पर्यावरण संरक्षण और ईंधन बचत की दिशा में बिहार माननीय कुलपति डॉ डी आर सिंह की अनोखी पहल अब बन रही है प्रेरणा। साइकिल/ई-वाहन से कार्यालय पहुंचकर उन्होंने दिया स्वच्छ, हरित और स्वस्थ भविष्य का संदेश।
News18 Bihar Jharkhand की इस विशेष खबर में देखिए कैसे एक छोटी पहल समाज में बड़ा बदलाव ला सकती है।
Bihar Agricultural University
BAU is a pillar of education, research, extension and training in the field of Agriculture.
पर्यावरण संरक्षण एवं ईंधन की बचत की दिशा में एक प्रेरणादायक पहल करते हुए माननीय कुलपति, बिहार कृषि विश्वविद्यालय, सबौर ने स्वयं इलेक्ट्रिक टोटो से कार्यालय पहुंचकर स्वच्छ, हरित एवं सतत भविष्य का संदेश दिया।
यह पहल ऊर्जा संरक्षण और समाज को पर्यावरण के प्रति जिम्मेदार बनने की प्रेरणा देती है। आइए, हम सभी मिलकर हरित भारत के निर्माण में अपना योगदान दें।
मखाना ग्रेडिंग यानी आकार, रंग और गुणवत्ता के आधार पर मखाने को अलग-अलग श्रेणियों में बांटना।
बड़े, सफेद और अच्छी तरह फूले मखाने को उच्च ग्रेड माना जाता है, जिससे बाजार में बेहतर कीमत मिलती है।
🌱🚲 ईंधन बचत एवं पर्यावरण संरक्षण को लेकर केंद्र एवं राज्य सरकार की अपील के आलोक में बिहार कृषि विश्वविद्यालय, सबौर में आज “One Day – No Vehicle Day” का आयोजन किया गया।
माननीय कुलपति डॉ डी आर सिंह सहित विश्वविद्यालय के सभी अधिकारी, शिक्षक, कर्मचारी एवं छात्र साइकिल अथवा पैदल अपने कार्यालय एवं कार्यस्थल पहुंचे।
यह पहल ऊर्जा संरक्षण, प्रदूषण नियंत्रण एवं हरित भविष्य के प्रति विश्वविद्यालय की प्रतिबद्धता को दर्शाती है।
तालाब से निकले मखाना बीज सीधे खाने योग्य नहीं होते। इन्हें कई पारंपरिक और वैज्ञानिक प्रक्रियाओं से गुजरना पड़ता है, जिसे “मखाना प्रोसेसिंग” कहा जाता है।
15/05/2026
सहरसा के महिषी प्रखंड अंतर्गत नहरवार गाँव के किसान श्री विनोद मुखिया ने कृषि विज्ञान केंद्र, सहरसा के मार्गदर्शन में मखाना उत्पादन-सह-मछली पालन को अपनाकर सफलता की नई मिसाल कायम की। 15 एकड़ में तालाब आधारित खेती से आज वे प्रति वर्ष लगभग ₹13.50 लाख का लाभ अर्जित कर रहे हैं। उनके उत्कृष्ट नवाचार के लिए बिहार कृषि विश्वविद्यालय, सबौर द्वारा उन्हें “नवाचारी किसान” पुरस्कार से सम्मानित किया गया।
“परंपरागत खेती से हटकर नवाचार अपनाइए, खेती को लाभकारी बनाइए।”
क्या आप जानते हैं?
मखाना पोषण का खजाना है।
✅ प्रोटीन से भरपूर
✅ कैल्शियम और आयरन का अच्छा स्रोत
✅ कम वसा, अधिक ऊर्जा
✅ दिल और डायबिटीज मरीजों के लिए लाभकारी
✅ बच्चों, महिलाओं और बुजुर्गों के लिए उत्तम आहार
हर दिन मुट्ठी भर मखाना,
सेहत को दे नया ठिकाना। 💪🌾
07/05/2026
On the anniversary of Operation Sindoor, I pay my heartfelt tribute to the brave soldiers of our Armed Forces whose courage, dedication, and supreme sacrifice safeguard the unity and integrity of our nation.
Their unwavering commitment to duty and patriotism inspires every citizen to work with discipline, determination, and devotion toward nation-building. On this solemn occasion, let us remember and honor the valor of our heroes who continue to protect the pride of India with unmatched bravery.
I urge the youth and academic community to imbibe the spirit of service, resilience, and national pride exemplified by our Armed Forces.
Jai Hind! 🇮🇳
Dr D. R. Singh, Vice Chancellor
मखाना की सफल खेती के लिए खरपतवार प्रबंधन बेहद जरूरी है। समय पर नियंत्रण से उत्पादन में वृद्धि होती है और फसल स्वस्थ रहती है।
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