*एक-बहन-का-लाजवाब-शेर*
मेरी इन दो आँखों पर हक़ है मेरे भाई का
जब जब यें झुकती है वो सर उठाके चलता है®😎
जुम्बिश
हम भी दरिया हैं हमें अपने हुनर मालूम ह?
*🌹卐 ॐ 卐🌹*
*"तेरी किस्मत का लिखा तुझसे कोई ले नही सकता,*
*अगर उसकी रेहमत हो तो तुझे वोभी मिल जायेगा, जो तेरा हो नही सकता..*
🌹🌹
तू किस अधिकार से चरखे से
फोटो जोड़ आया था?
वो बैरिस्टर बड़े घर का
सभी कुछ छोड़ आया था।
कभी कुर्ता तेरा मैला,
और अब है, सूट लाखों का,
वो धोती बांध कर; रूह-ए-वतन
झनझोड़ आया था।
गरीबों के लहू से
हाथ रंगे हैं तेरे, अब तक,
अहिंसक रहके वो
फौज-ए-फिरंगी मोड़ आया था।
तेरी सियासत की रोटी
सिकती है दंगे भड़कने पर,
वो दंगे रोकने को
रोटी-पानी छोड़ आया था।
तेरी बातों से सदियों के
बने रिश्ते बिखरते हैं,
वो गंगा और जमुना के
किनारे जोड़ आया था।
अकड़ की इन्तेहां देखो
के नपवाता है छाती तक,
वो दुर्बल-सा, गुरूर-ए-तख्त-ए-शाही
तोड़ आया था।
😍धड़कन सम्भालू या साँस काबू में करूँ
तुझे जी भर के देखने में आफत बहुत है।।😘
तू चले साथ तो....आहट भी ना आए अपनी.........
दरमियाँ हम भी ना हों....यूँ तुझे तन्हा चाहें............
💕💕
08/01/2017
कुछ ऐसा हो कि ये शाम ढले..
कोई हाथ में थामें हाथ मेरा,
कोई ले के मुझको साथ चले..
कोई बैठे मेरे पहलू में,
मेरे हाथ पे अपना हाथ धरे..
और पौंछ के आंसू आंखों से..
वो धीरे से ये बात कहे..
"यूँ तन्हां सफर अब कटता नहीं,
चलो हम भी तुम्हारे साथ चलें..""
"एक ख़याल यूँ भी"....
💕💕
जो बसेरा है अपनी रातों का सब उसे आसमान कहते हैं
छत पे बारिश ने रात काटी है गीले गीले निशान कहते हैं...
ऐ किराये के कातिलों बताओ कितनी रकम लगेगी ,
मुझे इश्क का सर कलम चाहिए।।।
*चूम कर मिटा देना माथे की शिकन सारी..*
*ये जादूगरी सिर्फ "माँ" जानती है..!*
🌹होंठों से गुजरता हैं तुम्हारा नाम ऐसे
जैसे कोई पाक कलमा हमने पढ़ लिया हो🌹
10/12/2016
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