10/09/2026
खुद को ऊपर उठाने के लिए दूसरों की छवि खराब करना, या अपनी अकादमी को चमकाने के लिए दूसरी अकादमियों को बदनाम करना — आखिर यह कहाँ तक सही है?
कुछ समय पहले किसी के इंस्टाग्राम पेज पर एक वीडियो डाला गया, जिसमें कहा गया कि हिमाचल की अकादमियाँ और चंबा के आसपास की अकादमियाँ चंबा के बच्चों के साथ फ्रॉड कर रही हैं और बच्चों की फीस खाई जा रही है।
जब उनसे पूछा गया कि आपने ऐसा क्यों कहा, तो जवाब मिला —
“हमने अपनी अकादमी की एडवर्टाइजमेंट के लिए ऐसा बोला।”
ज़रा सोचिए...
क्या अपनी अकादमी की एडवर्टाइजमेंट करने के लिए दूसरी अकादमियों पर इतने गंभीर आरोप लगाना सही है?
क्या बिना किसी ठोस प्रमाण के किसी की वर्षों की मेहनत और प्रतिष्ठा पर सवाल उठाना उचित है?
चंबा में ऐसे लोग और अकादमियाँ हैं जो कई वर्षों से दिन-रात मेहनत कर रहे हैं, बच्चों को सफल बनाने के लिए पूरी ईमानदारी से प्रयास कर रहे हैं और जिन्होंने अपनी मेहनत से जिले में एक पहचान बनाई है।
प्रतिस्पर्धा करना गलत नहीं है। हर किसी को आगे बढ़ने का अधिकार है। लेकिन दूसरों को नीचे गिराकर खुद ऊपर उठने की कोशिश करना स्वस्थ प्रतिस्पर्धा नहीं हो सकती।
आपको इस क्षेत्र में आए हुए कुछ ही महीने हुए हों और आते ही उन लोगों पर इतना बड़ा आरोप लगा देना, जो वर्षों से इस क्षेत्र में मेहनत कर रहे हैं, कि वे “बच्चों के साथ फ्रॉड कर रहे हैं” — यह बेहद गंभीर और शर्मनाक बयान है।
अगर किसी अकादमी के खिलाफ कोई वास्तविक शिकायत है, तो उसके लिए सबूत और उचित माध्यम होना चाहिए। सोशल मीडिया पर बिना प्रमाण के किसी पूरी संस्था या कई अकादमियों की छवि खराब करना उचित नहीं है।
शिक्षा का क्षेत्र सिर्फ व्यवसाय नहीं, एक जिम्मेदारी है।
हमारे पास माता-पिता अपने बच्चों का भविष्य लेकर आते हैं। इसलिए इस क्षेत्र में एक-दूसरे के प्रति सम्मान, मर्यादा और जिम्मेदारी भी होनी चाहिए।
इतने वर्षों की मेहनत के बाद जब इस तरह की बातें सुनने को मिलती हैं, तो बहुत दुख होता है।
आज सच में शब्द नहीं हैं कि इस पर और क्या कहा जाए।
आप सभी अपने विचार कमेंट बॉक्स में जरूर बताइए —
👉 क्या अपनी अकादमी की एडवर्टाइजमेंट के लिए दूसरी अकादमियों पर बिना प्रमाण के गंभीर आरोप लगाना सही है?
👉 क्या दूसरों को बदनाम करके खुद को ऊपर उठाना उचित है?
👉 क्या स्वस्थ प्रतिस्पर्धा का मतलब दूसरों की प्रतिष्ठा को नुकसान पहुँचाना होना चाहिए?
अपनी राय जरूर बताइए।
प्रतिस्पर्धा कीजिए, लेकिन किसी की वर्षों की मेहनत और प्रतिष्ठा की कीमत पर नहीं। 🙏