26/09/2024
सांकेतिक भाषा सप्ताह के अंतर्गत अंतर्राष्ट्रीय सांकेतिक भाषा दिवस एवं महामुनि अष्टावक्र की जयंती मनाई गई
अंतर्राष्ट्रीय सांकेतिक भाषा दिवस के उपलक्ष पर आस्था स्पेशल स्कूल के दिव्यांग बच्चों अंतरराष्ट्रीय खेल मलेशिया में खेलने वाले को सम्मानित किया
आस्था स्पेशल स्कूल के दिव्यांग बच्चे मलेशिया में खेलकर देश का प्रतिनिधित्व करेंगे उनको सम्मानित किया
एक भाषा जो सांकेतिक जिसके माध्यम से मूक बधिर व्यक्ति जो सामान्य व्यक्ति से अधिक अपने आप को ऊर्जावान साबित करते हैं। आज आस्था स्पेशल स्कूल में सांकेतिक भाषा सप्ताह के अंतर्गत अंतर्राष्ट्रीय सांकेतिक भाषा दिवस उत्सव मनाया गया इस दौरान महामुनी अष्टावक्र की जयंती भी बनाई गई। इस कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के तौर पर पहुंचे चंद्र भूषण पाठक, प्रोफेसर करण सिंह, सेवानिवृत्ति प्रवक्ता जगदीश वाधवा, मनोवैज्ञानिक सुखबीर, डॉ तरुण कुलश्रेष्ठ ने पहुंचकर बच्चों की गतिविधियों की सराहना व्यक्त की। सी बी पाठक ने सांकेतिक भाषा विषय पर एवं महामुनी अष्टावक्र पर विस्तार से बताया और कहा कि बच्चे इस भाषा के माध्यम से अपने जीवन शैली को यथारूक से गति के साथ ऊर्जावान बना रहे हैं और ऐसी संस्थाएं इनको ऊर्जावान बनाने में अहम योगदान दे रही है जिसके लिए हमें गर्व है। प्रोफेसर करण सिंह ने बताया की आस्था की उपलब्धियां आज हरियाणा में एक अनूठी पहचान के साथ दिखाई दे रही है जिसके माध्यम से इस संस्था के बच्चे विदेश तक पहचान बनाने में सफलता हासिल कर रहे हैं। प्राचार्य एवं संचालिका एडवोकेट सुमन शर्मा ने अतिथियों की बताई गई बातों को सांकेतिक भाषा के माध्यम से इन बच्चों को समझाया और बताया कि हमारा उद्देश्य है बच्चे किसी पर निर्भर न रहे और उनमें एक ऐसी किरण दिखाई दे जिसका उजाला खुद बने एवं दूसरों के लिए भी बने। इस अवसर पर आस्था स्पेशल स्कूल के मूक बधिर बच्चे अंतरराष्ट्रीय स्तर पर खेलने के लिए चयन हुआ है उनको भी सम्मानित किया गया। गत वर्ष राष्ट्रीय प्रतियोगिता में पदक हासिल कर अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिता के लिए चयन हुए जसपाल शॉट पुट, रूपेश जैवलिन, अमित रेसलिंग में दिसंबर माह में मलेशिया खेलने जाएंगे। इस वर्ष भी राज्य स्तर की प्रतियोगिता में पदक हासिल किए गए राज्य स्तरीय प्रतियोगिता में जसपाल शॉट पुट में प्रथम स्थान, डिस्कस थ्रो में दूसरा स्थान ,रूपेश जैवलिन में प्रथम स्थान ,अमित रेसलिंग में प्रथम स्थान,सोमबीर 10000 मीटर रेस में प्रथम स्थान, 5000 मीटर रेस में दूसरा स्थान, 1500 मीटर रेस में तीसरा स्थान हासिल कर भिवानी का नाम रोशन किया इन सभी को आज इस पावन अवसर पर सम्मानित कर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर देश का नाम रोशन करने के लिए शुभकामनाएं में बधाइयां दी और हौसला बढ़ाया। संस्था के संस्थापक विजय शर्मा ने बताया कि हमारा उद्देश्य है कि खेल के क्षेत्र में भी इन बच्चों को पारंगत कर एक नई दिशा प्रदान करना ताकि आगे का जीवन सुदृढ़ बन सके एवं किसी पर आश्रित ना रहे। डॉ तरुण कुलश्रेष्ठ एवं एडवोकेट सुमन शर्मा ने आए हुए अतिथियों का आभार व्यक्त किया। इस अवसर पर स्कूल स्टाफ दिव्यांग बच्चों एवं अभिभावक उपस्थित रहे