14/03/2023
भारतीय भाषा_साहित्य को कमजोर करना और भारतीय संस्किर्ती के scientific behavior को अंधविश्वास बोल के दुष्प्रचार करना , धार्मिक व्यवसाय का खेल,धर्मांतरण की आड़ में ,,, धर्मांतरण का खेल में , (Norway_perosn) का खुरपाती दिमाग #जाहेर_खोंड कल्चर में.
PO bodding ,जो In 1890, he arrived ,(Santal Parganas) as missionary priest. When Skrefsrud died in 1909, Bodding took over as the leader of the Norwegian missionary organization Santaline Mission (Den norske Santalmisjon). He served in India for 44 years (1889–1933), and operated mainly from the town Dumka in the Santhal Parganas-district..
ये महज एक धर्म प्रचारक के रूप में भारत में नियुक्त हुआ था और दुमका में रहा ,और बंगलादेश और भारत अन्य हिस्से में गया धर्म प्रचार के लिए ,, 1914 में "बाइबिल" को संताली में अनुवाद किया "ROMAN " script में , जिसका अभी ,,missionaries लोग Roman ka प्रचार करना चाहते हैं और चाह रहे हैं ,जो की देश और संविधान के विरुद्ध है ,, ये वाही PO bodding है , जो संताली भाषा को धार्मिक जाल में फसाना चाहा और संताली भाषा को दो भाग में बांटने का निरर्थक कोसिस किया था "north_santal_dialect & south_santal_dialect में ,,और संताली भाषा को धार्मिक स्वरुप देना चाहा , roman में कर के ,, और भाषा (language)" को dialect (बोली ) के प्रस्तुत कर के ,संताली भाषा के originality को बर्बाद कर के ,धार्मिक स्वरुप में , ईसाई धर्म में परिवर्तित लोग के लिए उपयोग किया और भारतीय भाषा में "roman" का promotion का जरिया बनाया ..
PO bodding ने संताली भाषा को roman promoteकर के एक भारतीय भाषा और साहित्य और कल्चर को संक्रमित किया है ,इसलिए आज भी , उसके follower ,roman का प्रचार करने पे दिन रात लगे रहते हैं ,जो की देश का विचारधारा और भारतीय संविधान के विपरीत है ,,, धार्मिक के खेल में PO bodding का नाम बचाने के लिए ,अपने ही देश का भाषा साहित्य और कल्चर के साथ खेलना ये कैसा धर्मनिति ... बाइबिल को "संताली भाषा " को roman लिपि में अनुवाद किया गया है धर्म प्रचार के लिए इसलिए OL_CHIKI जो संताली का आधिकारिक लिपि और (OL-CHIKI has retrieved the natural linguistics term of natural language ..) को गलत तरीके से तोड़ मरोड़ कर इसका अवहेलना करते हैं ,, PO bodding को दुमका में दफनाया गया है वो भी जाहेर _खोंड के रिवाज से ही (north-south) में ही ,,,,,
धार्मिक व्यापारिक PO Bodding ,ने बहुत कोसिस किया और बनने का ,PO bodding ने दुमका के ही "ओझा कुलयान हडाम" से जाहेर -खोंड का सिद्-विद ,रीति निति और थोड़ा सा कुछ वाकया कहीं कहीं का कुछ सिखा ,,और खुद को जाहेर -खोंड के समूह का ज्ञानी समंझने लगा था. ,ऐसा लगता है मानो , #मांझी_परगना को -vedh_chhedh ,jharni-maantaar ,serenj_baakhern ,,,po bodding ने ही सिखाया है क्या ? उसके पहले #जाहेर _खोंड के लोगों को कुछ नहीं आता था क्या ? दोहाय कमरू गुरु बाबा भी , po bodding से ज्ञान लिए थे क्या ... ?",,,,और खुद को indologist समझने लगा था और प्रमोट भी करने लगा था ,,, उसी ने ही ,,,रोड़ को parsi बता के संताली में विषाक्त करने का कोसिस किया था...