22/10/2021
अशफाकउल्ला खान भारतीय स्वतंत्रता आंदोलन में एक भारतीय स्वतंत्रता कार्यकर्ता और हिंदुस्तान सोशलिस्ट रिपब्लिकन एसोसिएशन के सह-संस्थापक थे
मुजाहिद-ए-आजादी अशफाकउल्लाह खान 27 साल के उम्र फांसी दे कर शहीद किया गया
उनकी यौम-ए-पैदाइश पर खिराजे अक़ीदत पेश करते हैं
#अशफाकउल्लाह_खान
20/09/2021
#मौलाना_बरकतुल्लाह_भोपाली की मृत्यु 20 सितम्बर सन 1927 को सैन फ्रांसिस्को में हुई थी। वह गदर पार्टी के संस्थापक सदस्य थे और राजा महेन्द्रप्रताप के मित्र भी थे। 1915 में भारत के प्रथम प्रोविशनल सरकार का गठन हुआ तब मौलाना भोपाली प्रधानमंत्री और राजा महेन्द्रप्रताप राष्ट्रपति बने थे।
उनकी यौम-ए-वफ़ात पर खिराजे अक़ीदत....
26/08/2021
11वीं सदी के आखिर तक अनातोलिया पर कंट्रोल के लिए सेल्जुकियों और रोमी फौजों में झड़पें होती रहती थीं। लेकिन बुनियादी तौर पर ये इलाका रोमियों के कंट्रोल में ही था। रोमियों ने अपनी सरहदों पर तुर्कों को रोकने के लिए किलों की एक कतार बना रखी थी। लेकिन अब ये हमले इतने बढ़ चुके थे की इन्हे रोकना अब सरहदी चौकियों या किलों के बस की बात नहीं थी। इन हमलों से परेशान रोमी शहंशाह रोमानोस IV ने अपने सरहदी इलाकों से तुर्को के मुकम्मल सफाये के लिए एक बड़ी फौज तैयार की जिसकी तादाद 1 लाख से कुछ ऊपर ही थी, को लेकर सेल्जुकी सरहद की ओर पेशकदमी शुरू कर दी।
26 अगस्त 1071 के दिन मौजूदा पूर्वी तुर्की के मंज़िकर्ट टाउन में सेल्जुक सल्तनत के दूसरे सुल्तान अल्प अर्सलान और रूमी बादशाह रोमानोस IV के बीच तारीख का धारा मोड़ देने वाली एक जंग लड़ी गयी थी। इस लड़ाई में सेल्जुक तुर्कों की निर्णायक जीत हुयी थी। और रोमी बादशाह रोमानोस IV सुल्तान अल्प अर्सलान का कैदी बन गया। यह तारीख का पहला और एकमात्र समय था, जब एक रोमी बादशाह एक मुस्लिम कमांडर का कैदी बना था।
इस जंग में रोमियों की हार से उनकी साख को ऐसी चोट पहुचायी की फिर वो अपना हारा हुआ इलाका तारीख में कभी वापस नहीं ले सके। ये इलाका आज भी तुर्की का ही हिस्सा है।
21/08/2021
भारत रत्न व विश्व प्रसिद्ध शहनाई वादक उस्ताद बिस्मिल्लाह ख़ाँ साँझी संस्कृति के प्रतीक थे, उनकी शहनाई की धुनें हर किसी को भाव-विभोर कर देती थी।
भारत रत्न उस्ताद बिस्मिल्लाह ख़ाँ को उनकी यौम-ए वफ़ात पर खिराजे अक़ीदत पेश करते हैं।
#उस्ताद_बिस्मिल्लाह_ख़ाँ #भारत_रत्न
20/08/2021
"मिट्टी में मिल गए हैं इरादे यज़ीद के
लहरा रहा है आज भी परचम हुसैन का"
हज़रत इमाम हुसैन (अ.स.) की शहादत दुनियाभर को इंसानियत और ईमान
का रास्ता दिखाती है और जुल्म के खिलाफ आवाज़ बुलंद करने का सबक देती है।
15/08/2021
🇮🇳
"भारत छोड़ो" का नारा यूसुफ मेहर अली ने दिया था,
"जय हिन्द" का नारा आबिद हसन सफ़रानी और सुभाष चंद्र बोस ने दिया था,
"इंक़लाब जिंदाबाद" का नारा हसरत मोहानी ने दिया था,
"मादरे वतन भारत की जय" (बाद में कुछ सांम्प्रदायिको ने भारत माता की जय)की नारा 1857 में अजीमुल्लाह खान ने दिया था,
1772 में पहली बार शाह अब्दुल अजीज ने जेहाद का फ़तवा जारी किया कि अंग्रेजी की ग़ुलामी हराम है
अंग्रेजो के खिलाफ पहली तलवार उठाने वाला टीपू सुल्तान था
"1857 विद्रोह" का प्लांनिग मौलवी अहमदुल्लाह शाह ने की थी जिस पर अंग्रेजों ने50000हजार₹ का इनाम रखा था लालच में राजा जगरनाथ ने मुखबरी कर दी
जिसने अंग्रेजों की झंडा उतारकर तिरंगा झंडा फहराया वह शख्स जेनरल शाहनवाज खान था।, (बॉलीवुड अभिनेता शाहरुख खान के नाना है)
भारत के विभाजन के खिलाफ फ्रंटियर गाँधी(सीमांत गाँधी) खान अब्दुल गफ्फार खान थे
जंगे आज़ादी के दौरान पहला पत्रकार शहीद होने वाला वह शख्स मौलाना मीर बाक़ी था
जंगे-आज़ादी में सबसे ज्यादा दान देने वाला यूसुफ मारफ़ानी था
🇮🇳
19/07/2021
आज से दो वर्ष पूर्व रामनगर में दिन-दहाड़े बाइक सवार चार अपराधियों ने कांग्रेस नेता फखरुद्दीन खां को गोली मार कर हत्या की
उनकी यौम-ए-वफ़ात पर खिराजे अक़ीदत पेश करते हैं
10/07/2021
बिहार के एकमात्र मुस्लिम मुख्यमंत्री डॉ अब्दुल गफ़ूर साहब को उनके यौम-ए-वफ़ात पर खिराज़-ए-अक़ीदत पेश करते है…
07/07/2021
मुल्क़ की जंग-एआज़ादी के अज़ीमुश्शान क्रांतिकारी मौलाना बरकतुल्लाह भोपाली को उनकी यौम ए पैदाइश के मौके पर खिराज़ ए अक़ीदत पैश करता हूँ।
मौलाना एक ऐसे अनोखे स्वतंत्रता संग्राम सेनानी थे, जिन्होंने देश के साथ साथ विदेशों की खाक छानकर देश को आज़ाद कराने की लड़ाई लड़ी थी…
01/07/2021
1965 भारत पाकिस्तान युद्ध के महानायक, गाजीपुर की मिट्टी का शेर, परमवीर चक्र विजेता अमर शहीद वीर अब्दुल हमीद की यौम-ए-पैदाइस पर खिराजे अकीदत पेेश करते हैं ।
#खिराजेअकीदत #वीरअब्दुलहमीद
#परमवीरचक्र
27/03/2021
महान शिक्षाविद औऱ अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी के संस्थापक सर सैयद अहमद खान की यौम-ए-वफ़ात पर खिराजे अक़ीदत