Malik naved
Sheri nashist
Shabistaan e adab bhopal
yeh page
urdu zuban ke shayer aur shayraat ke kalaam ko farogh dene ke liye create kiya gaya hai ..
// कबीर दास //
सिखा के प्रेम के अक्षर यहीं पे रहता था
वो ढाई हर्फ़ का रहबर यहीं पे रहता था
उसी से लोग कहा करते थे फ़क़ीर मनुष्य
वो अपने युग का सिकन्दर यहीं पे रहता था
इसी ज़मीन से आती है दोहे की ख़ुशबू
सुख़नवरों का सुख़नवर यहीं पे रहता था
यही है सन्तों की पावन वसुन्धरा, मित्रों
पवित्र प्रेम का पैकर यहीं पे रहता था
वो ज़हनो दिल में जलाता था इल्म की शम्ऐं
वो एक पारा ए अनवर यहीं पे रहता था
हर एक धर्म के लोगों ने उसको चाहा है
वो सूरमाओं का दिलबर यहीं पे रहता था
यहीं लिया है ख़ुसूसन नवेद ने भी जन्म
क़बीर दास क़लन्दर यहीं पे रहता था
Malik Naved Bhopali
------- #-------- #------
13/10/2024
08/06/2023
Naat-e-paak by malik Naved sahab نعت پاک کلام : جناب قاضی ملک نوید صاحب بآواز محمد زید اسرار طلحوی Naat-e-paak by malik Naved sahab نعت پاک کلام : جناب قاضی ملک نوید صاحب بآواز محمد زید اسرار طلحوی ...
Click here to claim your Sponsored Listing.
Location
Category
Address
Bhopal
462001