25/03/2023
Welcome all friends
My city ,very calm and quite.
25/03/2023
Welcome all friends
04/03/2023
Shivraj.Kavia.🇮🇳 just sang the song [Apni Ankhon Mein Basa Kar], how can the voice be so amazing?! StarMaker, breaking barriers with the universal language of music!
28/02/2023
Shivraj.Kavia.🇮🇳 just sang the song [Tere Mere Milan ], how can the voice be so amazing?! StarMaker, breaking barriers with the universal language of music!
21/02/2023
Shivraj.Kavia.🇮🇳 invites you to join the Family SriKarni Music Mahal. Let's have fun together!
https://tmx28.app.goo.gl/wFndUU
STARMAKER FAMILY This is a amazing family, do you want to join ?
05/02/2023
Shivraj.Kavia.🇮🇳 just sang the song [Chingari Koi Bhadke (Short Ver.)], how can the voice be so amazing?! StarMaker, breaking barriers with the universal language of music!
01/08/2022
Shivraj.Kavia.🇮🇳 just sang the song [Raha Gardishon Mein Hardam], how can the voice be so amazing?! StarMaker, breaking barriers with the universal language of music!
🙏🏻 प्रणाम 🙏🏻
*"कबीर" जी की "पगड़ी"*
एक बार संत कबीर ने बड़ी कुशलता से पगड़ी बनाई, झीना- झीना कपडाबुना और उसे गोलाई में लपेटा हो गई पगड़ी तैयार वह पगड़ी जिसे हर कोई बड़ी शान से अपने सिर सजाता है, यह नई नवेली पगड़ी लेकर संत कबीर दुनिया की हाट में जा बैठे ऊँची-ऊँची पुकार उठाई, शानदार पगड़ी ! जानदार पगड़ी ! दो टके की भाई ! दो टके की भाई ! एक खरीददार निकट आया उसने घुमा- घुमाकर पगड़ी का निरीक्षण किया फिर कबीरजी से प्रश्न किया क्यों महाशय एक टके में दोगे क्या ?' कबीर जी ने अस्वीकार कर दिया, 'न भाई ! दो टके की है दो टके में ही सौदा होना चाहिए खरीददार भी नट गया पगड़ी छोड़कर आगे बढ़ गया यही प्रतिक्रिया हर खरीददार की रही। सुबह से शाम हो गई कबीर जी अपनी पगड़ी बगल में दबाकर खाली जेब वापिस लौट आए थके- माँदे कदमों से घर-आँगन में प्रवेश करने ही वाले थे कि तभी एक पड़ोसी से भेंट हो गई उसकी दृष्टि पगड़ी पर पड़ गई, क्या हुआ संत जी, इसकी बिक्री नहीं हुई ? पड़ोसी ने जिज्ञासा की, कबीर जी ने दिन भर का क्रम कह सुनाया। पड़ोसी ने कबीर जी से पगड़ी ले ली, आप इसे बेचने की सेवा मुझे दे दीजिए मैं कल प्रातः ही बाजार चला जाऊँगा।
अगली सुबह कबीर जी के पड़ोसी ने ऊँची-ऊँची बोली लगाई, शानदार पगड़ी ! जानदार पगड़ी ! आठ टके की भाई ! आठ टके की भाई !' पहला खरीददार निकट आया, बोला, 'बड़ी महंगी पगड़ी हैं ! दिखाना जरा !' पडोसी, पगड़ी भी तो शानदार है ऐसी और कही नहीं मिलेगी खरीददार, ठीक दाम लगालो भईया पड़ोसी बोला चलो, आपके लिए छह टका लगा देते हैं खरीददार, ये लो पाँच टका पगड़ी दे दो।
एक घंटे के भीतर-भीतर पड़ोसी वापस लौट आया कबीरbजी के चरणों में पाँच टके अर्पित किए पैसे देखकर कबीर जी के मुख से अनायास ही निकल पड़ा -
*सत्य गया पाताल में, झूठ रहा जग छाए*
*दो टके की पगड़ी, पाँच टके में जाए*
यही इस जगत का व्यावहारिक सत्य है सत्य के पारखी इस जगत में बहुत कम होते हैं, संसार में अक्सर सत्य का सही मूल्य नहीं मिलता लेकिन असत्य बहुत ज्यादा कीमत पर बिकता हैं इसलिए कबीरदास जी ने कहा है
*सच्चे का कोई ग्राहक नाही, झूठा जगत पतीजै जी*
*🙏🏻 स्वस्थ रहें, मस्त रहें, सुरच्छित रहें 🙏🏻*
ब्याव में ध्यान राखणा री बातां ...
1 - बारात में जाओ जदे कपड़ा ढंग रा पेहरणा ,नीची निची पेंट पहन परा और सगाओं ने जॉकी रा अंडरवियर नी बतावणा !
2 -छंवरी में बिन्दराजा साथे एक जणा ने आवण रो कैवे तो सगाजी सूं बहस नी करणी , बारात रे डेरे परो जाणो !
3- डेरे जावा रो कैय़ाँ बाद मे बाहर उबो रेहने माइने जावां री तरकीब नी करणी , मोंडिया थोने कामयाब नी होवण दे !
4- अपनी वाली बारात रे साथे कोई और बारात आवोड़ी होवे तो दूसरा बींद री खामियां नी काडनी !
5 -बैठक में बैठा होवो ऊण टाइम मोबाइल री खटपट नहीं करणी !
6- बिन्द राजा रे रात रा मोड़ा फेरा होवे तो मोबाइल में अलार्म लगा ने सो जावणो , 02 बजियां तक ज़ागण रे वास्ते CANDY_CRUSH_ रा लेवल नी पार करणा !
7- मोबाइल री फालतू बैटरी लो नहीं करणी , पछे मोबाइल बन्द होया बाद में आधी रात रा ड़ेरा में चार्जर जोवता फिरो !
8 - बिन्द राजा रे साथे जीमण ने बैठो तो डाफाचूक होवे ने कवा नी देवणा , धीरे धीरे जीमणो !
9- जितो भावे ज़ितो ही थाली में लेवणो ,पछे नी भावे जदे गुलाबजामुन दुजा री दरी रे नीचे नी घालणा !
10 -बिन्द राजा रे खने बैठनो होवे तो सगा जी ने केवे ने एक पलंग और मंगा देणो , एक पलंग माथे 10 जणा बैठ और पलंग नी तोड़णो !
11 - एक सकायो हर टाइम बिन्द राजा रे खने रेवणो , भुवा रे और बहन रे घरे जाणो होवे तो पछे परो जाणो अबार बारात में आयोड़ा हो !
12 - बैठक में बिन्द राजा ने चेन य़ा बींटी जो भी देवे वा बैग में घाल देणी , उठे ही 1 तोला री और 2 तोला री करण वास्ते नही बैठणो !
13 - बैठक रे बाद में सगो जी ने धन्यवाद देवणो,सगो जी रा मौर थपेड़णा ,साफो और रूपिया लेने टपो -टप रवाना नी होवणो !
14 - फेरा होयां बाद में बिन्द राजा ने ऊँचा लेवो तो पहला खुद री अर बिन्द राजा री बॉडी देखणी ,होडा होड गोडा नी फोड़णा , कठे ही बिन्द राजा ने ले परा ने हेठा ठोकीजगा तो लुगायां हँसेला ! 😀😀
बीजो कौंई नी मैं तो थोरा भला वास्ते केहूँ , बाकि आपरी मर्जी ! 😀😀🙏👍❤️
पाकिस्तान ने अपनी सेना को बॉर्डर से 90 मीटर पीछे किया।
इमरान खान ने कहा कि - 87 मीटर तक तो इनके छोरे भाला ही फेंक देते हैं।
अंकल मत कहो....
उम्र 57 पार है लेकिन
शक्ल हमारी 40 के जैसी।
मुझको uncle कहने वालो,
तुम्हारी ऐसी की तैसी।।।
बेटी के कॉलेज गया तो,
टीचर देख मुझे मुस्कुराई।।।
बोली क्या मेनटेनड हो मिस्टर??
पापा हो,पर लगते हो भाई।।।
क्या बतलाऊँ उसने फिर,
बातें की मुझ से कैसी कैसी।।
मुझको uncle कहने वालों,
तुम्हारी ऐसी की तैसी।।।।
पडोसन बोली, सेकंड हैंड हो,
लेकिन फ़्रेश के भाव बिकोगे।
बस थोड़े से बटन खोल लो,
फिर अजय देवगन से दिखोगे।।
बीवी सोच रही है शौहर,
मेरा कितना अच्छा है जी
पढ़ती नहीं गुलज़ार साहेब को,
दिल तो आख़िर बच्चा है जी।।।
नीयत मेरी साफ़ है यारों,,,
नही हरकतें ऐसी वैसी।
मुझको uncle कहने वालों,
तुम्हारी ऐसी की तैसी।।।।
कितनी जंग लड़ी और जीती,
इन गुज़रे सालों में।।।
दो-एक झुर्रियाँ गालों में हैं,
और थोडी सफ़ेदी बालों में ।।।।
इरादे मगर मज़बूत हैं अब भी,
उमंग भी सॉलिड पहले जैसी।
मुझको uncle कहने वालों,
तुम्हारी ऐसी की तैसी।।।।
जीने का जज़्बा क़ायम हो तो,
उम्र की गिनती फिर फ़िज़ूल है।
अपने शौक़ को ज़िंदा रखो,
जीने का बस यही उसूल है।।।
ज़िंदादिली का नाम है जीवन,
परिस्थितियाँ हों चाहे जैसी।।।
मुझको uncle कहने वालों,
तुम्हारी ऐसी की तैसी.
Worth a thought !!
*Mikhail Gorbachev (President of erstwhile USSR) has written this in his autobiography...*
*In his younger days, while studying in Europe... He used to study along with two Japanese students.*
*2nd World War had come to an end & Japan had not only been completely destroyed, but was facing crippling economic sanctions as well.*
*During the classes, these 2 Japanese students used to take turns to write the notes, while the other student would mend the pencil & keep it ready for use, bcoz in those days, the Japanese pencils used to be of inferior quality & the lead tip of the pencil used to be very brittle, & thus used to break frequently.*
*Fellow students advised, why not they start using the far superior pencils made in England, which were not expensive either anyways.*
*There were tears in the eyes of both the Japanese students. " If we ourselves do not purchase & use our own products, then who else will do it. We don't deny we cannot withstand the quality test today, but there will soon definitely be a day, when the whole world will use our Japanese pencils."*
*Time to bat for India*
VOCAL FOR LOCAL ✌🏻😊
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