19/02/2026
मानसिक शुद्धता हीं सात्विक संसकार विकसित कर सकतीहै। आप सोच सकते हैं वही दृश्य कभी व्यक्ति को यौन उत्तेजना से भर देती है जबकि कभी आपपर कोई प्रभाव नहीं डालती और कुछ परिस्थितियों में आपको न सिर्फ शर्मिंदगी का अहसास करातीहै अपितु क्रोध और प्रतिशोध जैसी भावनाओं को प्रबलित करती हैं।
यह सब व्यक्ति, व्यवस्था, रिश्ते, स्थान, आपके परिवेश की मानसिकता और सबसे बड़ा आपके सांस्कृतिक संस्कार आदि पर निर्भर करता है।