21/05/2022
चौधरी बंसी लाल विश्वविद्यालय में आत्मनिर्भर भारत एवं महिला उद्यमिता पर आयोजित कार्यशाला में प्रदेश भर से महिला उद्यमियों ने की सहभागिता
महिला स्वावलंबन से बनेगा आत्मनिर्भर भारत: कश्मीरी लाल
भारत के हर घर में मौजूद है प्राचीन समय से उद्यमिता:सतीश कुमार
भिवानी,चौधरी बंसी लाल विश्वविद्यालय में आजादी के 75वें अमृत महोत्सव के तहत विश्वविद्यालय के रोजगार सृजन केंद्र द्वारा "आत्मनिर्भर भारत एवं महिला उद्यमिता" विषय पर एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन विश्वविद्यालय के प्रेम नगर स्थित नए परिसर के श्रीनिवास रामानुजन भवन के सभागार में कुलपति प्रो. राजकुमार मित्तल के कुशल नेतृत्व एवं कुलसचिव श्रीमति ऋतु सिंह के कुशल मार्गदर्शन में किया गया। इस राष्ट्रीय वर्कशॉप में स्वदेशी जागरण मंच के अखिल भारतीय संगठक श्री कश्मीरी लाल एवं स्वदेशी जागरण मंच के अखिल भारतीय सह संगठक श्री सतीश कुमार ने बतौर मुख्यातिथि शिरकत की। वर्कशॉप में बतौर विशिष्ट अतिथि सह समन्वयक श्रीमति अर्चना मीणा, प्रांत समन्वयक एवं सचिव स्टेट टेक्निकल एजुकेशन बोर्ड श्री राजेश गोयल, भगत फूल महिला विश्वविद्यालय की कुलपति प्रोफ़ेसर सुदेश ने शिरकत की।
कार्यशाला का शुभारंभ सभी अतिथियों द्वारा मां सरस्वती की प्रतिमा के समक्ष दीप प्रज्वलित कर किया गया। स्वदेशी जागरण मंच के अखिल भारतीय संगठक श्री कश्मीरी लाल ने सम्बोधित करते हुए कहा कि महिलाओं आत्मनिर्भरता के बिना राष्ट्र की आत्मनिर्भरता संभव नहीं है। उन्होंने कहा कि महिलाएं पुरुषों से कहीं बड़ी हैं। उनकी कोई बराबरी नहीं कर सकता। वह स्वयं को बड़ा मानें और उनमें अंतर्ज्ञान बहुत अधिक है।उन्होंने कहा कि महिलाएं पुरुषों से हर क्षेत्र में आगे हैं।महिलाएं स्वयं के उत्पाद तैयार कर उनकी मार्केटिंग करें।महिलाएं समूह बनाकर अपने उत्पादों को ब्रांड के रूप में रजिस्टर्ड करें और आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ें।उन्होंने कहा कि युवाओं को स्वरोजगार अपनाकर अन्य लोगों के लिए रोजगार सृजन करने में अपना महत्वपूर्ण योगदान देना चाहिए। उन्होनें जैविक खेती अपनाने पर जोर दिया।उन्होंने कई कामयाब सफल उद्यमी महिलाओं के उदाहरण प्रस्तुत किए।उन्होंने सफल आयोजन के लिए पूरी टीम को बधाई दी।
विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो राजकुमार मित्तल ने सम्बोधित करते हुए कहा कि आत्मनिर्भर भारत एक ऐसा अभियान है जो देश को स्वावलंबी और आत्मनिर्भर बनाने के साथ भारत को आर्थिक संपन्नता की ओर ले जा रहा है।