20/04/2015
जब भी आप प्रोजेक्ट बनाये तो कोशिश करे कि बेक एंड डेटाबेस से कोई भी डाटा डिलीट न हो| मान लीजिये आपके प्रोजेक्ट में स्टूडेंट का रिकॉर्ड सेभ करना हैं, जिसमे आपको फर्स्ट नाम,लास्ट नाम, एज, जेंडर और सिटी कोलम को सेव करने हैं| तो इसमे बूलियन टाइप एक कोलम और ऐड कर ले और उसका कुछ भी नाम दे दे मैंने delflage नाम दिया हैं और इसकी डिफ़ॉल्ट वैल्यू true कर दे |
अब मान लीजिये किसी ने फ्रंट एंड से किसी ने अजय मिश्रा का रिकॉर्ड डिलीट करने की कोशिस की तो बेक एंड में DELETE FROM STUDENT
WHERE FIRSTNAME='AJAY' की जगह UPDATE STUDENT
SET DELFLAGE=FLASEWHERE FIRSTNAME='AJAY' लिखे| इससे अजय मिश्रा का रिकॉर्ड डिलीट होने की बजाय उसका delflage कोलम अपडेट होकर flase हो जायेगा| और अब जब भी स्टूडेंट टेबल से डाटा सेल्क्ट करना हो तो क्वेरी लिखे
SELECT * FROM STUDENT WHERE DELFLAGE =TRUE
इससे वो रिकॉर्ड की सेल्क्ट होंगे जिसको आपने डिलीट कर दिया हैं जबकि बेक एंड में वो रहेंगे
इसके दो फायदे हैं एक तो आप जब चाहे जितना भी पुरना डिलीट किया हुआ रिकॉर्ड वापस पा सकते हैं दूसरा आप यूजर को भी रीकभरी का आप्शन दे सकते हैं| यदि उसने गलती से डिलीट किया होगा तो फिर डाटा रेकोर्वर कर सके|
जब आज के समय मोबाइल में 1 जी बी वाले रेम आसानी से मिल जाते हैं| तो डाटा जायदा हो जायेगा इसकी चिंता न करे
06/02/2015
इन्टरव्यू में डाटाबेस में normalization से सवाल लगभग पूछे ही जाते हैं| तो आगे के कुछ पोस्ट normalization के ऊपर ही होंगे| तो प्रक्टिकल तरीके से समझते हैं कि normalization होता क्या हैं? निचे के दोनों इमेज ध्यान से देखे कोई थोयरी नहीं ...................
01/02/2015
. जैसे हम चाय बानाते हैं| हम कम्पुटर एसम्बल करते हैं| कोई जूते बनाता हैं| ठीक उसी तरह से एक प्रोगाम लिखना हैं जिसमे दो नंबर को जोड़ कर एक तीसरे नंबर में डालना हैं और आउटपुट दिखाना हैं| देखते हैं इन सब में क्या समनाता हैं?
चाय बनाने के लिए हमें चीनी,चायपत्ती,पानी,दूध गेस चाहिए और चाय बनाने का प्रोसेस पता होना चाहिए|
कम्पुटर बनाने के लिए हमें मदर बोर्ड,हार्ड डिस्क,रेम,केबनेट इत्यादि चाहिए और कम्पुटर एसम्बल करने का प्रोसेस पता होना चाहिए|
जूते बनाने के लिए हमें चमड़े,चमड़े सिलने की मशीन,चमरे सिलने के लिए धागा इत्यादि चाहिए और हमें जूते बानाने का प्रोसेस पता होना चाहिए|
मतलब की कोई भी काम करने के लिए हमें उस काम में लगने वाला सामान चाहिए और उस काम को करने का प्रोसेस पता होना चाहिए|
उसी तरह से दो नंबर को जोड़ कर एक तीसरे नंबर में डालना हैं और आउटपुट दिखाना हैं| तो हमें तिन नंबर चाहिए दो नंबर जिसे जोड़ना हैं और तिसरा जिसमे जोर कर हमें आउटपुट रखना और जोड़ना कैसे ये प्रोसेसे पता होना चाहिए|
ये तो बहुत छोटा सा एक्साम्प्ल था| आज के समय बड़े बड़े बैंक अपिलेकसन भी इसी प्रोसेसे से बनते|
प्रोगार्मिंग प्रोबल्म्स को रियल लाइफ के तरीके से सोल्व करने का यही तरीका ओबेजेक्ट ओरिएंटेड प्रोगामिंग कहलाता हैं|
आप रियल लाइफ और प्रोगार्मिग प्रोब्लम को रिलेट कर पा रहे हैं न? आगे के 10-15 पोस्ट इसके ऊपर ही होंगे इसलिए धर्य बनाए रखे|