16/05/2026
प्रतिभा को मंच, कविता को सम्मान
दैनिक जागरण, बेगूसराय के पूरे टीम के प्रति आभार!
रूपेश जी के नेतृत्व में बहुत ही नेक विचार को ज़मीन पर उतारा गया।
क्लास ऐट से ट्वेल्व तक के बच्चों को स्वरचित कविता पाठ का मौका दिया गया।
जिले के विभिन्न विद्यालय के सैकड़ों बच्चों ने हिस्सा लिया। अधिकतम तीन बच्चे के भागीदारी की सीमा थी। दो से तीन मिनट की प्रस्तुति दी जा सकती थी।
भारद्वाज गुरुकुल के बच्चों ने भी हिस्सा लिया। कल इन तीन बच्चों के हिंदी की पढ़ाई वी पी स कंप्यूटर ट्रेनिंग इंस्टीट्यूट,जिला परिषद मार्केट, बेगूसराय के हॉल में हुई। इनके निदेशक वी एन ठाकुर जी के प्रति भी आभार। बच्चों के साथ दुर्व्यवहार नहीं हुई। उन्हें नायक बनाने के सारे प्रयास हुए। उनका ख्याल रखा गया। आपकी टीम अच्छे होस्ट की भूमिका में रही।
क्लास ऐट से आदित्य आलोक एवं भव्या नीत एवं क्लास टेन से जिज्ञासा सिंह ने प्रस्तुति दी।
कविता की प्रस्तुति से सभी बच्चों ने एक दूसरे से खूब सीखा। सभी बच्चों के ज्ञान में वृद्धि हुई। मेरी नज़र में सभी विजेता रहे। फिर भी प्रतियोगिता के नियम के मुताबिक आदित्य आलोक दूसरे स्थान पर, जिज्ञासा सिंह पांचवें स्थान पर और भव्या नीत टॉप टेन में रही।
आदित्य आलोक एवं जिज्ञासा सिंह का सम्मान छह जून को दैनिक जागरण द्वारा दिनकर भवन में आयोजित कवि सम्मेलन में होना है।
मेरे पास सिर्फ आभार के ही शब्द हैं।
शिक्षा विशेषज्ञ का भी मानना है कि अगर किसी भी क्षेत्र का राजा यानी लीडर बनना है तो भाषा में मिठास लाओ,इस पर अच्छी पकड़ रखो। इसलिए स्कूली पढ़ाई में तीन भाषा की पढ़ाई होती है।
ब्रेन को तेज बनाने में भाषा की बड़ी उपयोगिता है।
कम्युनिकेशन स्किल सबसे अच्छे स्किल में से एक है।
कविता या लेख लिखना, पढ़ना, सुनना एवं सुनाना भाषा ज्ञान की बेहतरी का शानदार तरीका है।
सबों को बधाई!
ऐसा प्रयास जारी रहे।
शिव प्रकाश भारद्वाज
निदेशक
भारद्वाज गुरुकुल
पन्हास,बेगूसराय
बिहार