16/06/2023
भारत मे बौद्ध धर्म, जैन धर्म, आजीवक दर्शन का इतिहास सबसे पुराना है. यानी भारत में आर्यों के आगमन से भी पहले यहाँ ये धर्म विद्यमान थे.
लगभग 4000 ई.सा. पूर्व आर्यों के आगमन ने शासन, सत्ता के साथ साथ धार्मिक व सांस्कृतिक टकराव पैदा किया. यहीं बैठ कर सारे वेद, पुराण, रामायण, महाभारत, स्मृतियां रची गई. और उनका समय मानव के प्रागैतिहासिक काल से भी पीछे बताया गया. जिन्होंने इस पर सवाल उठाया उसे आस्था व भगवान के डर से शांत करा दिया गया.
आज भी किसी हड़प्पा व मोहनजोदड़ो जैसे स्थान की खुदाई में न आर्यों की संस्कृत भाषा की लिपि मिलती है और न ही इनके पहले से होने के कोई सबूत मिलते हैं. ना ही किसी देवी देवता के होने के सबूत मिलते हैं ना ही किसी राक्षस के, ये अंधविश्वास और विभिन्न अनुष्ठानों व पाखंडो के माध्यम से लोगों के दिमाग में भर दिये गए हैं. जो जल्दी निकलते नहीं है.
आज भी भारत मे बौद्धों से जुड़े मठ, गुफाएं, मूर्तियां सुदूर पहाड़ों और जंगलों मे मिल रही हैं. बहुत से ऐसी मूर्तियों और मठों पर चंदन तेल लगाकर ब्राह्मण धर्म के पुरोहितों ने कब्जा कर लिया है और खूब कमाई कर रहे हैं. ब्राह्मण धर्म ने समय समय पर अपने नाम मे बदलाव किया ताकी लोग बगावत न करें. इसे हिंदू धर्म और फिर सनातन धर्म कहकर प्रचारित किया. ताकि लोगों को लगे की ये सबसे पुराना धर्म है जिसका उद्गम स्थल भारत ही है. इस कुटिल चाल को समझने की आवश्यकता है.
CMN