14/05/2021
*THE NATION HAS NOT FAILED?*
The nation has immense resilience to fight back. The opposition likes to call it ‘Numbness’.
1. *The medical fraternity:* No Doctors or Nurses have run away, despite the fact that for nearly two years now, they have not taken leave. They have been in the middle of an unknown, unpredictable virus, risking their own lives!
2. *The Police:* They have been maintaining law and order, trying to infuse a sense of discipline in our heads.
3. *The network of institutions:* They have collectively developed and approved two vaccines, ramped up production and have already produced more than 16 Cr. Vaccines
4. *The CoWin team:* Look at the team of vaccine administrators who administer vaccine and send you home with a certificate.
5. *The Defence Forces:* They have one foot entrenched on the icy heights of Laddakh, facing the Chinese & another in the west, fighting terrorists. Even when their medical resources were stretched, they found time & manpower to add thousands of additional beds, fly-in & ship-in Medicines & Equipment. Does anyone know if they sleep?
6. *The DRDO:* They used all their resources to develop an inexpensive drug, in less than a year. The West wanted 18~36 months!
7. *The MEA:* Using all the diplomatic goodwill developed over time, they arranged to get help from all the advanced countries.
8. *The Indian Industry:* In addition to addressing their stressed businesses, they have donated generously towards their CSR and ramped up Oxygen production to levels that the world is watching with awe!
9. *The MSMEs:* Are generating oxygen in every nook and corner of the country and donating them for free!
10. *The Class IV employees:*
11. *The Crematorium Staff:*
12. *The NGOs*
The list is endless.....
*The only people who have failed the Nation are the Press (Print & TV Media).* They are the most irresponsible component of our society, peddling panic & terror to make profits out of it.
*A smile is not news,.....*
*a death is...!*
*Thousands of Recoveries is not Headline,.....*
*ten deaths are...!!*
*They even go to the extent of publishing fake news with unrelated stock photos (Like The New York Times did with funeral fires).*
*If You Agree, please spread the Positive Message.*
🙏🙏
12/05/2021
🙏🏻🙏🏻🙏🏻एक भुक्तभोगी व्यक्ति द्वारा साझा किए गए अपने अनुभव....बहुत सार्थक एवं सभी के पढ़ने योग्य 🙏🏻🙏🏻🙏🏻🙏🏻
मेरा आज बीसवां दिन है कोरोना का। मैं पांच दिन अस्पताल में रह कर आया हूं और आप सब के और ईश्वर के आशीर्वाद से अब पूरी तरह ठीक हूं।
मैंने इस इलाज के दौरान काफी स्टडी भी की। मेरे अब तक के ज्ञान और अनुभव का निचोड़ मै यहां प्रस्तुत कर रहा हूं। कोरोना का अनुभव महत्वपूर्ण है क्योंकि वो सब के पास नही है और अगर आप मेरे इस अनुभव को सही से समझ कर अपनाते हैं तो 90% मौतें बच सकती हैं क्योंकि 90% मौतें केवल लापरवाही, देर से ट्रीटमेंट शुरू करने और सही समय पर सही निर्णय न लेने के कारण हो रही हैं।
कृपया अपने घर वालों, दोस्तों और परिजनों तक यह ज़रूर पहुँचायें । आप से भी अनुरोध है कि 10–15 मिनट का टाइम निकलकर इसे जरूर पढ़ें । यह 100% बचने की गारंटी तो नही है लेकिन आप संतुष्ट होंगे की मैने Corona से अपनी लड़ाई में अपना 100% प्रयास किया। आपका इस बीमारी के प्रति शुरू से गंभीर होना सबसे ज्यादा महत्वपूर्ण है।
लिखने का उद्देश्य बहुत सारी भ्रांतियां दूर करना है।चूंकि मैं मेडिकल फील्ड से नहीं हूं इसलिए 100% सही होने का दावा नही कर सकता लेकिन इस भंवर में आपको सही दिशा जरूर मिलेगी। इसे आप एक मार्गदर्शन और एक मरीज़ के व्यक्तिगत अनुभव के रूप में लें और अपने चिकित्सक की सलाह पर बिना देर किये इलाज शुरू करें।
अगर आप ने बीमारी, इसकी प्रकिया और इसकी स्टेजेस को समझ लिया तो आप के लिये इस लड़ाई को लड़ना आसान हो जाएगा।
सबसे पहले तो अगर आप को इस समय बुखार, खांसी, बदन दर्द होता है तो आप तुरंत यह मान लें कि आप को कोरोना हो गया है क्योंकि अधिकांश लोग यही मानने में देर कर देते हैं कि उन्हें कोरोना हुआ है।
कोरोना का लक्षण इन्फेक्शन से दूसरे दिन से ले कर पांचवे दिन के बीच आता है।
चूंकि इन्फेक्शन कब आप की बाडी में आया ये निश्चित नहीं है अतः सभी काउंटिंग आप लक्षण वाले पहले दिन से करना शुरू करें। यही वह दिन है जब वायरस आपके शरीर में अपना इनक्यूबेशन पीरियड पूरा कर के फैलना शुरू करता है।
लक्षण आने पर आप तुरंत RTPCR टेस्ट कराएं लेकिन रिपोर्ट का इंतजार किए बिना इलाज शुरू कर दें। रिपोर्ट नेगेटिव आए तब भी इलाज जारी रखें क्योंकि 50% केस में नया कोरोना strain RTPCR में पकड़ में नहीं आ रहा है।
लक्षण के पहले तीन दिन महत्वपूर्ण हैं। इसमें आप खूब स्टीम और गर्म पानी ले कर कोरोना वायरस को नाक और साइनस में ही या फेफड़े की मुख्य नली में ही खत्म करने की कोशिश कर सकते हैं।
साथ ही आप अपनी बॉडी की इम्यूनिटी बढ़ाने के लिये और इसे वायरस से लड़ने के लिए तैयार करने के लिये निम्न सप्लीमेंट लेना तुरंत शुरू कर दें:
1. LIMCEE 500mg twice a day -15 days
2. Zincovit Once a day- 15 days
3. Calcitrol 60,000 IU once a day 3 days then repeat weekly
अगर आपके लक्षण हल्के हैं या आपका स्वाद और गंध चला गया है तो संभवतः आपको mild (हल्का) COVID है।
अगर आपको तेज बुखार और बदन दर्द हुआ है तो संभवतः यह मध्यम दर्जे का (moderate) या Severe COVID होगा।
तीन दिन में अगर आपके लक्षण कम नही होते और तीसरे या चौथे दिन से बुखार बढ़ता है तो इसका मतलब है वायरस आपके फेफड़े में अंदर तक पहुंच चुका है। अब स्टीम कम कर दें - दिन में दो से तीन बार लें क्योंकि अब इसका रोल केवल आपके फेफड़े के रास्ते को साफ रखना है जिससे हवा और ऑक्सीजन आप के फेफड़े तक पहुंचती रहे। अब यह वायरस को मार नही सकती क्योंकि वायरस फेफड़े की गहराई जिसको Alveoli कहते हैं वहां तक पहुंच गया है और वहां स्टीम का टेंपरेचर नहीं पहुंच सकता।
आपका लक्ष्य अब वायरस के मल्टीप्लिकेशन को कंट्रोल करना है। इसके लिये आप तुरंत (Latest by 3rd day) एंटी वायरल शुरू करें। Most common treatment चिकित्सकों द्वारा इस प्रकार दिया जा रहा है:
Doxycycline 100 mg दिन में दो बार 7 दिन
Ivermectin 12mg दिन में एक बार 4 दिन तक
Fabiflu पहले दिन 1800mg+1800mg
दूसरे से सातवे दिन 800mg+800mg
ध्यान रहे कि कोरोना वायरस को मारने की कोई दवा अभी तक नही बनी है। ये दवाइयां केवल वायरस को मल्टीप्लाई होने से रोकने की कोशिश करेंगी। चूँकि वायरस 9 दिन में ख़त्म हो जाता है अत: इन दवाइयों का रोल केवल लक्षण के पहले नौ दिनों तक ही रहता है। उसके बाद इन्हें शुरू करना या खाना साँप निकल जाने के बाद लकीर पीटने जैसा है ।
मैने इसके अलावा कुछ सपोर्टिंग दवाइयां जैसे Montair LC और AB Flow N1 भी लीं जिनका काम केवल एलर्जी को कम रखना और श्वसन सिस्टम को सपोर्ट करना था।
कुछ doctor साथ में Azythramycin 500mg दिन में दो बार 3 से 5 दिन के लिये recommend करते हैं।
बुख़ार को 99 degree के अंदर रखने के लिये हर 4 से 6 घंटे में लगातार Dolo 650 mg या Paracip 650mg या Meftal 500mg जो सूट करे लेते रहें। वजन 50 kg से कम होने पर आप ये दवाइयाँ 500mg की ले सकते हैं।
लक्षण के पांचवे दिन तक आपके शरीर में पर्याप्त एंटीबॉडी बन जाती हैं। अब अगर दवाइयों और आपकी बॉडी के प्रयास से वायरस कमजोर पड़ा और आपकी बॉडी जीत गई तो छठे दिन से आपकी रिकवरी शुरू हो जाएगी और आप 10वे दिन कोरोना से मुक्त हो जायेंगे। हल्का बुखार, हल्की खांसी या कुछ अन्य हल्के लक्षण आपको अगले कुछ समय तक, हो सकता है एक महीने तक भी, आफ्टर इफेक्ट के रूप में बने रहें जिससे घबराने की जरूरत नहीं है। आप आइसोलेशन से बाहर आ कर अब परिवार से मिल सकते हैं।
अगर पांचवे छठे दिन से बुखार और बढ़ जाता है और लक्षण और प्रबल होते हैं तो आप मान लीजिए कि कोरोना काफी मजबूत स्थिति में आ चुका है और आपकी बॉडी में कोरोना से जबरदस्त लड़ाई शुरू हो चुकी है। चूंकि एंटीबॉडी 5वे दिन तक पर्याप्त मात्रा में बन चुकी है इसलिए अब वायरस और नही बढ़ेगा लेकिन अब आपके शरीर में दोनों सेनायें बडे़ स्तर पर इकट्ठी हो चुकी हैं और आप का शरीर, विशेष रूप से आपका फेफडा़ एक बड़ी जंग का मैदान बनने वाला है।
अगर लक्षण और बुख़ार बढ़ गये हैं तो ६ठे दिन से 9वां दिन आपके लिये सबसे घातक होने वाला है ।अगर इन तीन चार दिनों में आपने अपने इमयून सिस्टम को कंट्रोल नहीं किया तो यह भयानक तबाही मचा सकता है और आपका शरीर खुद ही इतनी बुरी तरह से रिएक्ट करना शुरू कर देगा कि अपने आप को ही यह बुरी तरह डैमेज करने लगेगा।
अतः अब आप का काम बॉडी के इम्यून सिस्टम को कंट्रोल करना और शांत करना है जिससे ये खुद ही अपनी बॉडी को पूरी तरह डैमेज न कर ले।
अगर बुखार पांचवे छठे दिन तक और बढ़ गया है या बाकी लक्षण बढ़ गए हैं तो पांचवे या छठे दिन HRCT( छाती का सीटी स्कैन) कराना ज़रूरी है जिससे आपको पता चल जायेगा कि आपके फेफडे़ में इस लडा़ई में कितना इनफ़ेक्शन या डैमेज हो चुका है। इससे आपको यह निर्णय लेने में मदद मिलेगी कि आप को आगे स्टीरॉयड ट्रीटमेंट लेना है या नहीं और अगर लेना है तो ओरल लेना है या इंजेक्शन ।
अगर सीटी स्कोर 5/25 या उससे कम है और सांस लेने में दिक्कत नही है या सीने में भारीपन नही है तो आपको माइल्ड COVID निमोनिया है। आप सामान्य दवाइयां जारी रखे और स्टीम लेते रहे, नेबुलाइजर लें और ठीक हो जाएंगे। चाहें तो 5 दिन बाद CT रिपीट कर लें जिससे यह सुनिश्चित हो जाय कि infection बढ़ा नही है।
अगर आपका CT score 6/25 से 14/25 के बीच है तो आपको मॉडरेट (मध्यम दर्जे का) निमोनिया हो चुका है। आप तुरंत ओरल steroid लेना शुरू करें अन्यथा यह गंभीर निमोनिया में बदल जायेगा।
Steroid सामान्यतः इस प्रकार recommend किया गया है:
Dexamethasone (अलग अलग ब्रांड नाम से मार्केट में है)
या
Methylpresdnisolon(अलग अलग ब्रांड नाम से मार्केट में है)
16mg दिन में दो बार पांच दिन तक
फिर 8mg दिन में दो बार 3 दिन तक
फिर 4 mg दिन में दो बार 2 दिन तक।
इसकी actual dose और आपको कब तक लेना है यह आपकी कंडीशन, severity और रिकवरी पर निर्भर करेगी जो आपका चिकित्सक बेहतर बता पाएगा।
लेकिन यह आप निश्चित जान लीजिए कि अगर आपका इन्फ्लेमेशन और निमोनिया बढ़ गया है तो steroid ही आपको और अधिक डैमेज से बचा सकता है। अगर आपने गंभीरता का सही आकलन कर ६ठे या सातवें दिन steroid शुरू कर दिया तो आप गंभीर स्थिति में पहुँचने और अस्पताल जाने से बच जायेंगे।
Steroid को लेकर मैंने देखा बहुत भ्रान्तियाँ हैं। मैं ख़ुद भी इस नाम से डरता था। लेकिन अब मैं १००% sure हो चुका हूँ कि कोरोना की बीमारी की दूसरी स्टेज के ट्रीटमेंट की यही एकमात्र दवा है।
यह एंटी inflammatory और लाइफ सेविंग दवा है।अगर आपको steroid से डर लगता है या कोई शंका है तो बता दूं कि मुझे दिन में दो बार 40 mg-40mg steroid injection दिया गया। मेरे साथी हैं उन्हें 125mg-125mg दिन में दो बार steroid injection दिया गया।
अधिकतम steroid आप अपने वजन के बराबर mg में प्रतिदिन ले सकते है। अगर severe case है तो डॉक्टर वजन के दो गुना तक प्रतिदिन steroid देते हैं।
अगर आपको डायबिटीज है तो उसको कंट्रोल करने की जरूरत पड़ेगी क्योंकि steroid से शुगर लेवल बढ़ेगा।
यह भी ध्यान रखें कि पहले पांच दिन में स्टीरॉयड नही लेना है नही तो ये इम्यून system को स्लो कर देगा और बॉडी वायरस से नहीं लड़ पाएगी। Unfortunately मुझे स्टारटिंग से ही माइल्ड steroid शुरू करा दिया गयाथा।
दूसरी बात यह कि steroid को अचानक बंद नही करना है नही तो शरीर पर गलत प्रभाव पड़ेगा। 5 दिन तक 16 mg फिर 3 दिन 8mg और फिर 4mg पर ला कर बंद करना है।
Inflamation के कारण आपका खून गाढ़ा हो जाता है और आपके शरीर में ब्लड clot (खून के छोटे छोटे थक्के) बनने लगते हैं। अतः खून को पतला करने और थक्के कम करने के लिए ब्लड थिनर (सामान्यतया Ecosprin 75 mg रात में एक बार) रिकमेंड किया जाता है अन्यथा ये ब्रेन स्टोक या हार्ट अटैक या अन्य अंगो को डैमेज कर सकते है।
हार्ट, बीपी इत्यादि की पहले से बीमारी होने पर डॉक्टर से कंसल्ट कर के ही ये दवाएं लें।
बुखार को किसी भी हाल में बढ़ने न दें । 99 आते ही Dolo 650mg या कोई अन्य दवा लें। जरूरत पड़ने पर यह आप हर 3–4 घंटे पर भी ले सकते हैं। बुखार बढ़ते ही आपकी बॉडी की लड़ने की क्षमता कम हो जाती है, इन्फ्लेमेशन बढ़ता है और ऑक्सीजन लेवल गिरने लगता है।
पांचवे या छठे दिन HRCT के साथ साथ निम्न ब्लड टेस्ट भी कराएं जो आपकी बाडी मे inflammation और infection का स्तर बतायेंगे और आगे के ट्रीटमेंट में हेल्प करेंगे:
CBC
CRP
D-Dimer
Ferritin
अगर CRP काफी बढ़ा हुआ है तो ये बॉडी में inflamation या damage दर्शा रहा है। बाकी टेस्ट रिपोर्ट भी बढ़े हुए आने पर ये आपके अलग अलग अंगों में inflamation का लेवल बता रहे होंगे।
Moderate केस में लगातार हर दो घंटे आक्सीजन नापते रहें। नापते समय ध्यान रखें कि Pulse Oximeter को दो मिनट तक लगा कर रखें और stable होने के बाद ही रीडिंग पढें।
दूसरे COVID वेव में हैप्पी हाइपोक्सिया के भी केस बहुत हो रहे हैं. इसमें विशेष रूप से young generation में फेफड़े में काफी infection हो जाने के बाद भी शरीर की क्षमता के कारण ऑक्सीजन 95+ मेंटेन रहता है और फिर एक लिमिट के बाद अचानक से 80 या उससे नीचे चला जाता है। मेरे केस में भी ऐसा ही हुआ। इसलिए लगातार सतर्क रहना और ऑक्सीजन नापते रहना बहुत जरुरी है और younger generation को अच्छे oxygen level के भ्रम में न रह कर लगातार सतर्क और अपने चिकित्सक के संपर्क में रहकर इलाज पर बने रहना चाहिए।
अगर आपका ऑक्सीजन 90 से नीचे जा रहा है तो आपको अस्पताल में भर्ती होने की जरूरत है। अगर आप अच्छे अस्पताल में व्यवस्था कर सकते हैं तो आप सुरक्षित होंगे और सबसे ज्यादा आपका आत्मविश्वास बढ़ जाएगा जो कि बहुत जरूरी है इस बीमारी से लड़ने के लिए। इसके अलावा आप प्लान कर के समय से अस्पताल जा पाएंगे अन्यथा ऑक्सीजन लेवल अगर 80 पहुंच गया तब आप इमरजेंसी में इधर उधर भागेंगे, आपको अच्छा अस्पताल नही मिल पाएगा और आप का ऑक्सीजन लेवल घबराहट में और तेजी से नीचे गिरेगा।
अगर आपका CT score 15/25 या उससे ज्यादा है तो आप का severe case है। आपको तुरंत intravenous treatment की जरूरत होगी। आपका फेफड़ा काफी प्रभावित हो चुका है। अब आपको हाई डोज स्टीरॉयड इंजेक्शन ही ठीक कर सकता है। इसलिए बिना सोचे तुरंत अस्पताल में एडमिट हों और चिकित्सक की देख रेख में इलाज कराएं।
जितना हो सके घर में और अस्पताल में भी पेट के बल लेटें।
Oxygen down होने पर अर्ध भुजंग आसान में आ कर जोर जोर से गहरी सांस खींचे। इससे आपका ऑक्सीजन 10 प्वाइंट तक बढ़ जाएगा।
घर में और अस्पताल में भी अपने से (बिना ऑक्सीजन सपोर्ट के) प्रान पोजिशन का प्रयोग कर ऑक्सीजन लेवल 90 से ऊपर मेंटेन करने की कोशिश करे।
एक बार अगर आप ऑक्सीजन सपोर्ट पर पहुंच गए फिर आपकी वापसी की संभावना 50% ही रह जायेगी और अगर कोई वेंटीलेटर तक पहुंच गया तो वापस लौटने के संभावना केवल 10% ही रह जायेगी।
इस पूरी बीमारी में समय बड़ा कीमती है। एक एक दिन महत्वपूर्ण है। अगर आपने एक भी स्टेप में एक भी दिन की देरी की तो परिणाम बहुत अलग हो सकता है।
अगर आप वायरस से और बीमारी से आगे दौड़े तो आप जीतेंगे और अगर वायरस या बीमारी आप से आगे दौड़ी तो बीमारी जीतेगी।
मैं और मेरे मित्र हम दोनो एक साथ इनफेक्ट हुए ऑफिस में। उनका treatment हर स्टेज में मुझसे दो दिन पीछे चलता रहा जिसके कारण उनका infection मेरी तुलना में काफी ज्यादा बढ़ गया और जहां मैं 40 mg steroid से रिकवर कर गया, उन्हें 125 mg steroid और Remedesivir देना पड़ा। इससे आप टाइमली treatment की इंपोर्टेंस समझ सकते हैं। शायद मैंने दो दिन और पहले टेस्ट करवा लिया होता और ट्रीटमेंट शुरू कर दिया होता तो अस्पताल जाने की भी नौबत नहीं आती(मैने 8वे दिन HRCT कराया और 10वे दिन steroid शुरू किया)
वायरस की लाइफ ह्यूमन बॉडी में सिर्फ 9 दिन होती है। अतः पहले हफ्ते में आपको वायरस से लड़ना है। दूसरे हफ्ते में आपको अपनी बॉडी को शांत करना है लड़ने से। नही तो ये पागलों की तरह ओवर रिएक्ट कर के सेल्फ डैमेज कर लेगी। steroid यही करता है। इम्यून सिस्टम को शांत करता है नही तो यह मरे हुए वायरस को भी मारने में लगा रहेगा और इस प्रक्रिया में बॉडी पार्ट्स को डैमेज करता जायेगा।
अगर आपने ढिलाई की और लड़ाई बड़े स्तर पर चली गई तो वायरस तो 9 दिन में मर जायेगा लेकिन इतना तहस नहस हो चुका होगा कि उसे ठीक करने की जद्दोजहद हफ्तों चल सकती है और आपको वेंटीलेटर तक भी पहुंचा सकती है।
9 दिन के बाद आप केवल इस लड़ाई में चारो तरफ हुए डैमेज से उबरने का संघर्ष करते हैं। कोरोना की बीमारी में कोई भी व्यक्ति वायरस से नहीं मरता है। सारी मौतें वायरस से लड़ने में जो आपका इम्यून सिस्टम ओवर रिएक्ट करने लगता है उससे होती हैं। अगर यह ओवर रिएक्शन दूसरे हफ्ते या दूसरी स्टेज में कंट्रोल नहीं किया गया तो मरीज तीसरे हफ्ते में तीसरी स्टेज में चला जाता है जहां साइटोकाइन स्टॉर्म नामक घटना होती है। इसकी तुलना आप शरीर के भीतर साम्प्रदायिक दंगे के भड़कने से कर सकते हैं जहां ब्रेन और अन्य अंगो का प्रशासन बेबस हो जाता है और चारो तरफ आपका इम्यून सिस्टम कोहराम मचा रहा होता है। मरीज आईसीयू या वेंटिलेटर पर होता है और हर चिकित्सक और हर दवा बस हाथ जोड़े किसी तरह शरीर के इम्यून सिस्टम को शांत करने की कोशिश करती है|
उपरोक्त बाते मेरे अनुभव और जो मैने इस बीच में स्टडी की है उसके आधार पर है।
समाज में अभी भी बहुत भ्रांति और कन्फ्यूजन है ट्रीटमेंट को ले कर, टेस्ट को लेकर और स्टीरॉयड को ले कर। अतः शायद मेरा अनुभव आपको हेल्प करे।
मैं मानता हूं कि अगर आप अलर्ट रहे और बीमारी से आगे दौड़े तो आप 99% जीतेंगे। 85% केस माइल्ड ही होते हैं अतः नॉर्मल ट्रीटमेंट से ठीक हो जाते हैं। इसलिए डरने की नही बल्कि सतर्क रहने और जागरूक रहने की जरूरत है। क्योंकि आपको पता नही है कि आप 85% में हैं या 15% में। ये आप केवल हर स्टेज में सतर्क रह कर और समय से एक्शन ले कर ही सुनिश्चित कर सकते हैं कि आप अगली 15% की पंक्ति तक न पहुंचे।
अगर आप पिछड़ गए दौड़ में तो बाजी आपके हाथ से निकल सकती है। जीतेंगे फिर भी आप लेकिन सिर्फ डॉक्टर, अस्पताल और ईश्वर के सहारे ।
01/05/2021
A quick revision of ALCOHOLs CHEMISTRY
12/04/2021
SJ Academy is inviting you to a scheduled Zoom meeting.
Topic: 12th Chemistry by Prof. Shashi Dubey
Time: Apr 12, 2021 08:00 AM Mumbai, Kolkata, New Delhi
Join Zoom Meeting
https://us04web.zoom.us/j/71415200935?pwd=UjRhM29tRi9sVm9hWndWZHozVXhLQT09
Meeting ID: 714 1520 0935
Passcode: V7x3x1
Join our Cloud HD Video Meeting
Zoom is the leader in modern enterprise video communications, with an easy, reliable cloud platform for video and audio conferencing, chat, and webinars across mobile, desktop, and room systems. Zoom Rooms is the original software-based conference room solution used around the world in board, confer...
12/04/2021
SJ Academy is inviting you to a scheduled Zoom meeting.
Topic: Science Class X
Time: Apr 12, 2021 07:00 AM Mumbai, Kolkata, New Delhi
Join Zoom Meeting
https://us04web.zoom.us/j/71415200935?pwd=UjRhM29tRi9sVm9hWndWZHozVXhLQT09
Meeting ID: 714 1520 0935
Passcode: V7x3x1
Join our Cloud HD Video Meeting
Zoom is the leader in modern enterprise video communications, with an easy, reliable cloud platform for video and audio conferencing, chat, and webinars across mobile, desktop, and room systems. Zoom Rooms is the original software-based conference room solution used around the world in board, confer...
03/04/2021
SJ Academy is inviting you to a scheduled Zoom meeting.
Topic: SJ Academy's Zoom Meeting
Time: Apr 3, 2021 07:00 AM Mumbai, Kolkata, New Delhi
Join Zoom Meeting
https://us04web.zoom.us/j/77856843496?pwd=RDBOTHZGMXpTQ3dtbVdpcUhSMjNKUT09
Meeting ID: 778 5684 3496
Passcode: 6mL8jD
Join our Cloud HD Video Meeting
Zoom is the leader in modern enterprise video communications, with an easy, reliable cloud platform for video and audio conferencing, chat, and webinars across mobile, desktop, and room systems. Zoom Rooms is the original software-based conference room solution used around the world in board, confer...
02/04/2021
On this auspicious occasion of rang panchami SJ ACADEMY announces free classes for one and all. Lovely to do.
For this noble cause and future of india. If anyone of you want to contribute, it will be a big help fir us to continue this initiative which is a must to do fir the owner of SJ ACADEMY Prof. Shashi Prakash Dubey
13/03/2021
Computer skills
Survey
Counselling
Center manager