22/08/2026
आज एक बेहद विचलित कर देने वाला वीडियो देखा।
बताया गया कि 18 वर्ष के एक लड़के ने EMI पर iPhone खरीदा था। किश्त नहीं चुका पाया तो माता-पिता से पैसे माँगे, लेकिन उनकी आर्थिक स्थिति इसकी अनुमति नहीं देती थी। बहस हुई और गुस्से में लड़का एक पहाड़ी की चट्टान पर जाकर अपनी जान देने की बात करने लगा।
लगभग तीन घंटे तक माता-पिता, स्थानीय लोग और पुलिस उसे समझाते रहे। अंत में पिता उसका हाथ पकड़ने आगे बढ़े तो न जाने कैसे संतुलन बिगड़ा और पिता-पुत्र दोनों खाई में गिर गए। अपनी आँखों के सामने अपनी पूरी दुनिया खत्म होते देखकर माँ ने भी छलाँग लगा दी।
एक ही क्षण में पूरा परिवार समाप्त हो गया, और किसलिए?
एक फोन के लिए… जिसकी कीमत किसी भी जीवन के सामने कुछ भी नहीं।
इस घटना ने भीतर तक झकझोर दिया। हमारे समय में एक रुपया मिल जाना भी बड़ी बात होती थी। माँ की एक नजर या “पिताजी आने वाले हैं” सुनते ही हम सीधे हो जाते थे। हमने माता-पिता के संघर्ष, उनकी मजबूरी और त्याग को करीब से देखा था। हमें मालूम था कि उनका “नहीं” प्रेम की कमी नहीं, बल्कि उनकी सामर्थ्य की सीमा है।
आज के माता-पिता बच्चों को अपनी क्षमता से कहीं अधिक देते हैं, उनके दोस्त बनकर रहते हैं। लेकिन बच्चों को यह समझाना भी जरूरी है कि हर इच्छा तुरंत पूरी नहीं होती, और किसी वस्तु का न मिलना जीवन का अंत नहीं होता।
चीजों की भूख कभी समाप्त नहीं होगी। आज फोन चाहिए, कल गाड़ी, फिर बड़ा घर और उसके बाद कुछ और। अपने सपनों के लिए जी-तोड़ मेहनत कीजिए। मिल गए तो अच्छा; नहीं मिले तो नया रास्ता खोजेंगे, लेकिन जीवन से हार जाना कोई विकल्प नहीं है।
कभी अपने से कम सुविधाओं में जी रहे लोगों को भी देखिए, अहंकार के लिए नहीं, बल्कि यह समझने के लिए कि जिस जीवन को आप सामान्य मानते हैं, वही लाखों लोगों का सपना है।
जीवन रहा तो संभावनाएँ अनंत हैं।
बीज से पौधा, पौधे से पेड़ और पेड़ पर फल आने में समय लगता है। आप कितने भी बेचैन हों, प्रकृति अपनी गति नहीं बदलेगी। उससे धैर्य सीखिए, लेकिन प्रयास कभी कम मत कीजिए।
मेहनत कीजिए, पूरी शक्ति से कीजिए। गिरिए, फिर उठिए। एक रास्ता बंद हो तो दूसरा खोजिए। आज नहीं तो कल; यह नहीं तो कुछ और, लेकिन हिम्मत कभी मत हारिए। दुनिया ऐसे लोगों की कहानियों से भरी है, जिन्हें कभी असफल कहा गया, लेकिन बाद में उन्होंने ऐसी सफलता पाई कि मिसाल बन गए।
और हमेशा अपने माता-पिता के प्रयासों की कद्र कीजिए। शायद वही दो लोग हैं जो आपकी सफलता से आपसे अधिक खुश और आपकी परेशानी में आपसे अधिक दुखी होते हैं। उनकी हर बात सही हो, यह जरूरी नहीं; लेकिन उनकी नीयत लगभग हमेशा आपके भले की होती है।
आप सभी अपनी पढ़ाई और तैयारी में लगे रहिए। कम अंक, असफलता या रुका हुआ चयन आपका पूरा जीवन नहीं है।
सब होगा, अपने समय पर होगा।
बस प्रयास पूरे रखिए और जीवन का हाथ कभी मत छोड़िए।
यदि कभी मन में खुद को नुकसान पहुँचाने जैसा विचार आए, तो अकेले मत रहिए। तुरंत माता-पिता, मित्र, शिक्षक या किसी भरोसेमंद व्यक्ति से बात कीजिए। समस्या कितनी भी बड़ी लगे, वह आपके जीवन से बड़ी कभी नहीं हो सकती। 🖤