14/09/2026
निज भाषा उन्नति अहै, सब उन्नति को मूल। बिन निज भाषा-ज्ञान के, मिटत न हिय को सूल ॥
हिंदी केवल संवाद का माध्यम नहीं, बल्कि हमारी आत्मा, संस्कृति और राष्ट्रीय अस्मिता का जीवंत स्वरूप है। यह वह डोर है जो विविधता से भरे भारत को एकता के एक मजबूत सूत्र में पिरोती है। हमारे विचार, हमारे संस्कार और हमारी पहचान सब कुछ इसी में समाहित है।
अगर भाषा खो जाए, तो संस्कृति अपनी पहचान खो देती है। इसलिए अपनी जड़ों से जुड़िए, अपनी मातृभाषा पर गर्व कीजिए और आने वाली पीढ़ियों को भी इस समृद्ध विरासत का मान रखना सिखाइए।
आइए हम सब मिलकर संकल्प लें-हिंदी का सम्मान करेंगे, इसे अपने दैनिक जीवन में अपनाएंगे और इसका गौरव विश्व पटल पर बढ़ाएंगे।
कृष्णा विद्यापीठ माध्यमिक विद्यालय की ओर से आप सभी को हिंदी दिवस की हार्दिक
शुभकामनाएँ !
HindiHamariShaan