26/01/2026
परिचय: 1 जनवरी 2026 से, यूरोपीय संघ (EU) ने कई भारतीय उत्पादों (जैसे टेक्सटाइल और केमिकल्स) पर GSP (Generalized Scheme of Preferences) लाभ निलंबित कर दिए हैं। GSP विकासशील देशों को कम आयात शुल्क (Duty) पर निर्यात की सुविधा देता है।
संदर्भ: इसका मुख्य कारण "Product Graduation" है। EU नियमों के अनुसार, जब भारत का निर्यात लगातार 3 वर्षों तक अत्यधिक प्रतिस्पर्धी रहता है, तो उसे 'विकसित' मानकर यह छूट हटा दी जाती है। अब इन उत्पादों पर मानक MFN (Most Favoured Nation) दरें लागू होंगी।
भारतीय अर्थव्यवस्था पर प्रभाव:
प्रतिस्पर्धा: भारतीय सामान पर 2-3% शुल्क बढ़ गया है, जिससे बांग्लादेश और वियतनाम (जिन्हें शून्य-शुल्क लाभ प्राप्त है) के मुकाबले प्रतिस्पर्धा कठिन हो गई है।
लचीलापन: सरकार के अनुसार इसका प्रभाव सीमित है (कुल निर्यात का केवल ~2.6%), जो दर्शाता है कि भारतीय उद्योग अब बिना सहायता के भी मजबूत है।
निष्कर्ष: यह निलंबन अल्पकालिक दबाव पैदा करेगा, लेकिन यह भारतीय निर्यात की परिपक्वता का प्रमाण है। इसका स्थायी रणनीतिक समाधान भारत-EU मुक्त व्यापार समझौता (FTA) को अंतिम रूप देना है।
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