17/04/2020
*☺भूत, भविष्य, वर्तमान☺*
*इस लेख को आज सुबह 4:30 पर लिखने की शुरुआत की है, इस लाइन को पढ़ने के बाद कई साथियों ने यह सोचना शुरू कर दिया होगा कि इतनी सुबह उठकर लिखना...उफ्फ, मैं तो नहीं करता, कई यह भी सोच रहे होंगे कि शायद मुझे अच्छी नींद नहीं आती और कुछ न कुछ गड़बड़ चल रही है। कुछ यह भी सोच रहे होंगे कि इसमें सोचने की कोई बात नहीं है क्योंकि पहले भी मैं लेखन करके सुबह 4 से 5 बजे के बीच पोस्ट करता रहा हूँ।*
*कुछ लोग और भी कुछ सोच रहे होंगे, यह मैं सोच रहा हूँ और यही सोचते हुए लग रहा है कि मैं सबके सोचने के बारे में सोचकर कुछ लिखूँ। अब मुझे यह पक्का यकीन हो गया है कि हम अक्सर कुछ न कुछ सोचते रहते हैं। अब तो ये हालात हो गये है कि सब कुछ ठीक चल रहा हो तब भी यह ख़याल आने लगा है कि हे भगवान अब कुछ गड़बड़ न हो और सब कुछ अच्छा चलता रहे और यह सोचकर पूर्व के सारे बुरे अनुभव सामने खड़े होकर डराने लगे हैं। कभी कभी भविष्य के बड़े बड़े प्लान और खुद को स्थापित करने के बारे में सोचता रहता हूँ क्योंकि बहुत आगे पहुंचने की महत्वाकांक्षा तो मुझे जैसे छोड़ती ही नहीं है।*
*इस दौरान पता नहीं क्यों पर ऐसा लगा कि कुछ बहुत खास छूट रहा है। हम सब साथ में बहुत कुछ कर रहे थे पर मैं उन सभी पलों में वहाँ शायद नहीं था, या तो अतीत में था या भविष्य में था और अब वह पल जो कभी वर्तमान थे, अतीत बन चुके हैं। जो भविष्य था वह वर्तमान है। कुछ बहुत ही छोटे शायद माइक्रो सेकंड्स के बाद फिर ये पल अतीत बन जायेंगे।*
*यह सब सोचकर लगा है कि मैं सोचता रहूँगा और वक्त गुजरता रहेगा, इससे कुछ ज्यादा होने वाला नहीं है। अब करने का वक्त आ गया है। उस हर पल में जीने का वक्त आ गया है जो अगले ही पल अतीत बन जाएगा। आज मैने अपने बहुत सारे रिश्तों और दोस्तों से कहा है कि उनके बिना शायद मैं अधूरा हूँ। कुछसे यह भी कहा है कि वे मुझे कभी कभी बुरे क्यों लगते हैं? यह सुनकर वे मुस्कुरा रहे हैं। कई दिनों से अपने बेटे को पढ़ाने की सोच रहा था अब हर दिन पढ़ा रहा हूँ। हमेशा सोचता रहता था कि कुछ वह करूँ जो चाहता हूँ, अब कर पा रहा हूँ क्योंकि अब मैं उस पल में जी रहा हूँ जो जीवन है..बाकी तो अतीत है या भविष्य है, एक गुजर गया और दूसरे का पता नहीं, अगर लगा कि किसी की मदद करनी है तो कर दी, फिर से लौटता हूँ मैं अपनी बात पर और लग रहा है कि अब आप सोच रहे होंगे कि क्या हमें भी वर्तमान में जीना चाहिए? मैं यह नहीं कह रहा हूँ।*
*आपका जीवन आपका है और उसे आप ही जानो पर इसे अतीत और भविष्य मत मानो, वर्तमान या उस छोटे से पल की कीमत पहचानो। मुझे भी पता है और आपको भी कि कुछ चीजें तो तय हैं जैसे कि यहाँ से जाना पर अधिकांश चीजें हम तय करेंगे और यह हम तब ज्यादा अच्छे से कर पायेंगे जब हम अभी प्लान करके उस पर काम शुरू कर देंगे वरना फिर हम कुछ सोचने लगेंगे।*
*एक हमारे साथी ने आज बताया कि इस लॉकडाउन में वे टी वी देख रहे थे तो किसी चैनल पर पट्टी चल रही थी कि देश के किसी इलाके में कुछ मजदूरों को मदद की जरूरत है तो उन्होंने अपने संपर्क सूत्रों और इन्टरनेट से संबंधों का लाभ उठाकर उनकी मदद कर दी है वहीं कई लोग आज भी यह सोच रहे हैं कि उन्हें एक्चुअली कितना डोनेट करना चाहिये, फिर वे कभी कभी इसके होने वाले सदुपयोग या दुरुपयोग पर भी एक लंबा चिंतन कर रहे हैं। कई लोग पहले लॉकडाउन के समय दूसरे की और अब तीसरे की अवधि कितनी होगी, इसके बारे में बड़ा तथ्यात्मक चिंतन कर रहे हैं पर समस्या यह है कि अभी वाले में कुछ नहीं कर रहे हैं।*
*अब इसको पढ़कर कई लोग अचानक सक्रिय होंगे और सब कुछ निपटाने की बात सोचेंगे पर ऐसा मत करिये बस उस एक पल के बारे में सोचिये जो शायद आपकी जिंदगी है।*
💐💐💐💐💐💐💐💐💐
*धन्यवाद*
*राजेन्द्र असाटी*
*9424395097*