22/01/2025
इन तीन चेहरों पर ही मीडिया ने पूरा कुंभ सीमित कर दिया। क्या तन की खूबसूरती, आंखों की चमक, और एक उच्च शिक्षित व्यक्ति का बाबा बनना ही कुंभ का मुख्य उद्देश्य है? क्या यही कुंभ की महत्ता है?
यदि कुंभ से हम सिर्फ इतना ही समझ पाए, तो यह हमारे सनातन धर्म और उसकी गहराई को समझने में हमारी विफलता है। हमें अपने सनातनी होने पर फिर से विचार करने की आवश्यकता है।
कुंभ, जो अध्यात्म और ज्ञान का असीमित समंदर है, उससे हमने चुना भी तो वही चीज़ें जो हमें हर चौराहे पर देखने को मिल सकती हैं। क्या कुंभ जैसे दिव्य आयोजन को केवल तुच्छ मुद्दों और सतही बातों के लिए सीमित करना उचित है?
12 साल में एक बार आने वाले इस महत्त्वपूर्ण अवसर को हम व्यर्थ गंवा रहे हैं। इसमें सिर्फ मीडिया का दोष नहीं है, बल्कि हमारा भी उतना ही बड़ा योगदान है। हमने इस पावन अवसर को अध्यात्म, धर्म और सनातन संस्कृति की गहन चर्चा के बजाय तुच्छ विषयों और विवादों में गंवा दिया।
यह समय है आत्मचिंतन का। हमें यह विचार करना चाहिए कि कुंभ जैसे दिव्य आयोजन को कैसे सही दिशा में ले जाया जाए, जहां हम अपने धर्म, अपनी संस्कृति और अपनी आध्यात्मिक जड़ों की गहराई को समझ सकें।
21/01/2025
राष्ट्रपति बनते ही डॉनल्ड ट्रंप ने… जो बाइडन सरकार के लगभग 78 फैसलों को पलट दिया। वो भी महज़ 6 घंटों में!!
- Third Gender से जुड़े बाइडेन के आदेश को पलट दिया
अमेरिकी सरकार के लिए सिर्फ दो जेंडर पुरुष और महिला
- कैपिटल हिल हिंसा के 1600 आरोपियों को रिहा करेंगे
- पेरिस एग्रीमेंट और WHO से अमेरिका बाहर
- नौकरियों में भर्ती (सेना को छोड़कर),वर्क फ्रॉम होम पर रोक
- कनाडा और मेक्सिको पर नए टैरिफ लागू
- पड़ोसी देशों पर 25% तक टैरिफ लगाएंगे
- गल्फ ऑफ मेक्सिको का नाम अब गल्फ ऑफ अमेरिका
21/01/2025
WHO से बाहर हुआ अमेरिका!
शपथ के बाद ट्रंप का बड़ा फैसला!
राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सोमवार को अपने शपथ ग्रहण के कुछ ही घंटों बाद विश्व स्वास्थ्य संगठन से अमेरिका के बाहर निकलने के आदेश पर हस्ताक्षर कर दिए।
कोरोना महामारी के वक्त ट्रंप WHO पर काफी हमलावर थे।
व्हाइट हाउस में आदेश पर हस्ताक्षर करते हुए ट्रंप ने कहा कि संयुक्त राष्ट्र अमेरिका के साथ WHO पक्षपात कर रहा है।
21/01/2025
#विद्यालय जहां लोग शिक्षा ग्रहण करने के लिए जाते हैं पर आजकल का विद्यालय लग रहा व्यवसाय का एक नया #व्यापार बन चुका है जिसका दुष्परिणाम माता पिता को ही झेलना पड़ता है आप लोगों से विनम्र निवेदन है कि सब मिलकर एकजुट होकर साथ दें ताकि विद्यालय फिर से विद्यालय बन सके