08/04/2017
प्रेषित - मध्य प्रदेश छात्रसंघ,ग्वालियर द्वारा खुली (Open) भर्ती बंद किए जाने हेतु।
मध्य प्रदेश के छात्रों के साथ हो रहे अन्याय के विरुद्ध तमाम शिक्षाविदों और वरिष्ठ जनों का ध्यान आकर्षित करने के लिए हमारे आदरणीय बड़े भाई श्री दुर्गेश भारद्वाज जी के नेतृत्व में हम सभी छात्रों ने मुख्यमंत्री जी को कल दिनांक 07-04-2017 को एक ज्ञापन देने का प्रयास किया था जिसे पुलिस और मीडिया कर्मियों द्वारा एक राजनीतिक मुद्दा समझकर हमें मुख्यमंत्री जी से मिलने तक नहीं दिया गया और लाठीचार्ज तक की धमकी दी गई लेकिन बमुश्किल हम लोगों ने मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान की गाड़ी को रोका और उन्हें ज्ञापन थमा दिया मुख्यमंत्री महोदय ने हमें आश्वासन दिया है कि ज्ञापन पर उचित निर्णय लेंगे लेकिन यह मामला ठंडे बस्ते में ना चला जाए इसलिए हम सभी छात्रों को मिलकर और एकजुट होकर एक विशाल छात्रआंदोलन करना होगा जिसके जरिए हम सभी छात्रों को यह बता सके की हमारे साथ बहुत ही सौतेला व्यवहार किया जा रहा है ।
अन्य राज्यों द्वारा आयोजित होने वाली प्रतियोगी परीक्षाओं में बाहरी राज्यों के छात्रों के लिए केवल 5 परसेंट सीटें आरक्षित रहती है जबकी मध्यप्रदेश में इस प्रकार के आरक्षण का कोई प्रावधान नहीं है,यहां के छात्रों को मध्य प्रदेश के मूल निवासी होने का राज्य की प्रतियोगी परीक्षाओं में कोई विशेष लाभ नहीं दिया जाता है,यह मध्य प्रदेश के होनहार युवाओं पर जानबूझकर शासन द्वारा किया जाने वाली मानसिक प्रताड़ना एवं आघात है लेकिन इस ओर शिक्षा विचारको, किसी भी मंत्री और अन्य समाज के ठेकेदारों द्वारा बिल्कुल भी ध्यान नहीं दिया जा रहा है।
अतः यह हम सबकी नैतिक जिम्मेदारी है कि हम छात्र स्वयं इसका विरोध करेंगे और इस अन्याय के विरुद्ध एक विशाल छात्र सम्मेलन करके 5 परसेंट आरक्षण कोटा को मध्य प्रदेश के लिए लागू करवाने और खुली भर्ती रोकने के लिए सरकार पर दवाब बनाएं अन्यथा हम अपने देश में स्वयं पिछड़ जाएंगे।
इस दिशा में एक योजना कार्यरत है और आप को समय समय पर इसकी जानकारी दी जाएगी यह मुद्दा किसी भी राजनीतिक लाभ की भेंट ना चढ़ जाए इस का विशेष ध्यान भी हम छात्र मित्रों को रखना होगा।
धन्यवाद
छात्रसंघ
ग्वालियर मध्य प्रदेश
निवेदक -
दुर्गेश भारद्वाज,राहुल कटारे,कान्हा भदौरिया, अंकित सिंह तोमर,रमन सिंह भदौरिया,अनूप डंडोतिया,बृजेश भदौरिया,दीपक राजावत,प्रवीण सिंह कुशवाह,आशुतोष शर्मा,पुष्पेंद्र चौबे, पवन शर्मा,शशिकांत शर्मा,सुधीर भदौरिया एवं अन्य समस्त छात्रगण
कृपया इस जरूरी संदेश को अधिक से अधिक छात्रों तक पहुंचाने में अपनी और हमारी सहायता करें क्योंकि यह केवल हमारा ही नहीं आपका भी दायित्व है।