29/06/2021
संत मैरिज सीनियर सेकंडरी स्कूल , बिहार शरीफ
St. Mary's Senior Secondary School 1945 ई० में मोकामा से फादर वाटसन आए और बिहार शरीफ के देवी सराय के मुख्य मार्ग के उत्तर में चर्च एवं विद्यालय का निर्माण प्रारंभ की। उन्होंने 1947 में विद्यालय में प्रारंभिक शिक्षा आरम्भ की। मुख्य शिक्षक अन्तोनी फिक्को, वायलेट फिक्को, एमानुएल मास्टर और उनकी पत्नी श्रीमती एमानुएल थे। विद्यालय का नाम विमला माता स्कूल रखा गया। 1950 ई० में फादर सी सी शर्मा ने मध्य विद्यालय तक की पढ़ाई शुरू की जिसका माध्यम हिन्दी था। 1954 ई० में फादर डिकोस्टा प्रधानाध्यापक के रूप में आये और माध्यमिक शिक्षा पर जोर दिये। उन्होंने नये नये शिक्षकों की नियुक्ति की। जैसे जेरम चाल, मरियम मुन्नी, राजकुमार मास्टर और राजेन्द्र मास्टर विमला माता स्कूल की पढ़ाई सुचारू रूप से चलती रही। यहाँ के छात्रगण आगे की शिक्षा के लिए आरा काथोलिक हाई स्कूल जाने लगे। 1978 ई० में फादर अगस्टीन मंडोली का आगमन हुआ। उन्होंने नये स्तर पर नये शिक्षकों की बहाली की जिसमें पाण्डे सर, मिस हेलेन, मिस मरियम तिग्गा, मिस्टर अर्जुन सर और अलमा लकड़ा इत्यादि लोग थे। 1979 ई० में फादर अगस्टीन ने नये विद्यालय भवन का निर्माण किया और उसका नाम पुष्पा विद्यालय रखा गया। इस विद्यालय की प्रधानाध्यापिका सिस्टर मेरी चकालकल थी। विद्यालय में पढ़ाई पर काफी जोर दिया गया। अतः छात्रों की संख्या बढ़ गई। विद्यालय की शिक्षा के साथ-साथ खेल-कूद पर भी विशेष जोर दिया गया जिससे छात्र-छात्राएँ खो-खो खेल में जिला और राज्य स्तर पर दिल्ली, कोलकाता और तिरुवनंतपुरम आदि जगहों तक पहुँचे। 1988 ई० में फादर अन्तुनी पनंगाट के समय में प्रधानाध्यापिका सिस्टर चोइन एस०सी०एन० थी। उनके समय में पढ़ाई पूर्ववत चलती रही। 1999 ई० में फादर जोस पेरूमालिल का आगमन हुआ। उन्होंने स्कूल का नाम पुष्पा विद्यालय से बदलकर संत मेरी स्कूल रखा। एस. सी. एन. समाज की धर्मबहनों की संख्या कम होने के कारण वे बिहार शरीफ पल्ली से अपना सेवा समाप्त कर मोकामा चली गई। 2000 ई० में फादर दोमिनिक पीटर के समय पटना महाधर्मप्रान्त के महाधर्माध्यक्ष बेनेदिक जे. ओस्ता प्रेरितों की रानी धर्म समाज, राँची प्रोविन्स के धर्म बहनों को बिहार शरीफ पल्ली में सेवा नियुक्त किए। हरितीमा, लुसिना, वन्दना बिहार शरीफ में प्रेरितों की रानी कान्वेन्ट में।