Excellent IAS academy

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EXCELLENT ACHIEVEMENTS within a short span of time.latest selected student SANDEEP JAISWAL(in UP PCS).

Excellent IAS Academy was established with a mission that students from Bareilly should lead the list of successful candidate in the UPSC examination and join the administrative services.

12/01/2026

स्वामी विवेकानन्द का जन्मदिवस (12 जनवरी की तिथि ) राष्ट्रीय युवा दिवस के रूप में मनाया जाता है । दुनिया के करोड़ों लोगों की तरह मैं भी स्वामी जी के व्यक्तित्व से बाल्यावस्था से प्रभावित होता रहा हूँ और उनके व्यक्तित्व से ऊर्जा प्राप्त करता रहा हूँ। प्रतिवर्ष बरेली स्थित हमारे संस्थान एक्सीलेंट आईएएस एकेडमी में बड़े धूमधाम से स्वामीजी की जयंती मनाई जाती है। अक्सर छात्र कहते हैं कि स्वामी विवेकानन्द के बारे में हम लोग सुने तो थे लेकिन वे इतने महान थे इसकी जानकारी हमें नहीं थी। छात्रों के इस कथन से मुझे महसूस होता है कि हमें अपने महापुरुषों के बारे में गहराई से जानने की आवश्यकता है। दुर्भाग्यवश तथाकथित धर्मनिरपेक्ष शिक्षा प्रणाली के कारण हमारे शैक्षणिक पाठ्यक्रम में ऐसे महापुरुषों के बारे में या तो जानकारी दी नहीं जाती है या दी भी जाती है तो अत्यंत सतही और औपचारिक। अतः आज स्वामीजी की जयंती पर सन् 1893 में अमेरिका के शिकागो शहर में विश्व धर्म संसद में उनके द्वारा दिए गए विश्व प्रसिद्ध भाषण के कुछ अंश प्रस्तुत कर रहा हूँ।
स्वामीजी के इस शिकागो भाषण के संबंध में बहुत-सी किंवदंतियाँ प्रचलित हो गई हैं जिनमें कुछ असत्य भी है। निम्नांकित उद्धृत अंश स्वामीजी के प्रसिद्ध जीवनीकार हंसराज रहबर की पुस्तक "योद्धा संन्यासी" से उद्धृत हैं :-
"मैं एक ऐसे धर्म का अनुयायी होने पर गर्व अनुभव करता हूँ जिसने संसार को सहिष्णुता तथा सार्वभौम स्वीकृति दोनो ही की शिक्षा दी। मुझे एक ऐसे देश का व्यक्ति होने का अभिमान है जिसने पृथ्वी के समस्त धर्मों और देशों के उत्पीड़ित और शरणार्थियों को आश्रय दिया है। मुझे आपको यह बताते हुए गर्व होता है कि हमने अपने वक्ष में यहूदियों के विशुद्धतम अवशिष्ट अंश को स्थान दिया जिन्होंने दक्षिण भारत आकर उसी वर्ष शरण ली थी जिस वर्ष उनका पवित्र मंदिर रोमन जाति के अत्याचार से धूल में मिल गया था। ऐसे धर्म का अनुयायी होने से मैं गर्व अनुभव करता हूँ जिसने महान जरथुष्ट( पारसी) जाति के अवशिष्ट अंश को शरण दी और जिसका पालन वह अब तक कर रहा है ।
साम्प्रदायिकधर्मिता और उनकी विभक्त वंशधर धर्मांधता इस सुंदर पृथ्वी पर बहुत समय तक राज्य कर चुकी है । वह पृथ्वी को हिंसा से भरती रही है ,उसको बारंबार मानवता के रक्त से नहलाती रही है ,सभ्यताओं को ध्वस्त करती और पूरे पूरे देशों को निराशा के गर्त में डालती रही है। यदि ये विभक्त दानवी नहीं होते तो मानव समाज आज की अवस्था से कहीं उन्नत हो गया होता । पर अब उनका समय आ गया है और मैं आंतरिक रूप से आशा करता हूं कि आज सुबह इसी सभा के सम्मान में जो घंटा ध्वनि हुई है वह समस्त धर्मांधता का तलवार या लेखनी के द्वारा होने वाले सभी उत्पीड़नों का तथा एक ही लक्ष्य की ओर अग्रसर होने वाले मानवों की पारस्परिक कटुताओं का मृत्युनिनाद सिद्ध हो"
"निश्चय ही हिन्दू अपने को पापी कहना अस्वीकार करता है। आप तो ईश्वर की संतान हैं। अमर आनंद के भागी हैं। पवित्र और पूर्ण आत्मा हैं। आप इस मर्त्य भूमि पर देवता हैं। आप भला पापी? मनुष्य को पापी कहना ही पाप है। वह मानव स्वरूप पर घोर लांछन है। आप उठें। हे सिंहों! आयें और इस मिथ्या धारणा को झटक कर दूर फेंक दें कि आप भेड़ हैं । आप हैं आत्मा, अमर आत्मा, मुक्त, आनंदमय और नित्य।
आप शरीर नहीं हैं ,जड़ तो आपके दास हैं न कि आप हैं दास जड़ के। " स्वामीजी के विचार युगयुग तक हमें प्रेरित करते रहेंगे।

अजीत कुमार सिंह
एक्सीलेंट आईएएस एकेडमी, बरेली🙏🙏🙏

01/01/2026
14/12/2025

कुछ अपवादों को छोड़कर भारतीय जनता पार्टी
जनाधारविहीन लोगों को ही महत्वपूर्ण पद क्यों प्रदान करती है?

07/12/2025

हार से रार है, जीत से प्यार है।
अगर ऐसा है जज्बा , तो बहार ही बहार है

01/12/2025

अनंत ऊर्जा और चेतना के साक्षात् रूप स्वामी विवेकानंद जी बाल्यावस्था से ही मेरे आदर्श रहे हैं। उनके विचारों में मेरे सभी धार्मिक और आध्यात्मिक उलझनों का सहज और सरल रूप में समाधान प्राप्त होता है। आज जब अधकचरे ज्ञान के गुमान में
बहुत से लोग मूर्तिपूजा और हिन्दू धर्म के बहुत से रीति रिवाजों को एक झटके में ही बिना सोचे विचारे अंधविश्वास और पाखंड कह करके उसकी निंदा करते हैं और अपने ही धर्म का उपहास उड़ाते हैं,
ऐसे लोगों को स्वामी विवेकानंद को अधिक से अधिक पढ़ना चाहिए।
और हां विवेकानन्द के मूल साहित्य को पढ़ना चाहिए न कि व्हॉट्सैप और इंस्टाग्राम
पर दी गई बातों को। स्वामी विवेकानन्द 150 साल पहले पैदा हुए किंतु उनके विचार आज भी पूरी तरह से प्रासंगिक हैं। एक कालजयी व्यक्तित्व की यही पहचान है।
वक्त की धूल उन्हें कभी धूमिल नहीं कर पाएगी।

14/11/2025

Daughter Asmita

14/11/2025

दिल्ली बम ब्लास्ट के बाद एक बार पुनः मेरा यह वीडियो अत्यंत प्रसंगिक प्रतीत हो रहा है-

14/11/2025

यदि भारत ने कई लड़ाइयां जीती तो इसी बहादुर
फील्ड मार्शल की वजह से।

31/10/2025

हिन्दी साहित्य के महान रचनाकार जिन्होंने अपने जीवन के 100 बसंत देखे,आज इस नश्वर शरीर को छोड़कर अनंत में विलीन हो गए। प्रोफेसर राम दरश मिश्र ने साहित्य की सभी विधाओं में अपनी रचनाएं की किंतु साहित्यिक गुटबाजी से वे सदैव परे रहे। वादों के विवाद से दूर रहने वाले रामदरश मिस्र जी ने जिंदगी से पूछा था 'तू ही बता ऐ जिंदगी?'। 'कांधे पर सूरज लिए' 'पथ का गीत गाते-गाते' आज वे विदा हो गए। उन्होंने अपने जीवन में हिन्दी साहित्य की कई पीढ़ियों को देखा। उनका अंत हिन्दी साहित्य के एक युग का अंत है। सभी हिन्दी साहित्यप्रेमियों की ओर से उनको विनम्र श्रद्धांजलि।

20/10/2025

आप सभी को दीपोत्सव की हार्दिक शुभकामनाएं! अजीत कुमार सिंह

12/10/2025

आज UP PCS EXAM 2025 में सम्मिलित हो रहे सभी अभ्यर्थियों को
हार्दिक शुभकामनाएं।
माइनस मार्किंग को दृष्टिगत रखते हुए प्रश्नपत्र को हल करें। अनावश्यक लोभ से बचें। याद रखें , प्रारंभिक परीक्षा केवल प्रवेश परीक्षा की तरह से है मुख्य परीक्षा के लिए ।अंतिम चयन में इसके अंकों का कोई महत्व नहीं होता। इसलिए अनावश्यक जोखिम न लें। सीसैट के प्रश्नपत्र को
हल्केपन में न लें।
समय का ध्यान रखें। BEST OF LUCK.
एक आवश्यक सूचना:
एक्सीलेंट आईएस एकेडमी शीघ्र ही रुहेलखंड विश्वविद्यालय के समीप एक नए लोकेशन पर आपके लिए उपलब्ध होगी।

05/09/2025

आज शिक्षक दिवस के शुभ अवसर पर अपने सभी पूर्व व वर्तमान छात्रों को हार्दिक शुभकामनाएं!
अजीत कुमार सिंह

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