04/08/2019
प्रणाम/नमस्कार मित्रोँ,
आज मित्रता-दिवस के इस पावन अवसर पर आपके अपने संस्थान Gyan Educational Hub, नाथ-नगरी बरेली तथा इसके समस्त शिक्षकगणो की ओर से भारत-वर्ष के जन-जन को मित्रता-दिवस के वैचारिक महोत्सव की अम्बर-भर शुभकामनाएें ||
प्रतियोगी-क्षेत्र में कार्यरत वे समस्त मित्र संस्थान जो कर्तव्यनिष्ठा के साथ छात्रोँ के भविष्य निर्माण हेतु सतत् प्रयासरत् हैँ बधाई के पात्र हैँ ...
बरेली क्षेत्र के समस्त प्रतियोगी संस्थानों यथा..
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आदि को मित्रता दिवस की अनन्त शुभकामनाएें ||
ईश्वर सदैव आपके एवम् आपके शिक्षकों-छात्रोँ को उत्तरोत्तर प्रगति के मार्ग की ओर अग्रसित करें ..|
"सधन्यवाद"
Thakur Samiksha Singh
Gyan Educational Hub, Bareilly
04/04/2019
पंचायती राज व्यवस्था... कुछ महत्त्वपूर्ण तथ्य 👩🏫
04/04/2019
इसरो ने अंतरिक्ष में भेजा पीएसएलवी C-45, EMISAT और 28 विदेशी सैटलाइट्स को किया लॉन्च
भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संस्थान (इसरो) ने पीएसएलवी C-45 रॉकेट के जरिए EMISAT सैटलाइट को अंतरिक्ष की कक्षा में स्थापित कर दिया है। महत्वपूर्ण है EMISAT यानी इलेक्ट्रॉनिक इंटेलिजेंस सैटलाइट। यह डीआरडीओ को डिफेंस रिसर्च में मदद करेगा। EMISAT दुश्मन के रेडार की जानकारी देगा। इसरो ने इसके अलावा 28 सैटलाइट्स को भी लॉन्च किया था। इन 28 सैटलाइट्स में 24 अमेरिकी उपग्रह शामिल हैं।
- इसरो का यह पहला ऐसा मिशन है, जिसे तीन अलग-अलग कक्षाओं में सैटलाइट्स को स्थापित करने के लिए भेजा गया।
- पीएसएलवी C45 के जरिए जो सैटलाइट्स लॉन्च हुए, उनमें सबसे महत्वपूर्ण है EMISAT यानी इलेक्ट्रॉनिक इंटेलिजेंस सैटलाइट। यह डीआरडीओ को डिफेंस रिसर्च में मदद करेगा।
- EMISAT के अलावा इसरो ने अपने रॉकेट के जरिए दूसरे देशों के भी 28 सैटलाइट्स अंतरिक्ष की कक्षा में स्थापित किए। इनमें अमेरिका के 24, लिथुआनिया का 1, स्पेन का 1 और स्विट्जरलैंड का 1 सैटलाइट शामिल है।
- यह इसरो का 47वां पीएसएलवी प्रोग्राम है, जबकि ऐसा पहला है, जिसके जरिए इलेक्ट्रॉनिक इंटेलिजेंस सैटलाइट को लॉन्च किया गया है। पहले रॉकेट ने 749 किलोमीटर की कक्षा में EMISAT को स्थापित किया। इसके बाद 504 किलोमीटर ऑर्बिट पर 28 अन्य सैटलाइट्स को लॉन्च किया गया।
- इस मिशन को पहले 12 मार्च को ही लॉन्च किए जाने की योजना थी, लेकिन खराब मौसम के चलते इसे 1 अप्रैल तक के लिए टाल दिया गया था।
- इस सैटलाइट मिशन पर इसरो और डीआरडीओ ने संयुक्त तौर पर काम किया है।
- भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन का यह पहला ऐसा मिशन है, जिसे आम लोगों की मौजूदगी में लॉन्च किया गया। इसके लिए इसरो ने एक गैलरी तैयार की है, जिसमें 5,000 लोग बैठ सकेंगे। इस गैलरी से दो लॉन्चपैड दिखाई देंगे।
25/10/2018
Child Development & Psychology👩🏫
20/10/2018
👩🏫👩🏫Gyan Educational Hub👩🏫👩🏫