परम्परागत भोज्य पदार्थ भोजन में प्रयुक्त किये जाते थे जो वास्तव में सूक्ष्मजीवो से युक्त होते थे जैसे दही, छाँच (lactobicilus ),दही बढ़ा, गोरस (गुड़ में आयरन, सोंठ में antioxident) जलेवी, इमरती,गुलगुला(saccromyces )सिरका( Acetobacter-eceti)सभी किण्डवन क़े बाद बनाये जाते थे जो अपने आप में प्रोबयोटिक होते थे इसी प्रकार यही सूक्ष्म घर में भी रहते है स्वक्षता से रहने पर कोई प्रभाव नहीं डालते पर यदि सफाई का सही ध्यान न दिया जाय तो बिपिरीत प्रभाव डालते है.
इसके पश्चात आयोजित निबंध प्रतियोगिता में विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक सहभागिता की तथा “ *Good and Harmful Microorganisms* ” विषय पर अपने विचारों को लेखन के माध्यम से प्रस्तुत किया। प्रतियोगिता के माध्यम से विद्यार्थियों को सूक्ष्मजीवों एवं मानव जीवन में उनकी उपयोगिता तथा रोगजनक सूक्ष्मजीवों से होने वाले संभावित दुष्प्रभावों को समझने का अवसर मिला।
प्रतियोगिता में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों को पुरस्कार प्रदान किए गए।
*प्रथम पुरस्कार एमएससी प्रथम सेमेस्टर की छात्रा अर्चना विश्वकर्मा को, द्वितीय पुरस्कार एमएससी प्रथम सेमेस्टर की छात्रा श्रुति सिंह एवं एमएससी तृतीय सेमेस्टर की छात्रा द्रोपती पटेल को तथा तृतीय पुरस्कार एमएससी तृतीय सेमेस्टर के छात्र राम सिंह यादव एवं बीएससी तृतीय सेमेस्टर के छात्र राघवेंद्र अहिरवार को प्रदान किया गया* ।
कार्यक्रम में सूक्ष्म जीव विज्ञान विभाग की अतिथि विद्वान डॉ. कंचन सिंह, डॉ. माधुरी अग्रवाल एवं डॉ. आकांक्षा खरे सहित बड़ी संख्या में विद्यार्थी उपस्थित रहे। कार्यक्रम में विद्यार्थियों की सक्रिय सहभागिता ने *“सेवा संकल्प अभियान”* के उद्देश्य को सार्थक रूप प्रदान किया।
इस आयोजन का मुख्य उद्देश्य विद्यार्थियों में वैज्ञानिक दृष्टिकोण विकसित करना एवं सूक्ष्मजीवों के प्रति जागरूकता उत्पन्न करना रहा।

*इतिहास एवं संस्कृत विभाग के संयुक्त तत्वावधान में भाषण प्रतियोगिता का आयोजन* छतरपुर। महाराजा छत्रसाल बुन्देलखण्ड विश्वव...
25/09/2026

*इतिहास एवं संस्कृत विभाग के संयुक्त तत्वावधान में भाषण प्रतियोगिता का आयोजन*

छतरपुर। महाराजा छत्रसाल बुन्देलखण्ड विश्वविद्यालय में “सेवा संकल्प अभियान” के अंतर्गत इतिहास एवं संस्कृत अध्ययनशाला एवं शोध केंद्र द्वारा विश्वविद्यालय के माननीय कुलगुरु प्रो. राकेश कुशवाह जी के संरक्षण एवं माननीय कुलसचिव श्री यशवंत सिंह पटेल के मार्गदर्शन में एवं सेवा संकल्प अभियान समिति के संयोजक प्रो. बी. पी . एस. गौर के निर्देशन में 'छात्रवृत्ति का विद्यार्थी के अध्ययन में योगदान ' विषय पर भाषण प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता विभागाध्यक्ष डॉ. मुक्ता मिश्रा एवं डॉ. शीला नायक ने की। यह कार्यक्रम दोपहर 12:00 बजे से नेवी हॉल में संपन्न किया गया। कार्यक्रम का प्रारम्भ माँ सरस्वती के पूजन से किया गया। इस भाषण प्रतियोगिता में सचिन पटेल , अतुल पटेल , रोहिणी कोरी, अनुज नामदेव, राम कुमार यादव, सुहानी पटेल, पूजा अहिरवार, अंजली अहिरवार, मोहिनी प्रजापति, अनिल यादव, पलक चौरसिया ने भाग लिया और अपने विचार व्यक्त किए। जिसमें प्रथम स्थान मोहनी प्रजापति, द्वितीय स्थान पूजा अहिरवार एवं तृतीय स्थान पर अतुल पटेल एवं अनिल यादव संयुक्त रूप से तृतीय स्थान पर रहे। इस कार्यक्रम के अवसर पर इतिहास विभाग की विभागाध्यक्ष डॉ. मुक्ता मिश्रा , संस्कृत विभाग की विभागाध्यक्ष डॉ. शीला नायक , राजनीति विभाग की विभागाध्यक्ष डॉ. गीता दुबे , वरिष्ठ प्राध्यापक प्रो. चित्रलेखा अवस्थी , अतिथि विद्वान् श्री प्यारेलाल अहिरवार , डॉ. विमल चौधरी, श्री विवेक तिवारी , विज़िटिंग फैकल्टी अंकिता द्विवेदी, श्रीमती माधुरी यादव , श्री राहुल पटेल , रिसर्च स्कॉलर श्री विवेक कुमार जड़िया , श्री गंगा चरण शर्मा , श्री नीरज अहिरवार एवं विद्यार्थी उपस्थित रहे।
कार्यक्रम का सफल संचालन अतिथि विद्वान श्री प्यारेलाल अहिरवार एवं आभार श्री राहुल पटेल के द्वारा ज्ञापित किया गया।

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