05/10/2023
आज दिनांक 4-10-2023 को मेंटरिंग एन्ड कॉउंसलिंग सेल, वर्धमान कॉलेज बिजनौर और शिक्षाकुल ऑनलाइन लर्निंग प्लेटफॉर्म के सहयोग से सिविल सेवा की तैयारी करने वाले छात्र छात्राओं के लिए ''यूपी.पी.सी.एस और एस.एस.सी परीक्षा की तैयारी कैसे करें'' विषय पर अतिथि व्याख्यान का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का आरम्भ सरस्वती उपासना और दीप प्रज्ज्वलन के साथ किया गया । मैक कोऑर्डिनेटर प्रोफेसर एस.के.जोशी ने शिक्षाकुल के अतिथियों का स्वागत किया और बताया कि नई शिक्षा नीति के क्रियान्वयन में मेंटरिंग और काउंसलिंग सेल की महती भूमिका है। प्रोफेसर जोशी ने मैक के उद्देश्यों पर प्रकाश डालते हुए विद्यार्थियों के सामाजिक शैक्षणिक विकास, व्यवसायिक कौशलों के विकास में मेंटरिंग और कॉउंसलिंग के महत्त्व को समझाया।
शिक्षाकुल से अतिथि व्याख्याता के रूप में उपस्थित श्री विपिन मिश्रा ने अपने व्याख्यान में सत्र में उपस्थित 150 से अधिक छात्र-छात्राओं को संबोधित करते हुए पीसीएस परीक्षा के विभिन्न सोपानों - प्रिलिम्स, मेन्स और साक्षात्कार से छात्रों को परिचित कराया। उन्होंने पीसीएस परीक्षा में एलिमिनेशन मेथड से पढ़ाई का महत्व, सीसैट प्रश्नपत्र की रुपरेखा, सामान्य अध्ययन के चार प्रश्नपत्रों के पाठ्यक्रम, उत्तर लेखन में शब्द सीमा के महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने भूगोल के विभिन्न उदाहरणों के माध्यम से पीसीएस परीक्षा की तैयारी को आसान बनाने के गुर सिखाए और छात्रों की विभिन्न जिज्ञासाओं जैसे नेगेटिव मार्किंग से कैसे बचें, न्यूज पेपर का तैयारी में महत्व, परीक्षा हेतु न्यूनतम और अधिकतम आयु, पहले प्रयास में चयन की रणनीति आदि का समाधान किया। पीसीएस परीक्षा के साथ एसएससी परीक्षा के प्रारूप, तैयारी की पद्धति और सफलता की रणनीति को भी श्री विपिन ने विस्तारपूर्वक समझाया। कार्यक्रम के द्वितीय सत्र में शिक्षाकुल से उपस्थित सीनियर एजुकेशन काउंसलर कृतिका मिश्रा ने बताया कि पीसीएस परीक्षा तैयारी के लिए चार आवश्यक चरणों - लक्ष्य निर्धारण, अनुशासन, समय प्रबन्धन, और कठिन परिश्रम का महत्व समझाया। उन्होने बताया कि सिविल सेवा परीक्षा में भाग्य नहीं अपितु कठिन परिश्रम की भूमिका है और इसका कोई अन्य विकल्प नहीं है। उनके अनुसार साक्षात्कार में भाषा माधयम से अधिक व्यक्तित्व और प्रेजेंटेशन का ज्यादा महत्व होता है।
कार्यक्रम में मंच संचालन डॉ रेशु शर्मा ने किया।
कार्यक्रम के सफल संचालन में मेंटरिंग एवं कॉउंसलिंग सेल के सदस्यों डॉ अंजू बसंल, डॉ मेघना अरोड़ा, डॉ प्रशान्त कुमार और डॉ आरती ने सहयोग किया।