09/08/2020
एक "दिनकर"बनाने में न जाने कितनी बार भगवान सर पटकता होगा,,,,,😢😢😢
आज जब बेगूसराय की धरती मां जब अपने बच्चों को दूध पिलाने को सोचेगी,अपने बच्चों को अपने गोद में खेलाने को सोचेगी,,तब उसका एक बच्चा,बेगूसराय का दीपक उसके आंचल में शरारत करता नहीं मिलेगा,,😢
आज बेगूसराय ने,,हमने,,एक दिनकर,,एक अडिग,निडर,साहसी,,,बेटा को खो दिया,,,ऐसा बेटा हर किसी को नसीब नहीं होता ।।।।
ऐसा भाई,,दोस्त,,हर किसी को नसीब नहीं होता है,,,जो हर परिस्थिति में एक पहाड़ के समान डटकर किसी भी मुसीबत से लडने को तैयार हो जाता था,,,शेर जैसा अदम्य साहस,,,वट जैसा सहनशीलता,,,चीता जैसा चाल,,,बस दिनकर में ही हो सकता था,,,जब दोनों साथ चलते थे,,तो लगता था,,चीता ,,शेर के साथ चल रहा,,जब दोनों साथ खाते थे,,तो ऐसा लगता था,,चीता ,,शेर के साथ खा रहा है,,,जब दोनों साथ सोते थे,,तो ऐसा लगता था,,चीता,,शेर के साथ सो रहा है,,,,,,
बेगूसराय ही नहीं वरन् इस दुनिया ने एक ईमानदार,,जोशीला,,,साहसी,,,समाजसेवी बेटा खो दिया।।।
भगवान कितने बेसहारों का सहारा छीने हैं,,यह बात भगवान भी नहीं जानते होगें,,,सबका भला चाहने वाला था,,मेरा भाई ,,,हर किसी का सहायता करता था,,,,लेकिन भगवान को शायद यह बात पसंद नहीं था,,,जो इतनी जल्दी अपने पास बुला लिए l
अब शायद कोई नहीं ऐसा मिलेगा जो मुझे चाय बनाने के लिए रात में एक बजे मेरा पैर पकड़कर वेड से नीचे गिरा देगा और बोलेगा चाय बनाओ,,😢😢😢,,और सब एक साथ बैठकर चाय पीएगें,,,,
वादें,,यादें बन गए।।।😢😢😢😢
सबकुछ याद बनके रह गया।।😢😢😢😢
भगवान आपके आत्मा को शांति दें।।😢😢😢😢
भावपूर्ण नमन।।।।😢😢😢😢😢
---😢😢लिखने को तो आप पर उपन्यास लिख दूंगा😢😢परंतु आपके सामने,,आपके याद के सामने,, मैं नतमस्तक हो जाऊंगा,,,,मुझे मेरे शब्द नहीं मिलेगें,,मेरे कलम की गति रुक जाएगी,,,,😢😢😢
आपके सेवाभाव वाले पथ पर चलने को हर संभव कोशिश करुंगा,,,😢😢😢😢