25/01/2023
major respect
La Nouvelle École
25/01/2023
major respect
17/11/2022
17/11/2022
17/11/2022
17/11/2022
"मैंने अपने ट्रेनिंग के दौरान कई मुश्किलों का सामना किया था। कभी अच्छे कोर्ट नहीं मिलते, तो कभी लाइट और कभी जिम! इसलिए जब मैंने ऑल इंग्लैंड टाइटल जीता, तो सबसे पहले मैं एक ऐसी अकादमी खोलना चाहता था, जहां खिलाड़ियों को एक ही छत के नीचे सबकुछ मिले!"
-पुलेला गोपीचंद
पांच बार नैशनल चैंपियन रह चुके गोपीचंद ने फ़ंड के लिए कई दरवाजे खटखटाये... पर निराशा ही हाथ लगी!
"मुझे घंटों ऑफिसों के बाहर खड़ा रखा जाता और अंत में कहा जाता कि 'बैडमिंटन' कभी भारत का सुनहरा भविष्य नहीं बन सकता। ये बातें मुझे कांटे की तरह चुभती थीं!! और आखिर मैंने इस अकादमी को अपने दम पर बनाने का फ़ैसला किया!"
पर... इतने पैसे तो थे नहीं... तो क्या करते? इसलिए गोपीचंद ने अपना घर गिरवी रख दिया और इस अकादमी को खड़ा किया!
आज उसी अकादमी ने देश को पी वी सिंधू, किदंबी श्रीकांत, साइना नेहवाल और मानसी जोशी जैसे चैंपियंस दिए हैं!
खेल जगत के इस निःस्वार्थ द्रोणाचार्य को उनके जन्मदिन पर ढेरों शुभकामनाएँ 🙏
01/10/2022
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