The Diary of Amresh

The Diary of Amresh

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“दिल की बातें, हँसी के पल,
रिश्तों का प्यार और जिंदगी के रंग।” �
� Ayurveda | �Comedy &Motivation

04/06/2026

शीर्षक: “मौन की गूँज और स्याही के रंग”
​इस मौन के भीतर भी देखो,
एक गहरा शोर धड़कता है।
जो कह न सकी ये ज़ुबाँ कभी,
वह पृष्ठों पर आ सज़ता है।।
​स्याही के रंग बदलते हैं,
जब मन के भाव मचलते हैं।
कभी अश्रु बनकर बहते हैं,
कभी दीप बनकर जलते हैं।।
​मैं शब्दों का राही हूँ बस,
हर मोड़ पर कुछ चुन लेता हूँ।
जो बिखर गए इस दुनिया में,
उन ख़्वाबों को बुन लेता हूँ।।
​कोई समझे इसे महज़ पंक्तियाँ,
कोई इनमें अपनी रूह पाए।
यह काव्यांजलि है जीवन की,
जो हर दिल को सहला जाए।।
​संसार बदलता रहता है,
पर शब्द अमर रह जाते हैं।
हम राहों से गुज़र जाते हैं,
पर गीत यहीं रह जाते हैं।।
​— अमरेश नागर

26/05/2026

फल का नाम और परिचय
​इस जादुई फल को लक्ष्मण फल (Soursop) या ग्रेविओला (Graviola) कहा जाता है। यह दिखने में हरे रंग का और कांटेदार होता है, और अंदर से इसका गूदा सफेद और मलाईदार (सीताफल जैसा) होता है।
​कैंसर को खत्म करने की प्रक्रिया (वैज्ञानिक आधार)
​वैज्ञानिकों और शोधकर्ताओं के अनुसार, इस फल में कैंसर से लड़ने के असाधारण गुण पाए जाते हैं:
​एसीटोजेनिन (Acetogenins) यौगिक: लक्ष्मण फल की पत्तियों और फल में 'एसीटोजेनिन' नाम का एक सक्रिय तत्व पाया जाता है। यह तत्व कैंसर कोशिकाओं के लिए बेहद घातक होता है।
​ऊर्जा की आपूर्ति रोकना: कैंसर कोशिकाओं को तेजी से बढ़ने के लिए बहुत अधिक ऊर्जा (ATP) की आवश्यकता होती है। एसीटोजेनिन इन कोशिकाओं की मुख्य ऊर्जा आपूर्ति को ही ब्लॉक (बंद) कर देता है, जिससे कैंसर कोशिकाएं भुखमरी के कारण स्वतः ही नष्ट होने लगती हैं।
​सिलेक्टिव टॉक्सिसिटी (चुनिंदा मारक क्षमता): पारंपरिक कीमोथेरेपी कैंसर कोशिकाओं के साथ-साथ शरीर की स्वस्थ कोशिकाओं (जैसे बालों की जड़ें, पेट की परत) को भी नुकसान पहुंचाती है, जिससे बाल झड़ना और कमजोरी जैसे साइड इफेक्ट्स होते हैं। लेकिन इस फल के तत्व केवल कैंसर कोशिकाओं को चुनकर निशाना बनाते हैं और स्वस्थ कोशिकाओं को सुरक्षित रखते हैं।
​कीमोथेरेपी से तुलना: कुछ शुरुआती प्रयोगशाला (In-vitro) अध्ययनों में पाया गया कि इस फल का एक विशेष यौगिक, कोलन कैंसर की कोशिकाओं को मारने में आम कीमोथेरेपी दवा (जैसे एड्रियामाइसिन) की तुलना में बेहद शक्तिशाली तरीके से काम कर सकता है। (इसी रिसर्च के कारण सोशल मीडिया पर इसे '10 हजार गुना असरदार' कहा जाने लगा)।
​इस्तेमाल की विधि और प्रक्रिया (Remedy Process)
​आमतौर पर इस औषधि का उपयोग दो रूपों में किया जाता है:
​1. पत्तियों की चाय या काढ़ा (가장 प्रसिद्ध तरीका):
​सामग्री: 10 से 12 लक्ष्मण फल (Soursop) की सूखी या ताजी पत्तियां और 3 कप पानी।
​बनाने की विधि: 1. पत्तियों को अच्छी तरह धो लें।
2. पानी को एक बर्तन में उबालें और उसमें इन पत्तियों को डाल दें।
3. आंच को धीमा कर दें और इसे तब तक उबलने दें जब तक कि पानी आधा (लगभग 1.5 कप) न रह जाए।
4. पानी का रंग हल्का भूरा या चाय जैसा हो जाएगा।
​सेवन: इसे छानकर गुनगुना होने पर सुबह खाली पेट और शाम को पिया जाता है।
​2. फल का सीधा सेवन:
​जब फल पूरी तरह पक जाए और छूने में थोड़ा मुलायम लगे, तो इसे छीलकर इसके अंदर के सफेद गूदे को सीधे खाया जा सकता है या इसका जूस बनाकर पिया जा सकता है।
​सावधानी: इसके बीजों को कभी नहीं खाना चाहिए, क्योंकि इसके बीज विषैले (Toxic) होते हैं।
​महत्वपूर्ण चिकित्सकीय नोट (Disclaimer):
​यद्यपि प्रयोगशाला में इसके परिणाम बहुत सकारात्मक रहे हैं, लेकिन इंसानों पर इसके व्यापक क्लिनिकल ट्रायल अभी भी सीमित हैं। इसलिए इसे मुख्य कैंसर उपचार (जैसे कीमोथेरेपी या रेडिएशन) के विकल्प के रूप में नहीं, बल्कि एक सप्लीमेंट या सहायक उपचार के रूप में डॉक्टर की सलाह के बाद ही उपयोग किया जाना चाहिए।
Note ; किसी भी 💊 या जरी बूटी खाने से पहले अपने डर. या वैद्य से सलाह जरूर ले

19/05/2026

🌑 बँटते रिश्ते, बिखरते साए 🌑
एक ऐसे बेटे की कहानी, जिसने रिश्तों से ज्यादा फ़र्ज़ निभाया...
━━━━━━━━━━━━━━━
👨‍👩‍👧‍👦 मुख्य पात्र
🔹 अमित — सबसे बड़ा भाई
🔹 सुमित — दूसरा भाई
🔹 विनीत — तीसरा भाई
🔹 रीता, गीता और नीता — तीन बहनें
🔹 अमन — सबसे छोटा भाई, स्कूल शिक्षक
🔹 राधा माँ — त्याग और ममता की मूर्ति
━━━━━━━━━━━━━━━
🌤️ दृश्य 1 : अतीत की धूप-छाँव
तीसरी बहन की शादी
एक समय था जब यह घर हँसी, अपनापन और सपनों से भरा हुआ था।
सात भाई-बहनों का बड़ा परिवार...
जहाँ सबसे छोटा अमन, पूरे घर की आँखों का तारा था।
दो बहनों और तीन भाइयों की शादियाँ हो चुकी थीं।
अब सबसे छोटी बहन नीता की शादी की बारी थी।
लेकिन घर की आर्थिक हालत कमजोर थी।
पिताजी चिंता में टूट चुके थे।
🔸 एक शाम उन्होंने अपने तीनों बेटों को बुलाया—
पिताजी (काँपती आवाज़ में):
"अमित... सुमित... विनीत...
नीता की शादी है बेटा।
अगर तुम लोग थोड़ा सहारा दे दो तो मेरी इज्जत बच जाएगी..."
लेकिन जवाब उम्मीद से बिल्कुल उल्टा मिला।
❌ अमित:
"बाबूजी, अपने खर्चे ही पूरे नहीं पड़ते..."
❌ सुमित:
"हमारे पास भी अभी पैसे नहीं हैं..."
❌ विनीत:
"आप अपने हिसाब से देख लीजिए..."
उस दिन सिर्फ एक बेटी की शादी नहीं हुई थी...
उस दिन एक पिता का भरोसा भी टूट गया था।
💔 पिताजी ने भारी ब्याज पर कर्ज लिया...
और आँखों में आँसू लेकर बेटी को विदा किया।
कोने में खड़ा 18 वर्षीय अमन सब देख रहा था।
🌧️ उसी रात उसने तय किया—
"अब मुझे खुद ही मजबूत बनना होगा..."
📚 उसने दिन-रात मेहनत की...
और आखिरकार एक स्कूल में शिक्षक बन गया।
━━━━━━━━━━━━━━━
⚰️ दृश्य 2 : बाबूजी का जाना और दिखावे का भोज
समय बीता...
कर्ज और तनाव ने पिताजी को भीतर से तोड़ दिया।
एक दिन उनकी हालत बेहद गंभीर हो गई।
अमन दौड़कर अपने भाइयों के पास गया।
🙏 अमन:
"भैया... बाबूजी को बड़े अस्पताल ले जाना होगा।
हम सब मिलकर थोड़ा मदद कर दें..."
लेकिन फिर वही बेरुखी...
❌ विनीत (हँसते हुए):
"अब तुम सरकारी नौकरी वाले हो...
तो खर्चा भी तुम ही उठाओ!"
तीनों भाई पीछे हट गए।
💔 अकेला अमन अपनी पूरी जमा-पूंजी लेकर अस्पतालों के चक्कर काटता रहा।
रात-रात भर जागकर पिता की सेवा करता रहा।
लेकिन...
कर्ज और बीमारी ने आखिरकार बाबूजी को छीन लिया।
🕯️ जैसे ही पिताजी की मौत हुई—
तीनों बड़े भाई समाज में इज्जत बचाने लौट आए।
🎭 अमित:
"श्राद्ध और भोज बड़े स्तर पर होना चाहिए।
चारों भाई बराबर खर्च करेंगे!"
अमन भीतर तक टूट गया।
"जीते जी दवा के लिए पैसे नहीं थे...
मरने के बाद दिखावे के लिए सब तैयार हैं..."
━━━━━━━━━━━━━━━
💊 दृश्य 3 : माँ की बीमारी और रुपयों का हिसाब
अब घर में सिर्फ माँ बची थीं।
उम्र और बीमारी ने उन्हें कमजोर कर दिया था।
एक दिन माँ की तबीयत बिगड़ी।
सुमित ने दवा के लिए कुछ पैसे दिए।
लेकिन शाम होते ही—
❌ सुमित:
"माँ, जो पैसे बचे हैं वो वापस कर दो..."
👵 माँ काँपते हाथों से बचे हुए रुपये लौटाने लगीं।
आँखों में आँसू थे... मगर आवाज़ खामोश।
दूर खड़ा अमन सब देख रहा था।
वह तुरंत माँ के पास आया और उनका हाथ पकड़ लिया।
❤️ अमन:
"माँ, आज के बाद आपको किसी से पैसे माँगने की जरूरत नहीं।
आपका छोटा बेटा अभी ज़िंदा है..."
माँ रो पड़ीं...
🤱 माँ:
"अमन... तू ही मेरा असली सहारा है..."
━━━━━━━━━━━━━━━
🌌 दृश्य 4 : अकेलेपन की खामोशी
अमन अब माँ की हर जरूरत पूरी करता था।
दवा, खाना, देखभाल... सब कुछ।
लेकिन उसके अपने दर्द सुनने वाला कोई नहीं था।
एक रात उसे तेज बुखार था।
पूरा शरीर टूट रहा था।
लेकिन फिर भी उसने किसी को आवाज़ नहीं दी।
🌙 खिड़की से बाहर देखते हुए वह धीमे से बोला—
"अगर माँ को पता चला कि मैं बीमार हूँ...
वो और टूट जाएँगी..."
उस रात आसमान में अकेला चाँद चमक रहा था।
अमन को लगा—
वह भी उसी चाँद की तरह है...
जो सबको रोशनी देता है,
लेकिन अपना दर्द किसी से नहीं कहता।
━━━━━━━━━━━━━━━
🌅 अंतिम दृश्य
सुबह हुई...
अमन ने चेहरे पर झूठी मुस्कान सजाई।
माँ के पैर छुए।
अपनी पुरानी डायरी उठाई...
और स्कूल की तरफ निकल पड़ा।
✨ क्योंकि कुछ लोग रिश्तों से नहीं,
अपने फ़र्ज़ से पहचाने जाते हैं।
━━━━━━━━━━━━━━━
🖋️ संदेश
💔 हर बड़ा बेटा जिम्मेदार नहीं होता,
❤️ और हर छोटा बेटा कमजोर नहीं होता।
🌿 कभी-कभी परिवार में वही इंसान सबसे ज्यादा अकेला होता है,
जो सबका सबसे बड़ा सहारा बनता है।_
━━━━━━━━━━━━━━━
✨ “रिश्ते खून से नहीं, निभाने से बनते हैं...”

゚ ゚viralシ

16/05/2026

2027 वर्ल्ड कप को लेकर Virat Kohli ने तोड़ी चुप्पी, कहा — भरोसा और सम्मान सबसे जरूरी है! 💔🔥

16/05/2026

🚨 बड़ी खबर! LNMU UG Admission 2026 का पूरा शेड्यूल जारी | आवेदन 20 मई से शुरू, यहाँ देखें पूरी टाइमलाइन और फीस डिटेल्स 👇


15/05/2026

🚨 बिहार प्रशासनिक फेरबदल: शिक्षा विभाग में बड़ा बदलाव! 🚨
​बिहार सरकार ने प्रशासनिक महकमे में एक बार फिर बड़ा फेरबदल किया है। कई IAS अधिकारियों के तबादले किए गए हैं, लेकिन सबसे ज्यादा चर्चा शिक्षा विभाग को लेकर हो रही है।
​प्रमुख बदलावों पर एक नज़र:
​विनोद सिंह गुंजियाल बने शिक्षा विभाग के नए सचिव।
​अपर मुख्य सचिव बी. राजेंद्र को शिक्षा विभाग की जिम्मेदारी से मुक्त किया गया।
​इसके साथ ही कई अन्य अहम विभागों में भी नई नियुक्तियां की गई हैं।
​शिक्षा विभाग में हुए इस अचानक बदलाव को राज्य की शिक्षा व्यवस्था को नई दिशा देने की कोशिश के रूप में देखा जा रहा है। सरकार के इस फैसले से प्रशासनिक गलियारों में हलचल तेज हो गई है।
​आपकी क्या राय है? क्या इस बदलाव से शिक्षा व्यवस्था में सुधार होगा? ✍️ कमेंट में अपनी राय साझा करें!
​ #प्रशासनिक_फेरबदल #बिहार_समाचार

13/05/2026

💙 अधूरा पन्ना
शाम का समय था। पार्क में हल्की हवा चल रही थी। 🍂
🟢 आर्यन हमेशा की तरह उसी पुरानी बेंच पर बैठा अपनी डायरी के खाली पन्नों को देख रहा था। तभी पीछे से एक आवाज़ आई।
🩷 अनाया:
“तुम रोज यहाँ आते हो… लेकिन कभी कुछ लिखते क्यों नहीं?”
🟢 आर्यन हल्का सा मुस्कुराया—
“क्योंकि कुछ कहानियाँ शब्दों में पूरी नहीं हो पातीं।”
🩷 अनाया:
“या शायद… तुमने उन्हें पूरा करने की कोशिश छोड़ दी है।”
आर्यन उसकी बात सुनकर चुप हो गया।
🟢 आर्यन:
“कभी लेखक बनने का सपना था मेरा… लेकिन अब ज़िंदगी फाइलों और जिम्मेदारियों में गुजर रही है।”
🩷 अनाया बेंच पर उसके पास बैठ गई।
“सपने कभी खत्म नहीं होते आर्यन… लोग कोशिश करना छोड़ देते हैं।”
इतने में पास खेल रहा एक छोटा बच्चा मिट्टी का घर बना रहा था। अचानक बारिश शुरू हुई ☔ और उसका आधा घर टूट गया।
🟡 बच्चा रोते हुए:
“मम्मी… मेरा घर टूट गया…”
🟣 माँ मुस्कुराकर बोली:
“कोई बात नहीं बेटा, कल फिर बनाएँगे… और इस बार पहले से भी सुंदर।”
उन शब्दों को सुनकर 🟢 आर्यन कुछ पल तक शांत रहा।
🩷 अनाया:
“क्या सोच रहे हो?”
🟢 आर्यन:
“शायद अधूरापन बुरा नहीं होता… वो हमें फिर से शुरू करने का मौका देता है।”
🩷 अनाया मुस्कुराई—
“तो फिर अपनी कहानी दोबारा शुरू करो।”
उस रात 🟢 आर्यन ने अपनी डायरी खोली और पहले पन्ने पर लिखा—
✨ “मेरी कहानी आज से फिर शुरू होती है…” ✨
🩷 अगले दिन जब वह पार्क पहुँचा, तो अनाया फिर वहीं थी।
🩷 अनाया:
“तो लेखक साहब… कहानी पूरी हुई?”
🟢 आर्यन मुस्कुराया—
“नहीं… लेकिन अब अधूरी भी नहीं रहेगी।” ❤️

💙 अधूरा पन्ना
शाम का समय था। पार्क में हल्की हवा चल रही थी। 🍂
🟢 आर्यन हमेशा की तरह उसी पुरानी बेंच पर बैठा अपनी डायरी के खाली पन्नों को देख रहा था। तभी पीछे से एक आवाज़ आई।
🩷 अनाया:
“तुम रोज यहाँ आते हो… लेकिन कभी कुछ लिखते क्यों नहीं?”
🟢 आर्यन हल्का सा मुस्कुराया—
“क्योंकि कुछ कहानियाँ शब्दों में पूरी नहीं हो पातीं।”
🩷 अनाया:
“या शायद… तुमने उन्हें पूरा करने की कोशिश छोड़ दी है।”
आर्यन उसकी बात सुनकर चुप हो गया।
🟢 आर्यन:
“कभी लेखक बनने का सपना था मेरा… लेकिन अब ज़िंदगी फाइलों और जिम्मेदारियों में गुजर रही है।”
🩷 अनाया बेंच पर उसके पास बैठ गई।
“सपने कभी खत्म नहीं होते आर्यन… लोग कोशिश करना छोड़ देते हैं।”
इतने में पास खेल रहा एक छोटा बच्चा मिट्टी का घर बना रहा था। अचानक बारिश शुरू हुई ☔ और उसका आधा घर टूट गया।
🟡 बच्चा रोते हुए:
“मम्मी… मेरा घर टूट गया…”
🟣 माँ मुस्कुराकर बोली:
“कोई बात नहीं बेटा, कल फिर बनाएँगे… और इस बार पहले से भी सुंदर।”
उन शब्दों को सुनकर 🟢 आर्यन कुछ पल तक शांत रहा।
🩷 अनाया:
“क्या सोच रहे हो?”
🟢 आर्यन:
“शायद अधूरापन बुरा नहीं होता… वो हमें फिर से शुरू करने का मौका देता है।”
🩷 अनाया मुस्कुराई—
“तो फिर अपनी कहानी दोबारा शुरू करो।”
उस रात 🟢 आर्यन ने अपनी डायरी खोली और पहले पन्ने पर लिखा—
✨ “मेरी कहानी आज से फिर शुरू होती है…” ✨
🩷 अगले दिन जब वह पार्क पहुँचा, तो अनाया फिर वहीं थी।
🩷 अनाया:
“तो लेखक साहब… कहानी पूरी हुई?”
🟢 आर्यन मुस्कुराया—
“नहीं… लेकिन अब अधूरी भी नहीं रहेगी।” ❤️
💙 अधूरा पन्ना
शाम का समय था। पार्क में हल्की हवा चल रही थी। 🍂
🟢 आर्यन हमेशा की तरह उसी पुरानी बेंच पर बैठा अपनी डायरी के खाली पन्नों को देख रहा था। तभी पीछे से एक आवाज़ आई।
🩷 अनाया:
“तुम रोज यहाँ आते हो… लेकिन कभी कुछ लिखते क्यों नहीं?”
🟢 आर्यन हल्का सा मुस्कुराया—
“क्योंकि कुछ कहानियाँ शब्दों में पूरी नहीं हो पातीं।”
🩷 अनाया:
“या शायद… तुमने उन्हें पूरा करने की कोशिश छोड़ दी है।”
आर्यन उसकी बात सुनकर चुप हो गया।
🟢 आर्यन:
“कभी लेखक बनने का सपना था मेरा… लेकिन अब ज़िंदगी फाइलों और जिम्मेदारियों में गुजर रही है।”
🩷 अनाया बेंच पर उसके पास बैठ गई।
“सपने कभी खत्म नहीं होते आर्यन… लोग कोशिश करना छोड़ देते हैं।”
इतने में पास खेल रहा एक छोटा बच्चा मिट्टी का घर बना रहा था। अचानक बारिश शुरू हुई ☔ और उसका आधा घर टूट गया।
🟡 बच्चा रोते हुए:
“मम्मी… मेरा घर टूट गया…”
🟣 माँ मुस्कुराकर बोली:
“कोई बात नहीं बेटा, कल फिर बनाएँगे… और इस बार पहले से भी सुंदर।”
उन शब्दों को सुनकर 🟢 आर्यन कुछ पल तक शांत रहा।
🩷 अनाया:
“क्या सोच रहे हो?”
🟢 आर्यन:
“शायद अधूरापन बुरा नहीं होता… वो हमें फिर से शुरू करने का मौका देता है।”
🩷 अनाया मुस्कुराई—
“तो फिर अपनी कहानी दोबारा शुरू करो।”
उस रात 🟢 आर्यन ने अपनी डायरी खोली और पहले पन्ने पर लिखा—
✨ “मेरी कहानी आज से फिर शुरू होती है…” ✨
🩷 अगले दिन जब वह पार्क पहुँचा, तो अनाया फिर वहीं थी।
🩷 अनाया:
“तो लेखक साहब… कहानी पूरी हुई?”
🟢 आर्यन मुस्कुराया—
“नहीं… लेकिन अब अधूरी भी नहीं रहेगी।” ❤️

12/05/2026

🚨 NEET UG 2026 बड़ा अपडेट 🚨
देश की सबसे बड़ी मेडिकल प्रवेश परीक्षा NEET UG 2026 को रद्द कर दिया गया है। पेपर लीक और परीक्षा में गड़बड़ी की शिकायतों के बाद केंद्र सरकार ने बड़ा फैसला लेते हुए मामले की जांच CBI को सौंप दी है।
अब लाखों छात्रों को दोबारा परीक्षा देनी होगी। नई परीक्षा तारीखों का इंतजार जारी है। 📚⚖️
यह फैसला छात्रों के भविष्य और शिक्षा व्यवस्था की पारदर्शिता दोनों के लिए बेहद अहम माना जा रहा है।
👉 केवल आधिकारिक NTA नोटिस पर भरोसा करें और अफवाहों से बचें।
゚ Writing

11/05/2026

☕❤️ “चाय वाले से दिल वाले तक” ❤️☕

बारिश की हल्की बूंदें शहर की सड़कों को भिगो रही थीं। राहुल अपनी पुरानी साइकिल से कॉलेज के बाहर चाय बेच रहा था। तभी एक बड़ी कार आकर रुकी। उसमें से अदिति उतरी — अमीर घर की खूबसूरत लड़की।
अदिति ने मुस्कुराकर कहा,
“एक चाय मिलेगी?”
राहुल ने कप बढ़ाते हुए कहा,
“जी… लेकिन यहाँ की चाय महंगी नहीं, बस दिल से बनती है।”
अदिति हँस पड़ी,
“तो फिर आज दिल वाली चाय ही सही।”
उस दिन के बाद अदिति रोज वहाँ आने लगी। धीरे-धीरे दोनों की बातें बढ़ने लगीं।
एक दिन अदिति ने पूछा,
“राहुल, तुम इतने खुश कैसे रहते हो?”
राहुल हल्का मुस्कुराया,
“क्योंकि सपने गरीब नहीं होते।”
अदिति उसकी बातों में खो गई।
कुछ महीनों बाद दोनों एक-दूसरे से प्यार करने लगे। लेकिन अदिति के पिता को यह रिश्ता मंजूर नहीं था।
उन्होंने गुस्से में कहा,
“एक चाय बेचने वाला मेरी बेटी से शादी करेगा? कभी नहीं!”
उस रात राहुल बहुत टूटा हुआ था। तभी अदिति का फोन आया।
“राहुल…”
“हम्म…”
“तुम हार तो नहीं मानोगे ना?”
राहुल ने गहरी साँस ली,
“अगर तुम साथ हो, तो कभी नहीं।”
उसके बाद राहुल ने दिन-रात मेहनत शुरू कर दी। उसने अपनी छोटी सी चाय की दुकान को कैफे में बदल दिया। फिर धीरे-धीरे उसका बिजनेस बढ़ता गया।
तीन साल बाद शहर में “राहुल्स कैफे” की कई शाखाएँ खुल चुकी थीं।
एक दिन अदिति के पिता खुद उसके कैफे पहुँचे।
राहुल सामने आया तो उन्होंने कहा,
“आज तुम गरीब नहीं, अपनी मेहनत से अमीर इंसान बन चुके हो।”
तभी पीछे से अदिति मुस्कुराकर बोली,
“मैंने कहा था ना… मेरा राहुल हार नहीं मानेगा।”
राहुल ने उसका हाथ पकड़ लिया।
इस बार किसी ने उन्हें अलग करने की कोशिश नहीं की।

11/05/2026

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