09/08/2023
सरकारी नौकरी के चक्कर में बरसों बर्बाद न करें , अधिक से अधिक 3 साल ठीक है ।
मित्रों जब मैं सरकारी नौकरी की तैयारी के पागलपन को रोकने की बात करता हूँ तो लोग नाराज़ हो जाते हैं।
मैं एक प्रयास करता हूँ आपको अपनी बात समझाने का एक रियल लाइफ इज़ाम्पल से।
मेरी करीबी रिश्तेदारी में दो भाई हैं। बड़ा पिंटू, छोटा चिंटू।
पिंटू बचपन से पढ़ाई में बुद्धु था, मुश्किल से 12वी निकाल कर BA किया, फिर 2 साल बैंक PO की तैयारी और उसका हो गया बैंक में।
चिंटू पढ़ाई में बचपन से शार्प था, 2015 में उसने गुरुग्राम से BCA किया, वहीं पर उस समय किसी अच्छी आईटी कंपनी मर 4 लाख का पैकेज आफर हो गया 22 साल की उम्र में।
घर वाले ठहरे यूपी के टिपिकल सरकारी नौकरी माइंडसेट के लोग। सबने ये सोचा कि जब बुद्धु पिंटू का हो गया तो चिंटू नहीं आईएएस कम से कम पीसीएस तो निकाल ही लेगा। बैंक PO तो चिंटू के मामले में कार्ड्स पर ही नही था।
फिर 2015 में उस अच्छे आफर को ठुकरा कर शुरु हुई सरकारी नौकरी की तैयारी। 16, 17, 18, 19, कोविड, कोविड, 22 और अब 23। आईएएस से जो मामला शुरू हुआ था रेलवे तक गया। कहीं प्री निकला तो मेंस में अटक गया, रिटेन निकल गए तो इंटरव्यू में रिजेक्ट, कहीं आरक्षण का लोचा, कहीं के लिए ओवर ऐज। दरोगा भर्ती में फिजिकल में रिजेक्ट।
अब उम्र हो गयी 29 साल। अब चूंकि शादी भी करनी है। बिना नौकरी के कौन अपनी लड़की देगा? वैसे भी अपने यहां शादी इंसान की ज़रूरत और संस्कार बाद में है प्रतिष्ठा का विषय पहले।
तो अब ये हुआ कि 'भाई चलो प्राइवेट में ट्राय करो'! सबको लगता था कि प्राइवेट तो कभी भी 'पकड़ी' जा सकती है।
मित्रों, प्राइवेट सेक्टर जो तरक्की आपको दे सकता है उसकी कोई सीमा नहीं। पर प्राइवेट सेक्टर उतना ही निर्मम भी है। They think on terms of what you have to offer, what skillset and experience you are bringing in.
कैंपस प्लेसमेंट तक तो फ्रेशर/inexperienced को एंटरटेन करते हैं। उसके बाद सिर्फ जुगाड़ हो या साक्षात भगवान की कृपा। और कैरियर गैप तो और कोढ़ में खाज का काम करता है।
अब आते हैं चिंटू पर, चिंटू निकला मार्किट में CV लेकर। 2015 का BCA, 8 साल का कैरियर गैप। अब जिन स्किल्स की डिमांड है वो हैं नही। जो थोड़ा बहुत काम का आता भी था वो पानीपत की लड़ाइयों की डेट याद करने में दिमाग से बह गया। जिस चिंटू को 2015 में 4 लाख का पैकेज मिल रहा था आज उसको कोई 10000 महीने में एंटरटेन करने को नही तैयार।
जब आप आईटी सेक्टर में काम करने लगते हैं तो कंपनियां खुद आपकी स्किल समय की requirement के हिसाब से अपग्रेड करवाती रहती हैं। वरना आपका 2015 का BCA BA के बराबर है आज के डायनामिक टेक्नोलॉजी एडवांसमेंट के दौर में।
मित्रों, 1000 बच्चे सरकारी नौकरी की तैयारी करते हैं। 1 पिंटू का होता है उसके पीछे 999 चिंटू रह जाते हैं।
मैं ये नहीं कह रहा की कोई सराकरी नौकरी की तैयारी न करे। पर सिर्फ उसी में 5-10-15 साल खराब करने का कोई मतलब नहीं।
ज़्यादा से ज़्यादा 2 साल करो उसके बाद कोई नौकरी पकड़ लो revision करते रहो और फॉर्म भरते रहो।
सालों साल सरकारी नौकरी की तैयारी कर रहा लड़का अपने परिवार और देश दोनो की अर्थव्यवस्था पर बोझ बन जाता है। और यहां पर बच्चों से अधिक गलती माता-पिता की होती है जो ये जुआ साल दर साल खेलते जाते हैं।
ये खान सर, ओझा सर, दिव्यकीर्ति सर तुमको सराकरी नौकरी की ठसक के सपने दिखाएंगे। पर तुमको ये नहीं बताएंगे कि 999 चिंटू हैं, एक पिंटू है। उनकी मजबूरी है, मार्केटिंग का ज़माना है, उनको भी पैसा कमाना है। अब लड़का अपना खेत बेच कर आईएएस की तैयाती नही करेगा तो ये 'सर' लोग मोटिवेशनल स्पीकर कैसे बनेंगे?
अभी भी किसी की भावनाएं आहत हुईं हो तो क्षमा प्रार्थी हूँ