19/05/2026
भजन कार्यशाला में मुख्य रूप से भजन गायन की विभिन्न विधाओं का प्रशिक्षण दिया जा रहा,इसमें शामिल हैं।
- भजन गायन की बुनियादी बातें : विद्यार्थियों को भजन के सुर, ताल, और लय की जानकारी दी जा रही है।
- भजन की सांस्कृतिक और धार्मिक महत्ता : भजन के महत्व और उसके सांस्कृतिक विरासत से जुड़ाव के बारे में समझाया जाता है।
- विभिन्न प्रकार के भजन : तुलसीदास,मीराबाई, ब्रह्मानंद, कबीरदास आदि रचनाकारों के उप-शास्त्रीय प्राइवेट भजन,लोक भजन जैसी विभिन्न शैलियों का प्रशिक्षण दिया जा रहा है।
- संगीत के मूल सिद्धांत : संगीत के 12 स्वरों की जानकारी और उनका अभ्यास कराया जा रहा है।
- हारमोनियम और तबला संगत : कार्यशाला में हारमोनियम और तबला संगत के साथ सभी को प्रशिक्षण दिया जा रहा है।
- भजन प्रस्तुति : विद्यार्थियों को भजन गायन की प्रस्तुति करने का अवसर प्रदान किया जाता है, जिससे उन्हें अपनी प्रतिभा दिखाने का मौका मिलता है।
इन कार्यशालाओं का उद्देश्य न केवल भजन गायन की कला सिखाना है, बल्कि विद्यार्थियों को भारतीय संस्कृति और संगीत की समृद्ध विरासत से जोड़ना भी है।
भजन कार्यशाला के निर्देश प्राप्त करने के लिए
कार्यशाला के आयोजक से संपर्क करें : आप सीधे कार्यशाला के आयोजक या प्रशिक्षिका डॉ. रंजना अग्रहरि से संपर्क कर सकते हैं और उनसे कार्यशाला के निर्देशों के बारे में पूछ सकते हैं। उनके संपर्क नंबर 9838922078 पर कॉल या मैसेज कर सकते हैं।
कार्यशाला की वेबसाइट या सोशल मीडिया पर जानकारी देखे : कार्यशाला की आधिकारिक वेबसाइट या सोशल मीडिया पेज है, तो आप वहां से कार्यशाला के निर्देशों के बारे में जानकारी प्राप्त कर सकते हैं।
उत्तर प्रदेश संगीत नाटक अकादमी से संपर्क करें : चूंकि यह कार्यशाला उत्तर प्रदेश संगीत नाटक अकादमी और शिखा मेमोरियल के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित की जा रही है, आप अकादमी से संपर्क करके कार्यशाला के बारे में जानकारी प्राप्त कर सकते हैं।
Ranjana Agrahari
Shikha memorial sangeet seva sansthan - Basti Shikha Memorial डॉ रंजना अग्रहरि