23/09/2026
कभी चलाते थे ऑटो रिक्शा, संघर्ष ने आरके श्रीवास्तव को बनाया देश का लोकप्रिय शिक्षक,
R.K श्रीवास्तव सर ने गरीब स्टूडेंट्स को 1 रुपये में पढ़ाकर IIT, NIT में पहुँचाकर बनाई अपनी पहचान
कभी घर का खर्च ऑटो रिक्शा से चलता था, अब बन चुके है देश के प्रसिद्ध शिक्षक, जब आरके श्रीवास्तव 5 वर्ष के थे तो उनके पिता इन दुनिया को छोड़ चले गए, मां आरती देवी के त्याग और संघर्ष ने आरके श्रीवास्तव को बनाया देश का लोकप्रिय शिक्षक।
आरके श्रीवास्तव, जिन्हें 1 रुपये में शिक्षा देने के लिए जाना जाता है, अपनी माँ को अपना सबसे बड़ा आदर्श मानते हैं. वे सोशल मीडिया और इंटरव्यू के माध्यम से अक्सर संदेश देते हैं कि "माँ-बाप से बढ़कर जग में कोई दूजा नहीं खजाना".
आरके श्रीवास्तव (Mathematics Guru):
बिहार के एक प्रसिद्ध शिक्षक हैं जो '1 रुपया गुरु दक्षिणा' प्रोग्राम के तहत आर्थिक रूप से कमजोर छात्रों को पढ़ाते हैं। उन्होंने अब तक 950 से अधिक छात्रों को IIT और NIT में सफलता दिलाई है।
आरके श्रीवास्तव (1 रुपया गुरु दक्षिणा) की मुख्य उद्देश्य:
आर्थिक रूप से कमजोर लेकिन प्रतिभाशाली छात्रों को IIT/JEE के लिए तैयार करना।
950 से अधिक छात्रों को इंजीनियर बना चुके हैं, जिनमें से कई IIT, NIT और अन्य प्रतिष्ठित कॉलेजों में पढ़ रहे हैं या विदेश में कार्यरत हैं।
पहचान: उन्हें 'मैथमेटिक्स गुरु' के नाम से जाना जाता है और वे पटना में पढ़ाते हैं।
सफलता: उनकी क्लास से पढ़कर सैकड़ों छात्र IIT में अपनी जगह बना चुके हैं।
कीचड़ में जन्म लेने वाला कमल भी कभी देवाशीष पायेगा, ऐसा नहीं सोचा था। आज बात कर रहे उन भारतीय प्रतिभा आरके श्रीवास्तव सर (Mathematics Guru) यह साबित कर दिखाया की जीतने वाले छोङते नहीं, छोड़ने वाले जीतते नहीं। अपने कड़ी मेहनत, उच्ची सोच, पक्का इरादा के बल पर बन चुके है लाखों युवाओं के रॉल मॉडल है ये ।