13/09/2020
दिल्ली पुलिस ने #सीपीएम के महासचिव #सीताराम_येचुरी, स्वराज अभियान के नेता #योगेंद्र_यादव, प्रसिद्ध अर्थशास्त्री #जयती_घोष, दिल्ली विश्वविद्यालय के #प्रोफेसर_अपूर्वानंद और डॉक्यूमेंट्री फिल्ममेकर #राहुल_रॉय को इस साल फरवरी में हुए #दिल्ली_दंगों के मामले में सह-साजिशकर्ता के रूप में नामित किया है।
कामरेड सीताराम येचुरी लिखते हैं कि:
दिल्ली पुलिस केंद्र में गृह मंत्रालय के तहत आती है। उसकी ये नाजायज और अवैध हरकतें भाजपा के शीर्ष राजनीतिक नेतृत्व के चरित्र को दर्शाती हैं। वे मुख्यधारा के राजनीतिक दलों द्वारा राजनीतिक शांतिपूर्ण विरोध से डरते हैं, और विपक्ष को निशाना बनाने के लिए राज्य की शक्ति का दुरुपयोग कर रहे हैं।
भाजपा सरकार न सिर्फ संसद में सवालों से डरती है, बल्कि प्रधानमंत्री प्रेस कॉन्फ्रेंस करने से घबराते हैं, अपने निजी फंड के बारे में आरटीआई के सवालों का जवाब नहीं दे सकते हैं, अपनी डिग्री नहीं दिखा सकते हैं। उन्हें लगता है कि राज्य सत्ता के इस तरह के दुरुपयोग से वे राजनीतिक विरोध को शांत कर सकते हैं। इमरजेंसी को हमने हराया था और इस आपातकाल के खिलाफ भी हम लड़ेंगे।
भाजपा डर दिखाकर लोगों को सीएए जैसे भेदभावपूर्ण कानूनों का विरोध करने से नहीं रोक सकती है। यह सुनिश्चित करने के लिए कि सभी भारतीय अपने धर्म, जाति, रंग, पंथ, क्षेत्र, लिंग और राजनीतिक संबद्धता के बावजूद समान हैं, अन्याय के खिलाफ आवाज बुलंद करना न केवल हमारा अधिकार है, बल्कि हमारा कर्तव्य भी है। हम यह जरूर करेंगे।
दिल्ली हिंसा में 56 लोगों की मौत हुई। जहरीले भाषणों के वीडियो रिकॉर्ड पर हैं। जेएनयू में हिंसक भीड़ का नेतृत्व करने वाले व्यक्तियों के वीडियो हैं। परंतु भाजपा सरकार, और इसके तहत आने वाली दिल्ली पुलिस, उन लोगों पर कोई कार्रवाई नहीं कर रही है। क्योंकि दिल्ली पुलिस को आदेश हैं कि किसी भी तरह से विपक्ष को लपेटा जाए।
यह मोदी और उनकी भाजपा का असली चेहरा, चारित्र, चाल और चिंतन है। इसका हर स्तर पर विरोध होगा।