P. D. Educational

P. D. Educational Tutorial classes are available for class VI to XI

19/02/2026

मानसिक शुद्धता हीं सात्विक संसकार विकसित कर सकतीहै। आप सोच सकते हैं वही दृश्य कभी व्यक्ति को यौन उत्तेजना से भर देती है जबकि कभी आपपर कोई प्रभाव नहीं डालती और कुछ परिस्थितियों में आपको न सिर्फ शर्मिंदगी का अहसास करातीहै अपितु क्रोध और प्रतिशोध जैसी भावनाओं को प्रबलित करती हैं।
यह सब व्यक्ति, व्यवस्था, रिश्ते, स्थान, आपके परिवेश की मानसिकता और सबसे बड़ा आपके सांस्कृतिक संस्कार आदि पर निर्भर करता है।

31/01/2026

दूसरों की अच्छा भविष्य दिखाने या देने से पूर्व अपना भविष्य संवारना जरूरी होता है।

24/01/2026

हमारे देश में s*x education तो है जिसमें बच्चों को
S*x organ के structure and Function को बताया जाता है जिससे वे act of s*x and s*xual activity के जानकार हो जाते हैं परंतु साथ ही साथ ब्रह्मचर्य और इसके महत्व पर विशेष चर्चा न होना उनमें समय पूर्व यौन क्रिया में संलिप्तता जैसे भटकाव पैदा करते हैं ।

08/01/2026
04/01/2026

अधिकांश असफलताओं का मूल कारण असफलता का भय है।

03/01/2026

दुश्मन हो या शिकार उसे कमजोर समझना सबसे बड़ी भूल है

22/12/2025

मन के हारे हार है, मन के जीते जीत।
अतः अपना और अपने बच्चों के मन को शुद्ध और सबल बनाना हमारी प्राथमिकता होनी चाहिए।

19/12/2025

नास्तिक होना कोई बुरी बात नहीं है, बिना किसी मंदीर, मस्जिद, मठ, गिरजाघर या गुरुद्वारा गए भी अपनी इंसानियत कायम रख सकते हैं। पर एक मनोवैज्ञानिक सत्य यह भी है किसी भी इश्वर में आस्था रखने वाले मानसिक अवसाद ( depression) से जूझने की अपेक्षाकृत अधिक क्षमता रखते हैं।

12/12/2025

कई ऐसे कृत्य (कार्य) है, या ऐसी परंपराएँ/प्रथाएं भी हैं जो स्थान विशेष , धर्म विशेष अथवा स्थानीय संस्कृति या संस्कार विशेष के आधार पर कहीं प्रशंसित होती तो कहीं हेय अर्थात नीच कर्म माना जाता है।
अब यह आपपर निर्भर है आप किससे प्रभावित हो अपने बच्चों को कैसे संस्कार देना चाहते हैं।
उचित तो यह है कि हमें अपनी परम्परागत कृत्यों के वैज्ञानिक पहलुओं पर विशेष ध्यान दें।

09/12/2025

आप अपने बच्चों को साहसी बनाना चाहते हैं या कायर...!
यह सब अभिभावक पर निर्भर करता है। बचपन में अगर बच्चे को भूतों का भय दिखाया जाता है तो आजिवन उनके मन में भूत का भय बना रहता है । यही बात सभी क्षेत्रों में लागू हो सकती है।
शत्रु, आतंकी, डाकू, डाक्टर, पूलिस, शिक्षक, माँ, पिता या फिर अन्य कोई....
अब यह निर्भर करता है इस बात पर कि उसे भय किन परिस्थितियों में और किस उद्देश्य से दिखाया गया।

13/11/2025

बच्चों को चाहे जिस किसी भाषा में कोई चिज रटाई जाती है वो उसे तात्कालिक तौर पर भले ही नहीं समझ पाते पर उनके मष्तिष्क के किसी कोने में अपनी आंशिक छाप छोड़ देती हैं जो उनके व्यक्तित्व को भी प्रभावित करती है,। @

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