11/01/2022
🙏 *इस ऐतिहासिक सत्य को सभी सनातनी अवश्य पढ़ें और अपने बच्चों को पढ़ाएं।*🙏
*मृतप्राय हो चुके सनातन धर्म को पुनर्जीवित करनेवाला महानतम सनातनी योद्धा*
🙏🙏 *पुष्यमित्र शुंग*🙏🙏
*यह बात आज से लगभग 2300 वर्ष पहले (149ई০पू০ से 185 ई০ पू০) की है। एक किसान ब्राह्मण के घर एक पुत्र ने जन्म लिया, नाम रखा गया पुष्यमित्र।*
*ब्राह्मण परिवार में जन्म लेने के कारण योग की सूक्ष्म क्रियाओं का ज्ञान पुष्यमित्र को था। अतः उसने महान योग क्रियाओं के द्वारा अपने शरीर को अत्यधिक बलवान बना लिया, वह जंगल में रहता था निरंतर योग एवं शस्त्र विद्या का अभ्यास करता था।*
*वो समय ऐसा था कि सम्राट अशोक के द्वारा बौद्ध धर्म अपनाने के कारण पुरे भारत सहित पुरे पूर्वांचल और सुदूर चीन तक बौद्ध धर्म का बोलबाला हो गया था। सनातन धर्म अपनी अंतिम सांसे भर रहा था। यह समय सनातनियों के लिए सबसे ज्यादा कष्टकारी और दूुरूह था। यह उसी काल के मौर्यवंश के अंतिम शासक और सनातन धर्म की पुनरुत्थान की गौरवशाली गाथा है।*
*एक दिन बौद्ध राजा बृहद्रथ मौर्य वन में घूम रहा था, अचानक वहां उसके सामने एक सिंह आ गया, सिंह सम्राट की ओर झपटा ही था कि तभी अचानक एक लंबा चौड़ा बलशाली भीमसेन जैसा बलवान युवक शेर के सामने आ गया और उसने अपनी मजबूत भुजाओ से उस शेर के जबड़े को पकड़कर, उसके दो टुकड़े कर बीच से चीर दिया और सम्राट से कहा कि आप अब सुरक्षित हो।*
*सम्राट ने पूछा- "कौन हो तुम"*
*युवक ने कहा- "ब्राह्मण हूं महाराज"*
*उसका पराक्रम देखकर सम्राट ने कहा- "सेनापति बनोगे"*
*युवक आकाश की ओर देखकर रक्त से अपना तिलक कर बोला- "मातृभूमि को जीवन समर्पित है।"*
*उसी वक्त सम्राट ने उसे मगध का उप सेनापति घोषित कर दिया जल्दी ही अपने शौर्य और पराक्रम के बल पर वह प्रधान सेनापति बन गया।
*पुष्यमित्र एक निष्ठावान हिंदू था और भारत को फिर से हिंदू राष्ट्र बनाना उसका स्वप्न था। आखिर वह दिन भी आ गया, यवनों की लाखों की फौज ने मगध पर आक्रमण कर दिया।* *जब पुष्यमित्र ने यह बात सम्राट बृहद्रथ को बताई तो सम्राट बृहद्रथ युद्धकर मगध रक्षा करने के पक्ष में नहीं था, उसका कहना था कि युद्ध से रक्तपात होता है* और *हमें शांति चाहिए .. युद्ध नहीं।*
*पुष्यमित्र ने बिना सम्राट की आज्ञा लिए सेना को युद्ध के लिए तैयारी करने का आदेश दे