Arman malik khan

Arman malik khan अब ये जो फासला हैं ,तो सब अच्छे हैं
पता मुझको भी हैं,लोग कितने सच्चे है!!

28/07/2021

मैं चाहता हूँ....
कई महीनो बाद,
तुम एक रोज़ मुझे Call करो,
और वो Call, Receive ही न की जाये...
फिर तुम एक और कोशिश करो,
Call करने की,
और फिर Receive न हो...
फिर एक अरसे बाद,
तुम्हे थोड़ी फ़िक्र हो,
तुम Message करो मुझे...
वो Messages
जिसका कोई भी जवाब
अब कभी नहीं आएगा...
फिर तुम सच में
थोडे और परेशान हो जाओ...
तुम सोचो मेरे बारे में,
मेरी हर बात,
मेरी आवाज़,मेरा चेहरा...
तुम्हारे लिए मेरी फ़िक्र..
मेरे साथ बिताया हर एक लम्हा..
फिर तुम मुझे एक और Call करो,
और फिर कोई Response न मिले,
तुम फिर मुझे Message करो,
जिसका कोई जवाब न मिले..
तुम अचानक बहुत बेचैन हो जाओ,
तुम्हें सब कुछ याद आता रहे,
तुम लगातार मेरे बारे में सोचो...
तुम्हे सब कुछ याद आये..
सब कुछ...
और एक दिन जब तुम्हें नींद न आये..
बस मेरी याद आये...
तुम मुझे Social Media पर ढूँढो..
फिर Message करो..
फिर Call करो..
फिर कोई जवाब न मिले..
तब तुम Phone Gallery खोलकर..
मेरी तस्वीरें देखो...
तुम्हे गुस्सा आये,
चीढ हो, तुम्हे रोना आये..
तुम्हें एहसास हो
कि मैं किस हाल में रह रहा हूँ..?
परेशान होना क्या होता है..?
टूट जाना क्या होता है...?
फिर कुछ अच्छा ही नहीं लगेगा..
तब तुम हर जगह मुझे ही ढूँढो,
बस एक आखिरी बार मुझे देखना चाहो,
मुझे सुनना चाहो..
मेरे सीने से लगना चाहो,
मुझसे लिपटकर रोना चाहो..
तुम पागल हो जाओ
उस प्यार के लिए,
जो सिर्फ और सिर्फ
मुझसे मिल सकता था..
और उस हाल में,
तुम्हे सुनने वाला
तुम्हारे माथे को चूमने वाला,
तुम्हे सीने से लगाने वाला...
"मैं"...
कहीं दूर..
किसी शहर में...
अपने कमरे में...
आधी रात को,,
वो हर एक Message पढ़कर,
तुम्हे याद करूँ...
फिर वो Message, Delete कर दूँ..
उसका कभी कोई जवाब नहीं आएगा..
तुम महसूस करो दिल का टूटना,
अकेलेपन में रोना..
किसी से कुछ न कह पाने की बेबसी..
सारे काम ज़बरदस्ती लगने लगे,
बस हर वक़्त किसी नशे की ज़रूरत लगे,
नींद की गोलियां भी
किसी काम की न रह जाएं..
हर वक़्त..
सोते जागते,मुझे याद करो..
बस मैं ही हर वक़्त
तुम्हारे दिमाग में रहूँ...
उस वक़्त...
जब ये सब हो..
शायद तुम्हे समझ आये..
कि तुम कितने गलत थे...
तुमने क्या किया..?
और तुम्हे क्या मिला था..?
और तुमने क्या खो दिया...?
तब तुम्हें समझ आएगा...
मैं किस हाल में था...
मैं ये सब चाहता हूँ..
हाँ..सच में..🥺

मुझसे मत पूछो उस सख्स मैं क्या अच्छा हैं अच्छे अच्छों से मुझको मेरा बुरा अच्छा हैं !!✍️✍️Tahjeeb hafi✍️✍️
13/06/2021

मुझसे मत पूछो उस सख्स मैं क्या अच्छा हैं
अच्छे अच्छों से मुझको मेरा बुरा अच्छा हैं !!
✍️✍️Tahjeeb hafi✍️✍️

तेरी खुद मिजाजी को कोई ईनाम नही दे सकता तेरी मोहब्बत को मैं कोई दुसरा नाम नही दे सकता तू  ज़िस तरह चाहे आज़मा ले अपने हिसा...
13/06/2021

तेरी खुद मिजाजी को कोई ईनाम नही दे सकता
तेरी मोहब्बत को मैं कोई दुसरा नाम नही दे सकता
तू ज़िस तरह चाहे आज़मा ले अपने हिसाब से
मैं फ़किर हूँ तेरे हैसियत का दाम नही दे सकता !!
✍️Arman Malik Lin's....✍️✍️

गुनाह करने का शोंक ना था,मगर आदत बन गई मेरी किस्मत तो खुद मेरे हाथों खिलौना बन गई !!मैं खजूर-ए-दरख्त की तरह बस खड़ा ही रह...
03/06/2021

गुनाह करने का शोंक ना था,मगर आदत बन गई
मेरी किस्मत तो खुद मेरे हाथों खिलौना बन गई !!

मैं खजूर-ए-दरख्त की तरह बस खड़ा ही रह गया
वो ज़रा सी क्या झुकीं तो गुलाब-ए-कली बन गई !!

कोई कहता भी रहता था ये मोहब्बत ठीक नही
बात उसकी सच हुई मगर,मेरी बुज़दिली बन गई !!

मैं जिस हिसाब से जीता हूँ अपनी ये ज़िन्दगी
करीबी हकीमं कहता है जनाब,ये आफत बन गई !!

कभी देखते थे खुद को हम आईने मैं देर तक
मुझे आईने से नफरत हैं ऐसी हालत बन गई !!

वो ज़िस शख्स के लिए क्या कुछ ना सोचा था मैने
आखिर मैं आकर वो किसी और की ज़ोंजा बन गई !!

✍️✍️✍️अरमान मलिक ✍️✍️✍️

01/06/2021
जब तलक सांसे है... नफ़रत ही करूंगा,भूल चुका वो दिन... जो मुहब्बत में गुज़र गए !👍👍
22/05/2021

जब तलक सांसे है... नफ़रत ही करूंगा,
भूल चुका वो दिन... जो मुहब्बत में गुज़र गए !

👍👍

मैं जितना लोगों को समझता गया,अकेलापन और भी अच्छा लगता गया !!
17/05/2021

मैं जितना लोगों को समझता गया,
अकेलापन और भी अच्छा लगता गया !!

ल्फ़्ज = शुनने  मे अच्छा लगता हैं जब कोई तारीफ करे            मगर  यही ल्फ़्ज चुभ जाता हैं जब कोई नज़र अन्दाज            ...
15/05/2021

ल्फ़्ज = शुनने मे अच्छा लगता हैं जब कोई तारीफ करे
मगर यही ल्फ़्ज चुभ जाता हैं जब कोई नज़र अन्दाज
करे ! अक्सर दो ल्फ़्जों की बाते जो हमेशा की तरह
अधूरी ओर ना मुकक्मल होती जाती हैं जैसे की घर तो
मगर किराया देना ही पडेगा ,होशियार होते हैं वो लोग
जिनकी बातों का भरोशा नही होता ,और गवाह हैं वो
जिनको सब पता होता हैं मगर मुंह नही खुलता ,
असल मे ल्फ़्ज का नाम रिस्ता होना चाहिए इस जहाँ मैं
जिस पर लोग सामने ओर खुली हुई बातें बोल सके ,
जैसे की अपने ओर पराये समझ कर बातें करना शुरू.
करते हैं !ये वही लोग हैं जो दिखते दिये के साथ हैं मगर
हैं हवा के साथ !!
👍👍@.मलिक ✍️✍️

मुझे चश्मतर आंखे चाहिए जो मेरी तरह बिलखती  हों मैं  जिसके लिए तरस्ता हूँ कोई मेरे लिए  तरस्ती  हो कोई धुंध स्याह अंधेरा ...
13/05/2021

मुझे चश्मतर आंखे चाहिए
जो मेरी तरह बिलखती हों
मैं जिसके लिए तरस्ता हूँ
कोई मेरे लिए तरस्ती हो

कोई धुंध स्याह अंधेरा हो
मगर नियामतों की बस्ती हो
मैं वहाँ रहना चाहता हूँ
जहां रहमतें बरस्ती हो

मेरी ज़िन्दगी का आईना
यही तो मेरी बस हस्ती हो
मेरी पुरनूर सी दोनो आंखे
मेरे यार को तरस्ती हों

दवाब से अताअत करना
शुकुन के लिए जबर्दस्ती हो
और शुकून भी एक सा हो
जहां दोनो की रूह दहकती हो !!

✍️✍️@.मलिक ✍️✍️

मेरी मुसीबत को ताबींदा  कौन रखेगा मैं मर जाऊगा तो ज़िन्दा कौन रखेगा मेरे अफसाने सभी साथ मे दफन होंगे मेरे खुआबों को सन्जी...
26/04/2021

मेरी मुसीबत को ताबींदा कौन रखेगा
मैं मर जाऊगा तो ज़िन्दा कौन रखेगा

मेरे अफसाने सभी साथ मे दफन होंगे
मेरे खुआबों को सन्जीदा कौन रखेगा

कैद मैं रहने का दर्द सब जान गए अगर
तो परिन्दों को पिंजरे मे ज़िन्दा कौन रखेगा

वो रख लेती हमे पास अपने ज़िन्दगी भर को
शिकायत ये भी थी उसे शर्मिन्दा कौन रखेगा

मुमकिन नही हैं इस दुनिया से हिजरत करना
बरना तेरी यादों का पुलिन्दां कौन रखेगा!!
✍️✍️अरमान मलिक ✍️✍️

25/04/2021

कुछ ऐसा हुआ हैं भाई अपने साथ भी 🙈🙉🙊

कोई फरियाद क्या करना किसी को याद क्या करना जख्म जब बन जाये नासूर तो फिर  इलाज क्या करना !!😊@.मलिक lins ..😊
06/04/2021

कोई फरियाद क्या करना
किसी को याद क्या करना
जख्म जब बन जाये नासूर
तो फिर इलाज क्या करना !!
😊@.मलिक lins ..😊

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