20/05/2026
आज कला केंद्र भागलपुर में कृषिका गुप्ता द्वारा लीनो कट, प्रिंट मेकिंग का डेमोंसट्रेशन किया गया...
कृषिका कला केंद्र की पूर्व छात्र रही है और वर्तमान में जामिया मिलिया विश्वविद्यालय से बी एफ ए कर रही है...
15/05/2026
सादर आमंत्रण..
भागलपुर के ख्यात चित्रकार और कला केंद्र के पूर्व प्राचार्य स्व. राम लखन सिंह गुरुजी की कल 16 मई को पुण्यतिथि है. इस अवसर पर आयोजित स्मृति सभा में अपराह्न 3:00 बजे कला केंद्र, भागलपुर आमंत्रित हैं. आईए गुरुजी को याद करें ...
23/01/2026
आज संध्या 4:00 बजे वसंत पंचमी संगीत उत्सव में सादर आमंत्रित है
26/12/2025
सपरिवार आमंत्रित हैं..
नव वर्ष सांस्कृतिक मेला 1 जनवरी 2026 को कला केंद्र, लाजपतपार्क, भागलपुर में हो रहा है। सांस्कृतिक समन्वय समिति द्वारा आयोजित यह मेल सभी के लिए खुला है, निशुल्क है। इस मौके पर अलग-अलग संस्कृत समूह द्वारा नाटक गीत नृत्य कविता मुशायरा पुस्तक प्रदर्शनी चित्र प्रदर्शनी आदि तो होंगे ही बच्चों के लिए चित्र प्रतियोगिता, देशभक्ति गीत प्रतियोगिता, और मंजूषा चित्र प्रतियोगिता सुबह 11 बजे आयोजित होंगे..
आप सब परिवार सादर आमंत्रित हैं।
18/08/2025
कला केंद्र भागलपुर की ओर से सभी को स्वतंत्रता दिवस की शुभकामनाएं..
26/07/2025
दिनांक 25 जुलाई 2025 को कलाकेंद्र द्वारा कलाकेंद्र में नाट्यकर्मी पद्मश्री रतन थियम की श्रद्धांजलि सभा आयोजित हुई जिसकी अध्यक्ता करते हुए साहित्यकार डॉ योगेंद्र ने कहा कि महान नाट्यकर्मी रतन थियम का देहांत 23 जुलाई 2025 को हो गया। वे भारतीय नाटककार और थिएटर निर्देशक थे। उन्होंने राष्ट्रीय नाट्य विद्यालय और संगीत नाटक अकादमी के महत्वपूर्ण पदों पर काम किया। उन्हें निर्देशन में संगीत नाटक अकादमी पुरस्कार और 1989 में भारत सरकार द्वारा पद्म श्री की उपाधि प्राप्त हुआ। रतन थियम की शावयात्रा में मणिपुर की महिला पुरुषों की भीड़ शामिल हुई यह उनके प्रति आम लोगों का प्यार दर्शाता है। उनके शोक में मणिपुर का राजकीय झंडा झुका रहा। अच्छा होता उनकी याद में देश का झंडा झुकता। इन्होने अंधा युग, मैकबेथ जैसे कालजयी नाटकों का मंचन भी अपनी मणिपुरी सांस्कृतिक छाप छोड़ते हुए किया। इन्होने मणिपुर के ग्रामीण क्षेत्रों में नाट्य आंदोलन को बढ़ाया।
उदय ने श्रद्धांजलि स्वरुप कहा कि ये आज लगभग पूरे देश के रंगकर्मी याद कर रहे हैं यह बताता है कि सांस्कृतिकर्मी कई संस्कृतियों को जोड़ता है। ये मानते थे कि जो कलाकर हैं उनकी भाषा प्रतिरोध की होनी चाहिए। यही सामाजिक या राजनैतिक सांस्कृतिक और कलात्मक प्रतिरोध समाज को आगे बढ़ाता है। वे शांति और विश्व शांति की बात करते थे। आज प्रतिबद्ध सांस्कृतिक समूहों, ब्यक्तियों की संख्या घट रही है। संचालन करते हुए कलाकेंद्र के प्राचार्य राजीव ने कहा कि नाट्य कर्म सिर्फ मनोरंजन कला नहीं बल्कि यह समाज के प्रति प्रतिबद्ध कर्म है। इन्होंने आपने नाटकों में स्थानीयता, संस्कृति और प्रतिरोध की संस्कृति का हमेशा ख्याल रखा। रंगग्राम सांस्कृतिक मंच के कपिलदेव रंग ने उन्हें याद करते हुए कहा कि उनका मानना था कि रंगकर्मी को ब्यापक ज्ञान होना चाहिए। उन्होंने ऐतिहासिक और पुरातन नटको में भी मणिपुर की सांस्कृतिक छाप छोड़ी। मणिपुर क़े हालिया हालत पर प्रतिरोध स्वरुप इन्होने अपना पद्मश्री पुरस्कार वापस किया।
इप्टा क़े संजीव कुमार दीपू ने श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए कहा कि जहाँ आज लोग येन केन प्राकारेण राष्ट्रीय पुरस्कार पाना चाहते हैं वहीँ इन्होने मणिपुर के हालत पर प्रतिरोध स्वरूप अपना पद्मश्री पुरस्कार लौटा दिया। इनके नाटकों में स्थानीयता और प्रयोगधार्मिता की खास पुट होती थी। शोध छात्रा दिब्या ने कहा कि उनके बारे में पढ़ते हुए हमने जाना कि धार्मिक और ऐतिहासिक पात्रों से भी
अलका सिंह ने कहा कि रतन थियम नहीं रहे पर उनका कला कर्म आगे भी जिन्दा रहेगा। रंगमंच से जुड़े कलाकर जमीन से जुड़े कलाकर होते हैं, ऐसे ही जमीन, जीवन और समाज से जुड़े रंगकर्मी थे रतन थियम। सुषमा ने उन्हें याद करते हुए कहा कि कला को प्रतिरोध का साधन होना चाहिए। नाटक सिर्फ मनोरंजन का साधन नहीं हो। इसके लिए जरुरी है कि नाट्यकर्मी गंभीर, प्रगतिवादी हों। रंगकर्मी ललन ने उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए कहा कि हमें आत्मालोचन करना चाहिए। सांस्कृतिकर्मियों को सहज और उनकी पहुँच आम लोगों की तक होनी चाहिए। एकराम हुसैन साद ने कहा वे नाटक के एक किला थे जो अब गिर गया..हमें ऐसा करना चाहिए कि उनके जैसा नाट्यकर्मी पैदा हों। इस अवसर पर स्वेता शंकर, डॉ योगेंद्र, उदय, अलका सिंह, ललन, एकराम हुसैन साद, संजीव कुमार दीपू, कपिलदेव रंग, लाडली राज, सुषमा, शिशु, सूरज कुमार, अदिति कुमारी, दिब्या आदि मौजूद थीं।
26/07/2025
नाट्य कर्मी पद्मश्री रतन थियम को श्रद्धांजलि...
01/06/2025
सात दिवसीय सह रचना शिविर जो 25 मई से 31 मई तक चला... 31 को प्रदर्शनी के साथ संपन्न हुआ...
22/05/2025
कला केंद्र द्वारा शुरू हो रहा है "सह रचना शिविर" 25 से 30 मई तक । इसमें बच्चे सीखेंगे पेंटिंग, क्राफ्ट और मिट्टी खिलौना... 24 तक रजिस्ट्रेशन करें..