ज्योतिष एक ज्ञान श्रंखला

  • Home
  • India
  • Bareilly
  • ज्योतिष एक ज्ञान श्रंखला

ज्योतिष एक ज्ञान श्रंखला astrological discussion

19/09/2023
17/08/2023

राम कों देख कर श्री जनक नंदनी
बाग़ में जा खड़ी की खड़ी रह गयी
राम देखे सिया, मा सिया राम कों
चारो अखिया लड़ी की लड़ी रह गयी
राम कों देख कर.....

19/07/2023

जब चन्द्रमा गोचर मे किसी ऐसे नक्षत्र मे संचरण करता है जिसका स्वामी गोचर मे वक्री हो नक्ष्त्र का स्वामी ग्रह जिस भाव का स्वामी है उससे सम्बंधित मन बुरी तरह से प्रभावित रहता है

06/04/2023

जय श्री राम

दुर्गा कवचनवरात्री के 9 दिनों मे इस दुर्गा कवच का पाठ सभी करने का प्रयास करें
26/09/2022

दुर्गा कवच
नवरात्री के 9 दिनों मे इस दुर्गा कवच का पाठ सभी करने का प्रयास करें

24/09/2022

👉शारदीय नवरात्रि में माँ की उपासना के लिये दुर्गा सप्तशती...
अनुष्ठान विधि.....

दुर्गा सप्तशती के अध्याय पाठन से संकल्प अनुसार कामनापूर्ति

1- प्रथम अध्याय- हर प्रकार की चिंता मिटाने के लिए।

2- द्वितीय अध्याय- मुकदमा झगडा आदि में विजय पाने के लिए।

3- तृतीय अध्याय- शत्रु से छुटकारा पाने के लिये।
4- चतुर्थ अध्याय- भक्ति शक्ति तथा दर्शन के लिये।
5- पंचम अध्याय- भक्ति शक्ति तथा दर्शन के लिए।
6- षष्ठम अध्याय- डर, शक, बाधा ह टाने के लिये।
7- सप्तम अध्याय- हर कामना पूर्ण करने के लिये।
8- अष्टम अध्याय- मिलाप व वशीकरण के लिये।
9- नवम अध्याय- गुमशुदा की तलाश, हर प्रकार की कामना एवं पुत्र आदि के लिये।

10- दशम अध्याय- गुमशुदा की तलाश, हर प्रकार की कामना एवं पुत्र आदि के लिये।

11- एकादश अध्याय- व्यापार व सुख-संपत्ति की प्राप्ति के लिये।

12- द्वादश अध्याय- मान-सम्मान तथा लाभ प्राप्ति के लिये।

13- त्रयोदश अध्याय- भक्ति प्राप्ति के लिये।

👉सामान्य विधि....

नवार्ण मंत्र जप और सप्तशती न्यास के बाद तेरह अध्यायों का क्रमशः पाठ, प्राचीन काल में कीलक, कवच और अर्गला का पाठ भी सप्तशती के मूल मंत्रों के साथ ही किया जाता रहा है।
आज इसमें अथर्वशीर्ष, कुंजिका मंत्र, वेदोक्त रात्रि देवी सूक्त आदि का पाठ भी समाहित है जिससे साधक एक घंटे में देवी पाठ करते हैं।

👉अन्त्याद्यार्कद्विरुद्रत्रिदिगळ्य्यङ्केष्विभर्तवः ।
अश्वोऽश्व इति सर्गाणां शापोद्धारे मनो: क्रमः ॥ ' 'उत्कीलने चरित्राणां मध्याद्यन्तमिति
क्रमः।

अर्थात् सप्तशती के अध्यायों का तेरह- एक, बारह-दो, ग्यारह-तीन, दस-चार, नौ-पाँच तथा आठ-छ:के क्रम से पाठ करके अन्त में सातवें अध्याय को दो बार पढ़े। यह शापोद्धार है और पहले मध्यम चरित्रका, फिर प्रथम चरित्र का, तत्पश्चात् उत्तर चरित्र का पाठ करना उत्कीलन है।

Address

Bareilly
242003

Telephone

9457257157

Website

Alerts

Be the first to know and let us send you an email when ज्योतिष एक ज्ञान श्रंखला posts news and promotions. Your email address will not be used for any other purpose, and you can unsubscribe at any time.

Contact The School

Send a message to ज्योतिष एक ज्ञान श्रंखला:

Shortcuts

Share

Category