24/03/2024
जागरूकता से खत्म हो सकती है टीबी - रमेश पटेल ‘स्माइल’
प्रतापगढ़! विज्ञान प्रसार नेटवर्क द्वारा संबद्ध विज्ञान जागृति साइंस क्लब अवधानपुर में विश्व टीबी दिवस मनाया गया। साइंस क्लब के संस्थापक एवं निदेशक रमेश पटेल स्माइल ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि टीबी एक गंभीर एवं संक्रामक बीमारी है जो कि माइकोबैक्टीरियम ट्यूबरकुलोसिस नामक बैक्टीरिया से फैलता है।इसका शिकार होने पर लोगों की जान को खतरा बढ़ जाता है। इसलिए लोगों को टीबी के प्रति जागरुक करने के लिए हर साल 24 मार्च को विश्व टीबी दिवस मनाया जाता है। टीबी को तपेदिक, क्षय रोग अथवा यक्ष्मा रोग के नाम से भी जाना जाता है। इस वर्ष 2024 में विश्व टीबी दिवस का थीम "हां हम टीबी को खत्म कर सकते हैं" रखा गया है। स्माइल ने आगे भी कहा कि लोगों में जागरूकता से टीबी को खत्म किया जा सकता है। 15 दिन तक लगातार खांसी आना, छाती में दर्द होना, कमजोरी, थकान, वजन में लगातार गिरावट और बार- बार बुखार आना टीबी के लक्षण हो सकते हैं। ऐसे लक्षण दिखे तो छुपाना या डरना बिल्कुल भी नहीं चाहिए तुरंत अस्पताल में जाकर अपने बलगम की जांच करानी चाहिए। जांच बिल्कुल नि:शुल्क है और साथ ही टीबी का इलाज भी। इलाज के दौरान पोषण के लिए मरीज को प्रतिमाह 500 रुपए भी दिए जाते हैं।
18/09/2023
विज्ञान जागृति के बैनर तले आयोजित बेल्हा शिक्षक गौरव सम्मान एवं सांस्कृतिक कार्यक्रम में प्रतिभाग करने वाले Smile Career Institute चंदेलेपुर शाखा के 21 बच्चों को मेडल देकर प्रोत्साहित किया गया। इस अवसर पर संस्था के संस्थापक एवं शिक्षक रमेश पटेल स्माइल, अतुल कुमार, शिक्षिकाएं अंजली पाण्डेय व आस्था गुप्ता मौजूद रहे।
07/09/2023
विज्ञान जागृति साइंस क्लब अवधानपुर की प्रतिभाएं
07/09/2023
बेल्हा शिक्षक गौरव सम्मान से सम्मानित हुए 30 सेवानिवृत्त शिक्षक और दो दर्जन मेधावी छात्र छात्राएं
प्रतापगढ़! विज्ञान जागृति साइंस क्लब अवधानपुर में शिक्षक दिवस पर आयोजित कार्यक्रम में प्रतापगढ़ व जौनपुर के 30 सेवानिवृत्त शिक्षकों को बेल्हा शिक्षक गौरव सम्मान से सम्मानित किया गया। कार्यक्रम की शुरुवात दीप प्रज्वलन से हुआ। दीप प्रज्वलन का कार्य मुख्य अतिथि एम डी पी जी कॉलेज प्रतापगढ़ के पूर्व प्राचार्य डॉ विनोद शुक्ला, विशिष्ट अतिथि माध्यमिक शिक्षा परिषद प्रयागराज के सेवा निवृत्त सहायक सचिव दुर्गा प्रसाद श्रीवास्तव व बीबीएस इंजिनियरिंग कॉलेज की पूर्व प्रोफेसर पारुल श्रीवास्तव ने किया। श्री शुक्ल जी ने अपने संबोधन में कहा किमानव जीवन में गुरु को ईश्वरतुल्य माना गया है। गुरु ही शिष्य का मार्गदर्शन करते हैं और वे ही जीवन को ऊर्जामय बनाते हैं। जीवन विकास के लिए गुरु बहुत महत्वपूर्ण भूमिका निभाते है। गुरु की सन्निधि, प्रवचन, आशीर्वाद और अनुग्रह जिसे भी भाग्य से मिल जाए उसका तो जीवन कृतार्थता से भर उठता है। क्योंकि गुरु के बिना न आत्म-दर्शन होता और न परमात्म-दर्शन। इन्हीं की प्रेरणा से आत्मा प्रकाश की तरह उज्जवल बनती है। वही दूसरी ओर विशिष्ट अतिथि श्री दुर्गा प्रसाद श्रीवास्तव ने छात्रों को कहा कि जीवन में सफल होने के लिए मेहनत, लगन, समय का सदुपयोग और इच्छा शक्ति की आवश्यकता होती है. लेकिन सफलता की राह में कई बाधाएं और चुनौतियां भी आएंगी, जिसके लिए आपको तैयार रहना होगा।कैरियर विशेषज्ञ विभांशु पांडेय ने छात्रों को भविष्य में प्रतियोगिता परक जीवन में सफलता के गुर सिखाए ।अतिथियों का स्वागत संस्था के शिक्षक रवि यादव,अतुल कुमार, ओम प्रकाश व शिक्षिकाएं पूजा पाण्डेय, अंजली पाण्डेय व आस्था पाण्डेय ने किया। इस कार्यक्रम में शिक्षा के क्षेत्र में अतुलनीय योगदान देने वाले गुरुजनों त्रिवेणी सिंह, चिंतामणि पांडेय, मानिक चंद विश्वकर्मा, राजाराम तिवारी, पन्नालाल यादव, हरिश्चंद पटेल, राम लखन गौतम, देवशरण यादव, भारत राम यादव, रमा शंकर पटेल आदि को बेल्हा शिक्षक गौरव सम्मान से सम्मानित किया गया। तत्पश्चात गत वर्ष हाईस्कूल और इंटर में उत्कृष्ट अंक प्राप्त करने वाले मेधावियों रिंकी पाल, प्रिया पटेल,ज्योती यादव, रिचा यादव, अमर सिंह पटेल और अवनीश कुमार पटेल को गोल्ड मेडल व प्रमाण पत्र से सम्मानित किया गया। इस संस्था के सलाहकार के इंजिoमोहम्मद अरहम सिद्दीक ने संस्था की उपलब्धियों को गिनाया। कार्यक्रम का सफल संचालन विज्ञान जागृति साइंस क्लब के शिक्षक अश्विनी शुक्ला ने किया। कार्यभार रवि सरोज, अभिषेक दीपांकर व राहुल सैनी ने संभाला। सृष्टि , ज्योति, साक्षी, रिया, सेजल, रवि, काजल, रियांशी, निखिल, इंद्रेश, सोनाली, जागृति, खुशी आदि ने मनोरंजक तथा शिक्षाप्रद प्रस्तुतियों से खूब तालियां बटोरी। आभार संस्था के संस्थापक रमेश पटेल और शोभनाथ पटेल ने व्यक्त किया। इस अवसर पर जंग बहादुर पटेल, नीरज मिश्रा, आनन्द सिंह, धीरज सिंह, राजेश कुमार यादव, विपिन यादव, दिनेश मौर्या, ध्रुव दत्त पाण्डेय, रमेश चंद्र प्रजापति आदि ग्रामीण व प्रबुद्धजन मौजूद रहे।