11/04/2025
10,000 से लेकर 60,000 तक नौकरी अब होगी आपके पास ✅️
जी हां इस पेज पर सभी प्राइवेट जॉब्स की इनफॉरमेशन दी जाएगी पेज का उद्देश्य बहुत सारे फेक जॉब्स, नौकरियों के पेज ग्रुप बने हुए हैं सिर्फ लूटते हैं नौकरी को झांसे दिए जाते हैं युवाओं को रोजगार नहीं मिल पाता उनके लालच में आ जाते हैं उन सभी बातों को ध्यान में रखते हुए इस ग्रुप का पेज का निर्माण किया गया है ताकि एक बेरोजगार युवा को सही रोजगार प्रदान हो सके आप सभी आपके पास जो बेरोजगार है आपके दोस्त भाई कोई भी उसको यह पेज शेयर कीजिए और इस पेज को लाइक कर लीजिए ताकि जैसे ही नया रोजगार या कोई भी काम नौकरी आए तो पहले आपके पास नोटिफिकेशन आ जाए
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Private jobs & रोजगार
10,000 से 60,000 तक नौकरी
पेज का उद्देश्य प्राइवेट जॉब दिलवाना , बेरोजगार युवाओं को रोजगार प्रदान करना , फेक नौकरी से बचाना लुटेरे और झांसो से बचाना, इसलिए पेज का निर्माण किया गया है ताकि सही रियल में सही काम और रोजगार प्रदान हो सके
लाइव जानकारी दूंगा
31/03/2025
aap or aapke pure pariwar ko meri tarf se eid mubarak
14/05/2021
इन जगहों के लिए जारी हुआ अलर्ट मचा सकता है तबाही कुदरत का कहर-मौसम विभाग ने जारी किया अलर्ट »
इन जगहों के लिए जारी हुआ अलर्ट मचा सकता है तबाही कुदरत का कहर-मौसम विभाग ने जारी किया अलर्ट
24/03/2021
आज मैंने फेसबुक ओपन किया एक ही पोस्ट आ रही थी दिल खुश कर दिया बहुत ही 801 यूनिट एतिहासिक रिकॉर्ड रक्तदान का
टीम_फिक्र_ए_मिल्लत_ब्लड_हेल्पलाइन_
सोसायटी_बीकानेर😍
फफिक्र ए मिल्लत Blood Helpline Society -Reg.एफिक्र ए मिल्लत Blood Helpline Society -Reg.मफिक्र ए मिल्लत Blood Helpline Society -Reg.Bफिक्र ए मिल्लत Blood Helpline Society -Reg.Hफिक्र ए मिल्लत Blood Helpline Society -Reg.Sफिक्र ए मिल्लत Blood Helpline Society -Reg.-फिक्र ए मिल्लत Blood Helpline Society -Reg.फिक्र ए मिल्लत Blood Helpline Society -Reg.फिक्र ए मिल्लत Blood Helpline Society -Reg.
28/02/2021
*''इंसान ने वक़्त से पूछा...*
*"मै हार क्यूं जाता हूँ ?"*
*वक़्त ने कहा..*
*धूप हो या छाँव हो,*
*काली रात हो या बरसात हो,*
*चाहे कितने भी बुरे हालात हो,*
*मै हर वक़्त चलता रहता हूँ,*
*इसीलिये मैं जीत जाता हूँ,*
*तू भी मेरे साथ चल,*
*कभी नहीं हारेगा...........*
26/02/2021
किसान भाइयों मेरे मन मैं एक विचार आया है जैसे सभी पेट्रोलियम कंपनियां का तेल ₹100 लीटर के आसपास बिक रहा है अगर हम भी सभी किसान और मजदूर भाई अपनी गाय भैंस का दूध ₹100 किलो बेचे तो कैसा रहेगा तों मै सभी किसान और मजदूर भाइयों से विनती करता हूं कि 1 तारीख से अपने दूध वाले को बोल देना कि 1 तारीख से दूध ₹100 किलो मिलेगा वह सिर्फ
एक-दो दिन मना कर सकता है और बाद में उसको लेना ही पड़ेगा जैसे हमें ₹100 के आसपास पेट्रोल डीजल लेना पड़ रहा है इस मैसेज को सभी तक पहुंचाएं जय जवान जय किसान ।।
16/02/2021
👌🏻मृत्युभोज
से ऊर्जा नष्ट होती है
महाभारत के अनुशासन पर्व में लिखा है कि .....
मृत्युभोज खाने वाले की ऊर्जा नष्ट हो जाती है।
जिस परिवार में मृत्यु जैसी विपदा आई हो उसके साथ इस संकट की घड़ी में जरूर खडे़ हों
और तन, मन, धन से सहयोग करें
लेकिन......बारहवीं या तेरहवीं पर मृतक भोज का पुरजोर बहिष्कार करें।
महाभारत का युद्ध होने को था,
अतः श्री कृष्ण ने दुर्योधन के घर जा कर युद्ध न करने के लिए संधि करने का आग्रह किया ।
दुर्योधन द्वारा आग्रह ठुकराए जाने पर श्री कृष्ण को कष्ट हुआ और वह चल पड़े,
तो दुर्योधन द्वारा श्री कृष्ण से भोजन करने के आग्रह पर कृष्ण ने कहा कि
🍁
’’सम्प्रीति भोज्यानि आपदा भोज्यानि वा पुनैः’’
अर्थात्
"जब खिलाने वाले का मन प्रसन्न हो, खाने वाले का मन प्रसन्न हो,
तभी भोजन करना चाहिए।
🍁
लेकिन जब खिलाने वाले एवं खाने वालों के दिल में दर्द हो, वेदना हो,
तो ऐसी स्थिति में कदापि भोजन नहीं करना चाहिए।"
🍁
हिन्दू धर्म में मुख्य 16 संस्कार बनाए गए है,
जिसमें प्रथम संस्कार गर्भाधान एवं अन्तिम तथा 16वाँ संस्कार अन्त्येष्टि है।
इस प्रकार जब सत्रहवाँ संस्कार बनाया ही नहीं गया
तो सत्रहवाँ संस्कार
'तेरहवीं का भोज'
कहाँ से आ टपका।
किसी भी धर्म ग्रन्थ में मृत्युभोज का विधान नहीं है।
बल्कि महाभारत के अनुशासन पर्व में लिखा है कि मृत्युभोज खाने वाले की ऊर्जा नष्ट हो जाती है।
लेकिन हमारे समाज का तो ईश्वर ही मालिक है।
जिस भोजन बनाने का कृत्य....
रो रोकर हो रहा हो....
जैसे लकड़ी फाड़ी जाती तो रोकर....
आटा गूँथा जाता तो रोकर....
एवं पूड़ी बनाई जाती है तो रो रोकर....
यानि हर कृत्य आँसुओं से भीगा हुआ।
ऐसे आँसुओं से भीगे निकृष्ट भोजन
अर्थात बारहवीं एवं तेरहवीं के भोज का पूर्ण रूपेण बहिष्कार कर समाज को एक सही दिशा दें।
जानवरों से भी सीखें,
जिसका साथी बिछुड़ जाने पर वह उस दिन चारा नहीं खाता है।
जबकि 84 लाख योनियों में श्रेष्ठ मानव,
जवान आदमी की मृत्यु पर
हलुवा पूड़ी पकवान खाकर शोक मनाने का ढ़ोंग रचता है।
इससे बढ़कर निन्दनीय कोई दूसरा कृत्य हो नहीं सकता।
यदि आप इस बात से
सहमत हों, तो
आप आज से संकल्प लें कि आप किसी के मृत्यु भोज को ग्रहण नहीं करेंगे और मृत्युभोज प्रथा को रोकने का हर संभव प्रयास करेंगे
हमारे इस प्रयास से यह कुप्रथा धीरे धीरे एक दिन अवश्य ही पूर्णत: बंद
20/12/2020
Nizam Sheikh
एन. एस. एस. institution