11/12/2022
*जिले के सौ शिक्षक सांकेतिक भाषा और ब्रेल लिपि में हुए दक्ष*
बिलासपुर जिला में समावेशी शिक्षा अन्तर्गत जिला स्तरीय दस दिवसीय ब्रेल लिपि और सांकेतिक भाषा प्रशिक्षण का आयोजन पंडित देवकीनंदन कन्या उ .मा .शाला बिलासपुर में दिनांक 30 नवंबर से 9 दिसंबर तक आयोजित किया गया. प्रशिक्षण में सभी विकासखंड से बीस - बीस शिक्षकों के मान से सौ उपस्थित हुए. प्रशिक्षण के अन्तर्गत सर्वप्रथम प्रतिभागियों का प्री टेस्ट लेकर प्रतिभागियों के पूर्व ज्ञान का परीक्षण किया गया. विभिन्न प्रशिक्षण सत्रों में प्रतिभागियों को समावेशी शिक्षा की अवधारणा , आवश्यकता और उद्देश्य , समावेशी शिक्षा की गतिविधियां , दिव्यांग जन हेतु शासकीय योजनाओं की नि: शक्त जन अधिकार अधिनियम 2016,दिव्यांग ता के 21 प्रकार के पहचान की तकनीक, ब्रेल के डॉट, श्रवण बाधित बच्चों के शिक्षण हेतु मूलभूत संकेत, पाठ्यक्रम के अनुकूलन और सम्पूर्ण समावेशन की विधि आदि का का ज्ञान कराया गया.
प्रतिभागियों को शासकीय दृष्टि एवम् श्रवण बाधित विद्यालय तिफरा, ब्रेल प्रेस एवम् समावेशी संसाधन केंद्र का शैक्षिक भ्रमण कराया गया .
प्रशिक्षण के मुख्य मास्टर ट्रेनर श्रीमती पूर्णिमा खोब्रा गढ़े , श्यामनरायान पांडेय और आराधना शर्मा तथा सहायक ट्रेनर के रूप में सुदीप जांगड़े और कमलेश खोबरागड़े थे.
प्रशिक्षण के समापन के अवसर पर विशेष रूप से उपस्थित श्री आर एन हीराधर, संयुक्त संचालक शिक्षा , द्वारा प्रशिक्षण को अत्यंत उपयोगी बताया गया तथा श्रीमती अनुपमा राजवाड़े डी एम सी, ने सभी प्रतिभागियों को विद्यालय स्तर पर दिव्यांग बच्चों के बेहतर शिक्षण हेतु प्रेरित किया.डॉ अखिलेश तिवारी , ए पी सी समावेशी शिक्षा , द्वारा दस दिवसीय प्रशिक्षण का प्रतिवेदन प्रस्तुत करते हुए प्रशिक्षण की सफलता हेतु सीखे गए तकनीक का अनुप्रयोग किए जाने पर बल दिया तथा प्रशिक्षण को सफल बनाने में मास्टर ट्रेनर की भूमिका को प्रमुख बताया. कार्यक्रम में सचिन शर्मा , प्राचार्य पंडित देवकीनंदन कन्या उ .मा .शाला बिलासपुर , श्रीमती सुनीता पांडे ए पी सी ने भी प्रेरणास्पद विचार व्यक्त किया. जिला कार्यालय के प्रोग्रामर स्वप्निल दुबे, अपर्णा दुबे और अनीता राज के साथ साथ सभी प्रशिक्षार्थियों की गरिमामय उपस्थित में कार्यक्रम संपन्न हुआ.