02/12/2025
"Some glimpses of Constitution Day"
"26 Nov"
राजकीय महाविद्यालय चम्बा में संविधान दिवस के उपलक्ष्य पर एक कार्यक्रम का आयोजन।
चम्बा, 26 नवंबर
आज राजकीय महाविद्यालय चम्बा में राजनीतिक शास्त्र विभाग के तत्वावधान में संविधान दिवस के उपलक्ष्य पर एक कार्यक्रम का आयोजन किया गया । कार्यक्रम के दौरान महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ मदन गुलेरिया जी मुख्यातिथि के रूप में मौजूद रहे ।
उक्त जानकारी देते हुए विभाग के विभागाध्यक्ष प्रोफेसर केवल कृष्ण ने कहा कि संविधान दिवस मनाते हुए विद्यार्थियों को संविधान का किसी राष्ट्र में महत्व, भारतीय संविधान की विशेषता व संविधान निर्माता के बारे में विस्तार पूर्वक बताया गया ।
कार्यक्रम के दौरान विभिन्न सांस्कृतिक प्रस्तुतियों में गणेश वंदन, चम्बयाली लोक नृत्य, पंगवाली लोक नृत्य, भरमौरी लोक नृत्य, चुराही लोक नृत्य, पंजाबी लोक नृत्य, एकल गान, निर्भया : न्याय एक मिसाल नाटक का मंचन व गदयाली लोक नृत्य प्रस्तुत किये गए।
कार्यक्रम के दौरान एक बेहतरीन स्वदेशी मेला भी सजाया गया जिसमें विद्यार्थियों द्वारा बनाये गए पोस्टर, नारा व मॉडल प्रदर्शित किये गए। इस स्वदेशी मेले के दौरान संविधान, लोकतान्त्रिक व्यवस्था, राष्ट्रीय ध्वज, ग्राम पंचायत व्यवस्था, मौलिक अधिकार, मौलिक कर्तव्य व संविधान निर्माताओं के अनुकरणीय योगदान को भी दर्शाया गया।
विभिन्न प्रतियोगिताओं में प्रोफेसर अविनाश, डॉ सपना बक्शी, डॉ संतोष, प्रोफेसर शिल्पा निर्णायक के रूप में तथा प्रोफेसर केवल व प्रोफेसर आशा क्विज मास्टर के रूप में उपस्थित रहें।
इस दौरान एक प्रश्नोत्तरी प्रतियोगिता, पोस्टर बनाओ, नारा लेखन, मॉडल बनाओ, निबंध लेखन व भाषण प्रतियोगिताओं का आयोजन भी किया गया ।
प्रश्नोत्तरी प्रतियोगिता में भावनाओं, अनुराग व मानव की टीम प्रथम, रोहित, अक्षय व हितेश की टीम द्वितीय तथा हिमानी, नीरज व विशाल की टीम तृतीय:
पोस्टर बनाओ प्रतियोगिता में अनिल कुमार प्रथम, सलीमा द्वितीय, अंजलि तृतीय:
नारा लेखन प्रतियोगिता में मोनिका कुमारी प्रथम, प्रांजल मेहरा द्वितीय, तेज सिंह तृतीय:
स्वदेशी मेला एवं मॉडल बनाओ प्रतियोगिता में प्रांजल मेहरा प्रथम, कामिनी ठाकुर द्वितीय, रक्षिता ठाकुर तृतीय:
भाषण प्रतियोगिता में शिवानी प्रथम, रोहित शान द्वितीय तथा समीक्षा तृतीय :
निबंध लेखन में मन्नत शर्मा प्रथम, रोहित कुमार द्वितीय तथा प्रांजल मेहरा तृतीय स्थान पर रहे ।विजेताओं को मुख्यातिथि द्वारा पुरस्कार देकर सम्मानित किया गया ।
अपने सम्बोधन में मुख्यातिथि ने कहा कि आज हम सब भारत के संविधान के गौरवशाली निर्माण और उसके मूल्यों के प्रति अपनी प्रतिबद्धता को दोहराने के लिए एकत्रित हुए हैं। 26 नवम्बर 1949 का वह ऐतिहासिक दिन न केवल भारतीय लोकतंत्र की दिशा निर्धारित करने वाला था, बल्कि एक ऐसे राष्ट्र के भविष्य की नींव रखने वाला भी था, जहाँ समानता, स्वतंत्रता, न्याय और बंधुत्व हमारे जीवन के मूल आधार माने गए। हमारा संविधान केवल एक दस्तावेज नहीं, बल्कि एक जीवंत संकल्प है—जो हमें बताता है कि एक नागरिक के रूप में हमारा कर्तव्य क्या है और हमारे अधिकार क्या हैं। डॉ. भीमराव अंबेडकर और संविधान सभा के अन्य सदस्यों ने जिस दूरदृष्टि, धैर्य और प्रतिबद्धता के साथ इसे निर्मित किया, वह हम सभी को प्रेरित करती है।
आज के दिन सबसे अधिक महत्व विद्यार्थियों का है, क्योंकि राष्ट्र का भविष्य आपकी सोच, आपके व्यवहार और आपके कर्तव्यनिष्ठा पर निर्भर करता है। संविधान ने हमें शिक्षा का अधिकार दिया है, पर साथ ही अपेक्षा की है कि हम जिम्मेदार, संवेदनशील और जागरूक नागरिक बनें।
आप सब से मेरा आग्रह है कि संविधान के मूल्यों को केवल पुस्तकों तक सीमित न रखें, बल्कि अपने व्यवहार में समानता, सम्मान, सहनशीलता और लोकतांत्रिक भावना को अपनाएँ, समाज में सकारात्मक परिवर्तन के वाहक बनें, और हर परिस्थिति में देशहित को सर्वोपरि रखें।
हम सब का उत्तरदायित्व है कि हम विद्यार्थियों में संविधानिक चेतना का संचार करें, उन्हें सही दिशा दें, और उन्हें ऐसे मूल्य प्रदान करें जो उन्हें आदर्श नागरिक बनाए।
आइए हम सभी संकल्प लें कि हम भारत के संविधान की गरिमा को बनाए रखेंगे, इसके सिद्धांतों को अपने जीवन में उतारेंगे, और एक समृद्ध, सशक्त तथा जागरूक भारत के निर्माण में सक्रिय भूमिका निभाएँगे।
इस अवसर पर सभी विद्यार्थियों को संविधान की शपथ दिलवाई गयी तथा उनसे संविधान का सम्मान करने व उसके अनुसार अपने कर्तव्यों का निर्वाहन करने का आह्वान किया गया ।
इस अवसर पर महाविद्यालय के अध्यापकों में प्रोफेसर परविंद्र कुमार, डॉ सपना बक्शी, प्रोफेसर अविनाश, प्रोफेसर पूर्णिमा, डॉ मनेश, डॉ चमन, प्रोफेसर निशा, डॉ शिवानी, प्रोफेसर अंजना, प्रोफेसर आशा व अन्य स्टाफ के कर्मचारी मौजूद रहे ।