21/11/2017
स्वतंत्रता की यज्ञवेदी पर अपने पूरे परिवार को आहूत करने वाले भारत के महान क्रांतिकारी केसरी सिंह बारहठ की 145 वीं जयंती पर उन्हें शत शत नमन!!!!
चाहे "चेतावनी के चुंगटिये"लिखकर शासक वर्ग को चेताना हो,चाहे "राजस्थान केसरी"नामक पत्र से राजपूताने की जनता को जागृत करना हो,,,चाहे सशस्त्र क्रांति में महत्वपूर्ण भूमिका निभानी हो,,,,,,आप हमेशा अग्रणी रहे!!!
एक कवि जिसके दोहे सुनकर महाराणा ने अंग्रेजो के सामने सर झुकाने से मना कर दिया, एक क्रन्तिकारी जो जेल में अनाज के दानों से भारत का नक्शा बनाकर कैदियों में देशभक्ति जगाता था,,एक परिवार का मुखिया जिसने अपने पूरे परिवार पत्नी,,भाई,,पुत्र,,पुत्रियों और यहां तक कि #दामाद को भी अंग्रेजो के विरुद्ध स्वतंत्रता की क्रांति में समर्पित किया,,,,,,,
तो आइये इस महान क्रांतिकारी कवि केसरीसिंह बारहठ को उनके जन्मदिवस पर नमन करे!!!
कोटि कोटि नमन!!!!