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English Medium Tutorial Classes for Class 6th to 10th and Handwriting Improvement Course with speed

10/10/2025
13/06/2025

श्रीगुरु चरन सरोज रज निज मन मुकुर सुधारि।
बरनऊं रघुबर बिमल जसु जो दायक फल चारि।।

👉 सरल अर्थ:
मैं अपने गुरुजी के चरणकमलों की धूल से अपने मनरूपी दर्पण को साफ करता हूँ। इसके बाद मैं श्रीरामजी के सेवक हनुमानजी के निर्मल यश का वर्णन करता हूँ, जो धर्म, अर्थ, काम और मोक्ष — इन चारों फलों को देने वाला है।

👉 उदाहरण से समझें:
जैसे कोई आईना मैला हो तो उसमें चेहरा साफ दिखता नहीं है। पहले उस आईने को कपड़े से पोंछकर साफ करते हैं, फिर उसमें चेहरा साफ दिखता है। वैसे ही मन भी विकारों से मलिन होता है। जब हम गुरु की कृपा (चरणों की धूल) से मन को शुद्ध करते हैं, तभी हम ईश्वर का यश गा सकते हैं।

28/04/2021

वर्ग 9 और 10 हिंदी माध्यम के छात्रों के लिए सभी विषयों गणित, विज्ञान, सामाजिक विज्ञान, संस्कृत, हिंदी और अंग्रेजी की ऑनलाइन पढ़ाई zoom और यूट्यूब के माध्यम से फ्री में विषय विशेषज्ञों द्वारा कराई जाएगी। इसमें आपको लाइव क्लास के अलावे, नोट्स और प्रश्नोत्तर उपलब्ध कराए जाएंगे।
यह क्लास प्रतिदिन होगा। जो छात्र इसमें जुड़ना चाहते है वो नीचे के whatsapp लिंक पर क्लिक करके जुट जाएं ताकि समय पर आपको सभी सूचना मिल सके और नियमित रूप से क्लास करते रहे।

10th के लिए whatsapp group

https://chat.whatsapp.com/FNsRwkgkcNpD7MG9utA0EK

9th के लिए whatsapp group

https://chat.whatsapp.com/CPEGXJE4RLLD43wMe5W3ap

24/04/2021

घर के आंगन में चारपाई पर बैठे 60 वर्षीय बुजुर्ग अपने बड़े बेटे के साथ एक गम्भीर विषय पर चिंतन कर रहे थे।
"बापू, बैंक का कर्ज़ बढ़ता ही जा रहा है हालात बहुत खराब है घर के !!!
नही भरा तो बैंक कभी भी नोटिस निकाल देगा।"

10 सदस्यों वाले परिवार जिसमें (बुजुर्गऔर उसकी पत्नी, 2 शादीशुदा बेटे और 4 पोते पोती थे) सब सदस्य मौज से अपना जीवन काट रहे थे। घर के बड़े बेटे को छोड़कर कोई काम नही करता था । 4 पोते पोती सरकारी स्कूल में पढ़ते थे। जिनका पढ़ाई का स्तर बिल्कुल ही खराब हो चला था। एक अक्षर न आता था उन्हें !! घर का संचालन काफी समय से छोटे बेटे की बहू करती आ रही थी।

"आप ही कुछ कीजिये बापू,घर की जिम्मेदारी आप ही ले लीजिए।" बड़े बेटे ने कहा।

"मुझे दो जिम्मेदारी, इस बापू से कुछ न होगा ??"छोटा बेटा तपाक से बोला।

खूब बहस के बाद वोटिंग करवाई गई

छोटे बेटे को उसकी पत्नी, 2 बच्चों और खुद का वोट मिला
बुजुर्ग 6-4 से जीत गया

"ठीक है मैं कुछ करता हूँ बहुत जल्द इस घर मे खुशहाली आएगी।" ढेर सारे वादे करते हुए बुजुर्ग ने घर के संचालन की जिम्मेदारी ले ली।

सबसे पहले चारों बच्चों को सरकारी स्कूल से हटाकर एक अच्छे प्राइवेट स्कूल में दाखिल करवाया गया।

छोटा बेटा जो हरदम फोन में मस्त रहता, शाम को रोज दारू पी के सोता , बुजुर्ग ने कायदे से समझाकर उसको फल सब्जी की एक दुकान खुलवा दी।
★500 रुपया रोज घर लेकर घुसता।

बिजली का बिल देखा, 20000 से ऊपर था
दोनो बहुएं सुबह शाम 1-1 घण्टा काम करती और सारा दिन अपने अपने ac कमरे में फोन में मशगूल रहती।

बुजुर्ग ने एक मिस्त्री बुलवाया और दोनों बहुओं और ड्रॉइंग रूम समेत तीनो ac उखाड़ दिए। तीनो जगह पंखे लगवाए।

"क्यों री,पंखे के नीचे तुम्हे चुने काटते है??" चूं तक न किसी बहु ने !
★5000 से नीचे आ गया बिल।

"घर मे एक फ़ोन रखा है जरूरत पड़ने पर उसे इस्तेमाल करो"
कहते हुए बुजुर्ग ने दोनों बहुओं और 4 बच्चों के फोन समेत कुल 6 स्मार्टफोन जब्त कर बाजार में बेच दिए ।

दर्जी के पास भेजकर दोनो बहुओं को कपड़े सिलने की ट्रेनिंग दिलवाई गयी। दोनो बहुएं अब दिन भर कपड़े सिलती थी
★हमेशा खर्च करने वाली दोनो बहु 2000 रुपया रोज घर को कमाकर दे रही थी।

आपस मे प्रेम न होने की वजह से दोनो बेटे लोन लेकर अलग कार ले आये थे। रोज 200-400 का तेल फूंकना उनकी दिनचर्या में शामिल था।

"Tata के खानदान से हो- करोड़ों की बिज़नेस डील करने निकलते हो घर से रोज"
कहते हुए बुजुर्ग ने एक गाड़ी को बाजार में बेचकर उसका कर्ज़ चुकाया और दूसरी गाड़ी के लिए एक ड्राइवर रखकर उसे किराए पर चलाने लगे। जब कभी खुद जरूरत होती उस गाड़ी को प्रयोग कर लेते।

★रोज घर के 200-400 फूंकने वाली गाड़ी अब घर में 1000 रुपया लेकर आती थी।

6 महीने में घर पटरी पर आ गया। बैंक का कर्ज चुका दिया गया। खाते में रुपये जमा पड़े थे। बच्चों की पढ़ाई का स्तर सुधरने लगा। यही नही दिनभर काम करने की वजह से सबका स्वास्थ्य भी ठीक रहता। बच्चे प्राइवेट स्कूल के माहौल से बहुत खुश थे।

एक बार फिर घर मे घमासान हुआ। छोटे बेटे और दोनों बहुओं ने मीटिंग बुला ली।

"हाय रे कितना झूठा आदमी है कहता था घर मे खुशहाली लाऊँगा। सबके ac उखाड़ दिए, सबके फोन छीन लिए, और दिनभर बैल की तरह काम करवाता हैं ये बूढा।
हम ठाकुरों की बेटियां अब कपड़े सिलेंगी ??उतारो इस करमजले को गद्दी से ??"
दोनो बहुओं ने चिल्लाते हुए विरोध दर्ज करवाया।

"बेच दिया, हाय सब बेच दिया,गाड़ी भी बेच दी, फोन भी बेच दिया। बच्चे प्राइवेट में लगा दिए।
अब बूढा घर को भी किसी को बेच देगा। ये प्राइवेट स्कूल वालों से मिला हुआ है।
मैं चौधरी का बेटा अब सब्जी बेचूंगा??"
"क्या यही थे अच्छे दिन ???
कितनी लम्बी लम्बी फेंकता था।
हाय ये बूढा कॅरोना से मर क्यों नही जाता।"
उतारो इस बूढ़े को गद्दी से।
कहते हुए छोटा बेटा चिल्लाया।

बुजुर्ग ने छोटे बेटे और बहुओं को बैलेंस सीट दिखाई घर की।
छोटा बेटा समझ गया पर ऐशो आराम की आदत को छोड़ना नही चाहता था बड़ी बहू कुछ प्रभावित हुई।

"तुम गद्दी छोड़ो , मैं सारे ac वापिस लगवाऊंगा। हर बहु को 200 रुपया रोज बिना काम किये खर्च करने के लिए दूंगा। सारे फ़ोन मैं 2 साल के लिये रिचार्ज करवाकर सबको वापिस करूँगा।यही नही चारों बच्चे कार से स्कूल जाएंगे अगर मुझे गद्दी मिली तो।"

"तुमने अकेले ने नही बिठाया मुझे गद्दी पर, वोटिंग से जीता हूँ दोबारा वोटिंग करवाओ और ले लो गद्दी।"

एक बार फिर वोटिंग हुई।

बुजुर्ग को अपनी पत्नी,बड़े बेटे और बहू समेत 3 पोते/पोतियों का वोट मिला।

7-3 से बुजुर्ग एक बार फिर जीत गया।

04/04/2021

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