13/03/2020
संसद ने खनिज पदार्थ कानून (संशोधन) विधेयक, 2020 पारित किया
संसद ने 12 मार्च 2020 को खनिज कानून (संशोधन) विधेयक, 2020 को मंजूरी दे दी. राज्यभसभा ने 12 मार्च 2020 को इस विधेयक को पारित किया, जबकि लोकसभा 06 मार्च 2020 को इसे पारित कर चुकी है. इससे कोयला और खनन क्षेत्र में प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (एफडीआइ) बढ़ने के साथ अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी.
खनिज कानून (संशोधन) विधेयक, 2020
खनिज पदार्थ कानून (संशोधन) विधेयक, 2020 भारतीय कोयला और खनन क्षेत्र विशेषकर कारोबार को सुगम बनाने को बढ़ावा देने हेतु एक नये युग की शुरुआत करेगा. इस विधेयक के पारित हो जाने से देश के खनन क्षेत्र में बदलाव आने के साथ कोयला उत्पागदन बढ़ेगा तथा आयात पर निर्भरता कम होगी.
संशोधित प्रावधानों में स्पाष्टत व्यावस्थाा है कि ऐसी कंपनियां जिनके पास भारत में कोयला खनन का पहले से अनुभव नहीं है और उन्हेंस अन्यत खनिज पदार्थों अथवा अन्या देशों में खनन का अनुभव है, वे कोयले/लिग्नावइट ब्लॉवकों की नीलामी में भाग ले सकते हैं. इससे न केवल कोयला/लिग्नानइट ब्लॉाक की नीलामियों में भागीदारी बढ़ेगी, बल्कि कोयला क्षेत्र में एफडीआई नीति के कार्यानवयन को सरल बनाया जा सकेगा.
अब, जो कंपनियां किसी विशिष्टक प्रकार के अंतिम इस्तेयमाल में शामिल नहीं हैं, वे अनुसूची II और III कोयला खानों की नीलामी में भाग ले सकती हैं. अंतिम इस्ते माल की बाधा हटने से विभिन्नह उद्देश्यों जैसे अपने उपभोग, बिक्री अथवा किसी अन्या उद्देश्य्, केंद्र सरकार द्वारा निर्दिष्ट कोयला खानों की नीलामी में व्यािपक भागीदारी की अनुमति दी जा सकेगी.
इससे होने वाले लाभ
विधेयक में कोयला/लिग्नाउइट के लिए लाइसेंस और खनन पट्टे (पीएल-और-एमएल) की इजाजत देने की व्य वस्थान है जिससे कोयला एवं लिग्नािइट ब्लॉककों की उपलब्धपता बढ़ेगी तथा विस्तृ त भौगोलिक वितरण में अलग-अलग ग्रेड के कोयला ब्लॉलक आवंटन हेतु उपलब्धि होंगे.
संशोधनों के साथ, नए पट्टे के अनुदान की तारीख से दो साल की अवधि हेतु अन्यव मंजूरियों के साथ पर्यावरण और वन मंजूरी स्व्त: खनिज ब्लॉकों के नए मालिकों को हस्तांतरित हो जाएगी. यह नए मालिकों को परेशानी मुक्त खनन कार्य जारी रखने की अनुमति देगा. अवधि के दौरान, वे दो साल की अवधि अधिक नए लाइसेंस हेतु आवेदन कर सकते हैं.
अब पट्टे की अवधि की समाप्ति से पहले खानों के पट्टे की नीलामी शुरू की जा सकती है. यह राज्य सरकार को खनिज ब्लॉकों की नीलामी हेतु अग्रिम कार्रवाई करने में सक्षम बनाएगा ताकि मौजूदा पट्टे की अवधि समाप्त होने से पहले नए पट्टे धारक का फैसला किया जा सके. इससे देश में खनिजों के निर्बाध उत्पादन में सहायता मिलेगी.