12/09/2026
*प्रेस विज्ञप्ति*
*मेहर चंद महाजन डी.ए.वी. महिला महाविद्यालय, सेक्टर 36-ए, चंडीगढ़*
*संस्कृत विभाग द्वारा "वेद, संस्कृत, संस्कृति - हमारी पहचान की त्रिवेणी" विषय पर विशेष व्याख्यान का आयोजन*
*दिनांक: 08 सितंबर, 2026 | स्थान: मल्टीमीडिया हॉल*
मेहर चंद महाजन डी.ए.वी. महिला महाविद्यालय, सेक्टर 36-ए, चंडीगढ़ के संस्कृत विभाग द्वारा आज मल्टीमीडिया हॉल में "वेद, संस्कृत, संस्कृति - हमारी पहचान की त्रिवेणी" विषय पर एक विशेष व्याख्यान का आयोजन किया गया।
कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथि एवं मुख्य वक्ता प्रोफेसर विक्रम कुमार विवेकी जी के स्वागत के साथ हुआ। महाविद्यालय की प्राचार्या जी ने पर्यावरण संरक्षण की वैदिक परंपरा के प्रतीक के रूप में पौधा भेंट कर मुख्य अतिथि का अभिनंदन किया।
अपने स्वागत संबोधन में प्राचार्या जी ने कहा कि इस प्रकार के कार्यक्रमों का मुख्य उद्देश्य छात्राओं में संस्कृत भाषा के प्रति रुचि बनाए रखना तथा उन्हें अपनी वैदिक जड़ों से जोड़ना है। उन्होंने कहा कि संस्कृत केवल एक भाषा नहीं, बल्कि हमारी संस्कृति की आत्मा है।
मुख्य सत्र में मुख्य वक्ता प्रोफेसर विक्रम कुमार विवेकी जी ने विषय पर गहराई से प्रकाश डाला। उन्होंने वेद, संस्कृत और संस्कृति के परस्पर संबंध को त्रिवेणी के रूप में समझाया। उन्होंने विभिन्न वैदिक उदाहरणों, वैज्ञानिक आंकड़ों और समसामयिक प्रसंगों के माध्यम से बताया कि आज के आधुनिक युग में भी वेदों की प्रासंगिकता क्यों बनी हुई है। उन्होंने विशेष रूप से इस बात पर बल दिया कि संस्कृत ही वह सेतु है जो हमें वेदों से और वेद ही वह आधार हैं जो हमें श्रेष्ठ संस्कृति से जोड़ते हैं।
व्याख्यान के पश्चात एक सारगर्भित प्रश्नोत्तर (Q&A) सत्र का आयोजन किया गया, जिसमें छात्राओं और प्राध्यापकों ने उत्साहपूर्वक भाग लेते हुए विषय से संबंधित अपनी शंकाओं का समाधान प्राप्त किया। प्रोफेसर विवेकी जी ने सभी प्रश्नों के अत्यंत सरल, तार्किक और संतोषजनक उत्तर दिए।
कार्यक्रम में शिक्षक दिवस के उपलक्ष में पोस्टर मेकिंग स्लोगन लेखन प्रतियोगिता के विजेताओं पुरस्कृत किया गया।
कार्यक्रम के अंतिम चरण में संस्कृत विभाग की प्रवक्ता द्वारा मुख्य वक्ता, प्राचार्या जी, आयोजक मंडल एवं सभी प्रतिभागियों का धन्यवाद ज्ञापित किया गया।
यह कार्यक्रम अत्यंत ज्ञानवर्धक, प्रेरणादायक और सभी प्रतिभागियों के लिए लाभकारी रहा। कार्यक्रम में संस्कृत विभाग के सभी सदस्य एवं बड़ी संख्या में छात्राएं उपस्थित रहीं।