जय श्री कृष्णा
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नौकरी नहीं, जीवन जीने की कला:
आज का प्राइवेट जॉब करने वाला व्यक्ति सबसे अधिक संघर्षशील है।
सुबह अलार्म नहीं, जिम्मेदारियाँ जगाती हैं।
ऑफिस खत्म होता है, काम नहीं।
नियम खत्म नहीं होते, अपेक्षाएँ कभी पूरी नहीं होतीं।
फिर भी वही व्यक्ति मुस्कुराता है—क्योंकि घर पर बच्चे इंतज़ार कर रहे होते हैं, माता-पिता की उम्मीदें टिकी होती हैं, और परिवार की पूरी गाड़ी उसी के कंधों पर चल रही होती है।
जो रोज़ टूटते नहीं, बल्कि रोज़ खुद को जोड़ते हैं।
1. स्वास्थ्य पहले है, क्योंकि आप हैं तो सब कुछ है
दुनिया आपको तभी तक काम का समझती है,
जब तक आप काम करने लायक हैं।
• फिटनेस कोई लग्ज़री नहीं, जीवन बीमा है
• 30 मिनट की वॉक, योग, या व्यायाम—आपके बच्चों का भविष्य है
• देर रात का काम आपके शरीर से उधार लेता है, ब्याज सहित लौटाता है
याद रखिए—
कंपनी आपकी जगह किसी और को रख लेगी,
पर परिवार आपकी जगह किसी को नहीं रख सकता।
2. अनगिनत काम के घंटे*—लेकिन अनगिनत ज़िंदगी नहीं
ऑफिस टाइम खत्म होने के बाद भी कॉल, मैसेज, मेल—
यह आधुनिक गुलामी का नया रूप है।
समझदारी इसमें है कि—
• हर बार तुरंत उपलब्ध होना, आपकी योग्यता नहीं, आपकी मजबूरी दिखाता है
• सीमाएँ तय करना विद्रोह नहीं, आत्मरक्षा है
• काम महत्वपूर्ण है, पर हर समय काम करना आवश्यक नहीं
जो इंसान खुद को नहीं बचाता,
वह किसी और को भी नहीं बचा सकता।
3. परिवार समय नहीं मांगता, आपकी उपस्थिति चाहता है
आप बच्चों के लिए सिर्फ कमाने वाले नहीं हैं,
आप उनके हीरो हैं।
• 15 मिनट मोबाइल के बिना बच्चों के साथ—उनकी यादों का खज़ाना बनता है
• माता-पिता के साथ बैठकर बात करना—उनके लिए दवा से ज्यादा असरदार है
• जीवनसाथी के साथ संवाद—विवाद का नहीं, विश्वास का पुल बनाता है
घर वो जगह है जहाँ आपको साबित नहीं करना पड़ता कि आप काबिल हैं।
4. वैवाहिक जीवन में सामंजस्य—सबसे बड़ी सफलता
थका हुआ पति/पत्नी अगर सिर्फ चुप रह जाए,
तो दूरी बनती है।
फिर तलाश शुरू होती है किसी और साथी की जो आपकी बात सुन ले, आपसे कुछ देर ठीक से बात करले, आपके दुखों को साझा करले
कुछ समय बाद वैवाहिक जीवन बोझिल हो जाता है, आरोप प्रत्यारोप आगे चल कर बड़ा विवाद ले लेते हैं, और सज़ा बच्चे भुगतते हैं, अलगाव की स्थिति तक बनती है,
खराब मानसिक स्थिति, एंग्जायटी, चिड़चिड़ापन यही सब बाख जाता है
• अपनी थकान साझा करें, आरोप न लगाएं
• जीवनसाथी आपका प्रतियोगी नहीं, सहयात्री है
• मिलकर हँसना, मिलकर रोना—यही विवाह का सार है
एक सफल विवाह, सबसे बड़ी मानसिक शांति देता है।
5. तनाव से भागिए मत, उसे दिशा दीजिए
तनाव इसलिए नहीं कि आप कमजोर हैं,
तनाव इसलिए है क्योंकि आप जिम्मेदार हैं।
• हर समस्या का समाधान आपके हाथ में नहीं
• हर नियम को दिल पर लेना ज़रूरी नहीं
• हर परिस्थिति स्थायी नहीं होती
ध्यान, प्रार्थना, या कुछ पल की शांति—
आपके भीतर की ऊर्जा को फिर से जगा देती है।
6. पैसा ज़रूरी है, पर पैसा ही सब कुछ नहीं
आज की आय, कल की सुरक्षा बननी चाहिए।
• खर्च से पहले योजना
• बचत से पहले अनुशासन
• भविष्य के लिए बीमा, निवेश और आपातकालीन निधि
पैसा कमाइए,
पर पैसे के गुलाम मत बनिए।
7. आध्यात्मिकता—आत्मा का फिटनेस सेंटर
धर्म नहीं, दृष्टि चाहिए।
• रोज़ 5 मिनट कृतज्ञता
• खुद से सवाल—मैं क्या बन रहा हूँ?
• दूसरों की मदद—आत्मा की ताकत
आध्यात्मिक इंसान टूटता है,
लेकिन बिखरता नहीं।
8. जीवन का आनंद—आपका अधिकार है
खुशी कोई प्रमोशन नहीं,
जो साल में एक बार मिले।
• छोटी-छोटी खुशियाँ मनाइए
• खुद को दोष देना छोड़िए
• हर दिन जिंदा होने का जश्न मनाइए
आप सिर्फ कर्मचारी नहीं हैं।
आप माता-पिता हैं।
आप जीवनसाथी हैं।
आप इंसान हैं।
अंत में—एक सच्चाई
जो व्यक्ति सब संभालते-संभालते खुद को भूल जाता है,
वह सबसे ज्यादा नुकसान में रहता है।
खुद को बचाइए।
खुद को मजबूत बनाइए।
क्योंकि आप मजबूत होंगे,
तो आपका परिवार, भविष्य और जीवन—सब मजबूत होंगे।
आप अकेले नहीं हैं।
आप सक्षम हैं।
और आप यह कर सकते हैं।
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Sumit Sir
Professor of Computer Science & Engineering and Expertise in Compilation, Communication and Computation. Motivator and Career Counselor.
Some Miraculous points To Remember in Life.
1. Even when you trust your close friends and family. Don't tell them everything.
2. You can never expect honesty from people who even lie to themselves.
3. You'll be 10x happier if you forgive your parents and stop blaming them for your misery.
4. Free yourself from society's advice, most of them have no idea of what they're doing.
5. If you continue waiting for the "right time ”, you’ll waste your entire life and nothing will ever happen.
6. Your current job doesn't care about you. You only get paid enough to kill your dreams.
7. You'll lose 99% of your close friends when you start to improve your life.
8. You don't need 100 self-help books, all you need is action + self-discipline.
9. Your marriage partner remains to be your greatest;
• Financial
• Physical
• Emotional decision.
Marry wrong and you'll suffer forever.
10. YouTube, podcasts, and the internet will make you learn 10x faster than a 4-year college degree.
11. It's better to have 1 friend who's;
• Happy for you
• Supports your win
• Encourages your dreams
Then a bunch of acquittances who's
• Selfish
• Lazy
• Jealous of your success
12. The ultimate flex is acting broke while your money works for you.
13. Maturity is realizing you don’t have all the answers. It’s knowing that every person, no matter who they are, can teach you something.
The foolish man argues to prove he’s right.
The mature man listens to understand and grow.
14. Train yourself to let people intentionally win arguments to conserve your mental peace.
A Teacher Can Relate with this.
Stay Strong Professors🤗
Wishing You All a Very Happy Diwali.
दीपावली की शुभकामनाएं
20/04/2017
Beacuse, life is a real game.
Heartiest Holi wishes to all of you lovely and lively people. Have a wonderful,colorful holi.
Stay Blessed.
गणतंत्र दिवस की अनेकों शुभकामनाएं।
जय हिंद, जय भारत।
We must clean our windows first.
One should must know about this. Its all about saving a life.
Have Faith and Wait for your Right Time.
Must Share Video Story.
एक छोटा सा लेख
Fitness And Nutrition
आज के आपाधापी के युग में हर व्यक्ति पैसा और उपभोग की वस्तुएं, एवं आवश्यकताओं की पूर्ति में लगा हुआ है। आवश्यकताएं चाहे बच्चे की फीस भरने को लेकर हो या चाहे वह में पेट्रोल भरने को लेकर हो, चाहे लोन पर खरीदे गए घर की भारी भरकम किश्तों को लेकर हो।
इन सब आपाधापी में जो एक बहुमूल्य रत्न जो व्यक्ति भूल जाता है वो है उसका खुद का शरीर। चलते फिरते खाते रहना, धूम्रपान, मदिरापान, अत्यधिक मीठा खा लेना, चाय काफी की अधिकता तले भुने पदार्थ, हफ्ते में एक दो बार बाहर खाने की आदत या फैशन इत्यादि लगातार आपके शरीर को खोखला करते जाते हैं। सोने पे सुहागा ये की शारीरिक श्रम के नाम पर व्यक्ति आजकल थोड़ा सा टहल लेता है, कुछ सीढियां कभी कभार चढ़ लेता है तो आपने आपको फिटनेस का शहंशाह समझने लगता है। लगभग 85 प्रतिशत जनता किसी न किसी प्रकार की शारीरिक व्याधियों से जूझ रही है जिसका एकमात्र कारण अनियमित खानपान और कसरत का अभाव है। व्यक्ति जागरूक तब जाकर होता है जब वो या उसके परिवार में कोई किसी गंभीर बीमारी जैसे हृदयाघात, किडनी, लिवर फेलियर, न्यूरोलोजी डिसऑर्डर से ग्रसित हो जाता है।जोड़ों में दर्द, हड्डियों का खोखलापन तो आज आम बात है। तभी तो टीवी भरा पढ़ा है नाना प्रकार के तेलों के विज्ञापन से।
ये लेख मैंने सिर्फ एक सरल प्रकार के उपायों के बावत पोस्ट किया है, इसमें किसी प्रकार को प्रचार या प्रोडक्ट आधारित विज्ञापन नहीं है।
इस पोस्ट को ध्यान से पढ़िए और आशा है कि आपको अपने शारीरिक स्वस्थता के लिए सरल शब्दों में मार्गदर्शन प्राप्त होगा।
हमारा शरीर अनेकों प्रकार के अवयवों से मिलकर बना है जिसमें खनिज (मिनरल्स) लवण, vitamins वाइटल एमिनो एसिड्स, प्रोटीन, कार्बोहाइड्रेट्स, एवं फैट्स हैं। ये कुछ प्रमुख तत्व हैं। जल एक अपने आप में सबसे प्रमुख तत्व है।
हमारा शरीर एक मोटर वाहन जैसे कार्य करता है। जिसमे लगातार टूटफूट होती रहती है एवं पोषक तत्व उस टूटफूट को रिपेयर करते रहते हैं। प्रोटीन muscle बिल्डिंग का काम करता है, फैट्स मस्तिष्क में अभिन्न रोल निभाते हैं एवं कार्बोहाइड्रेट्स energy का प्रमुख सोर्स हैं।
शरीर के सभी अंग अपना रोल बखूबी निभाते हैं।
खान पान में प्रयुक्त होने वाली इन वस्तुओं में किसी न किसी रूप में कार्बोहाइड्रेट्स, प्रोटीन एवं फैट्स होते ही हैं। विस्तार पूर्वक मैं आपको एक अगली पोस्ट में बताऊंगा।
इन तीनों के कॉम्बिनेशन से ही शरीर सुचारू रूप से चल पाता है।
इन तीनो का उचित कॉम्बिनेशन, शारीरिक आवश्यकताओं के हिसाब से चयन करके व्यक्ति अपने उचित स्वास्थ्य को हासिल कर सकता है।
इन सब के सही संयोजन के साथ शारीरिक श्रम exercise, आपके शरीर में लगातार नयी कोशिकाओं के निर्माण में मदद करता है। ये पोषक तत्वों के अवशोषित होने के जिम्मेदारी भी आपके द्वारा किया जाने वाला श्रम ही है। एक्सरसाइज को सामान्यतः दो भागों में बाँट दिया गया है जैसे पहली कार्डियो vascular एक्सरसाइज जैसे दौड़ना भागना, जॉगिंग, साइकिलिंग इत्यादि, और दूसरी gym में की जाने वाली कसरत। मैं इससे कतई सहमत नहीं हूँ की किसी।प्रकार की भी excercise को ऐसे दो भागों में बांटा जाये। हर excercise का अपना एक रोल है और हर excercise में हमारा ह्रदय सदैव हमारे साथ होता है और रक्त को पूरे शरीर में पंप करता है जिससे ताकत आती है और ऊर्जा खर्च होती है। विस्तार से अगले अंक में बताऊंगा।
अतः इस पोस्ट का सार ये है कि अगर आप अपने शरीर को संतुलित बनाना चाहते हैं तो सबसे पहले आलस्य को त्यागें और आज से ही किसी भी प्रकार की कसरत शुरू करें। विस्तार में मैं इसलिए अभी नहीं जा रहा क्योंकि पहले व्यक्ति कुछ मूवमेंट तो करे उसके बाद एडवांस लेवल की बात करंगे। खाने में संतुलन लाएं, मीठे का यथासंभव त्याग करें, फैट एक बहुत अच्छी चीज़ है इसे खाने में शामिल करें।
ये सब कैसे करना है, किस प्रकार से आप अपने शरीर की।आवश्यकता के अनुसार खाना चयन करेंगे, क्या एक्सरसाइज करें, कैसे करें ये मैं आपको धीरे धीरे बताता चलूंगा। मेरी ये सारी पोस्ट हर वर्ग के लोगों के लिए होंगी।
आपका सुमित वशिष्ठ
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